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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: SIT जांच शुरू, नेताओं ने दोषियों को न बख्शने का दिया भरोसा

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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: SIT जांच शुरू, नेताओं ने दोषियों को न बख्शने का दिया भरोसा

सारांश

लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में भीषण आग से कई छात्रों की जान गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT गठित की, चार अधिकारी निलंबित हुए और FSL टीम ने साक्ष्य जुटाने शुरू किए। नेताओं ने एकसुर में दोषियों को न बख्शने का वादा किया।

मुख्य बातें

लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड में कई छात्रों की मौत हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में SIT का गठन किया; 4 अधिकारी निलंबित ।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही NDRF टीम मौके पर पहुँची।
फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल पर साक्ष्य संग्रह शुरू किया; प्रारंभिक संदेह शॉर्ट सर्किट पर।
BJP, JDU और UP सरकार के मंत्रियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में कई छात्रों की जान जाने के बाद 23 जून को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जबकि विभिन्न दलों के नेताओं ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

सरकार की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, 'लखनऊ के कोचिंग संस्थान में आग लगने से छात्रों की दुखद मौत हुई है। यह बेहद पीड़ादायक घटना है और सरकार की संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।' वहीं, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में SIT का गठन किया है और जांच की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में चार अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।

भाजपा नेताओं का रुख

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अलीगंज हादसे को 'अत्यंत दुखद' बताते हुए कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के इलाज को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।' BJP प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने भी कहा कि योगी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

केंद्र और अन्य दलों की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही NDRF की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और जिला व राज्य प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने घटना को 'हृदय विदारक' करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट समेत अन्य कारणों की चर्चा हो रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

फॉरेंसिक जांच और साक्ष्य संग्रह

मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी अलीगंज स्थित घटनास्थल पर पहुँची और साक्ष्य जुटाने का कार्य शुरू कर दिया। जांच एजेंसियाँ आग लगने के कारणों और सुरक्षा संबंधी संभावित लापरवाहियों की गहन पड़ताल कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

SIT की जांच रिपोर्ट आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन और नियामक निगरानी की खामियों को उजागर किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्थागत अनदेखी जारी रहती है। SIT और FSL जांच स्वागत योग्य कदम हैं, परंतु असली सवाल यह है कि संस्थान बिना वैध फायर NOC के कैसे संचालित होता रहा। चार अधिकारियों का निलंबन तात्कालिक जवाबदेही का संकेत है, लेकिन यदि नियामक तंत्र में सुधार नहीं हुआ तो यह त्रासदी दोहराई जाएगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में आग कब और कैसे लगी?
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में 23 जून को भीषण आग लगी, जिसमें कई छात्रों की मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण बताया जा रहा है, हालाँकि अंतिम निष्कर्ष FSL और SIT की जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएगा।
लखनऊ अग्निकांड में SIT का गठन किसने किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इसके साथ ही फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।
लखनऊ कोचिंग आग हादसे में कितने अधिकारी निलंबित हुए?
रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और अधिक कड़ी कार्रवाई का संकेत दे चुकी है।
NDRF की टीम लखनऊ अग्निकांड स्थल पर कब पहुँची?
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही NDRF की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और जिला व राज्य प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया।
लखनऊ कोचिंग सेंटर आग के बाद आगे क्या होगा?
SIT और FSL की जांच पूरी होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। साथ ही सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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