लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: SIT जांच शुरू, नेताओं ने दोषियों को न बख्शने का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में कई छात्रों की जान जाने के बाद 23 जून को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जबकि विभिन्न दलों के नेताओं ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सरकार की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, 'लखनऊ के कोचिंग संस्थान में आग लगने से छात्रों की दुखद मौत हुई है। यह बेहद पीड़ादायक घटना है और सरकार की संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।' वहीं, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में SIT का गठन किया है और जांच की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में चार अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।
भाजपा नेताओं का रुख
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अलीगंज हादसे को 'अत्यंत दुखद' बताते हुए कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के इलाज को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।' BJP प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने भी कहा कि योगी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
केंद्र और अन्य दलों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही NDRF की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और जिला व राज्य प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने घटना को 'हृदय विदारक' करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट समेत अन्य कारणों की चर्चा हो रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
फॉरेंसिक जांच और साक्ष्य संग्रह
मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी अलीगंज स्थित घटनास्थल पर पहुँची और साक्ष्य जुटाने का कार्य शुरू कर दिया। जांच एजेंसियाँ आग लगने के कारणों और सुरक्षा संबंधी संभावित लापरवाहियों की गहन पड़ताल कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
SIT की जांच रिपोर्ट आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन और नियामक निगरानी की खामियों को उजागर किया है।