अलीगंज अग्निकांड: ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर हमला — '15 मौतें आपकी सरकार के भ्रष्टाचार का नतीजा'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 23 जून को अलीगंज अग्निकांड पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया। पाठक ने आरोप लगाया कि जिस अवैध इमारत में आग लगी और 15 लोगों की जान गई, उसका निर्माण एवं संरक्षण अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री काल में हुआ था। उन्होंने कहा कि विपक्ष को मृतकों पर राजनीति करने के बजाय अपने कार्यकाल की जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
मुख्य आरोप: अखिलेश सरकार में हुआ 'असली खेल'
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रश्नगत भवन 1980 में लॉटरी के माध्यम से आवंटित हुआ था, लेकिन निर्माण की असली कहानी अखिलेश यादव के शासनकाल में लिखी गई। उनके अनुसार, 20 अगस्त 2014 को तत्कालीन सरकार ने 1,992 वर्गफुट का आवासीय नक्शा पास किया। 2016 में अवैध निर्माण का मुकदमा दर्ज हुआ और 10 मई 2016 को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया।
पाठक ने कहा कि इसके मात्र दो महीने बाद, 5 जुलाई 2016 को, अखिलेश सरकार ने वह ध्वस्तीकरण आदेश रद्द कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यह निर्णय किसके दबाव में लिया गया। उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि सैटेलाइट तस्वीरें भी इस पूरे घटनाक्रम को उजागर करती हैं — दिसंबर 2015 में प्लॉट खाली था, फरवरी 2016 में निर्माण आरंभ हुआ और जून 2016 तक इमारत तैयार हो गई।
योगी सरकार की तत्काल कार्रवाई
पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर तत्काल घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उसी रात कार्रवाई शुरू करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित किया गया। घटना की विस्तृत जाँच के लिए एसआईटी (विशेष जाँच दल) का गठन भी कर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति इस अग्निकांड में जवाबदेह पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
विपक्ष पर निशाना: 'एसी कमरे में राजनीति'
पाठक ने अखिलेश यादव पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जब 15 परिवार अपने प्रियजनों को खोने के दर्द में डूबे हैं, तब विपक्ष के नेता वातानुकूलित कमरों में बैठकर राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सरकार के भ्रष्टाचार के 'इकोसिस्टम' ने पूरे प्रदेश में ऐसी खतरनाक और अवैध इमारतों को पनपने का मौका दिया, जो आज आम नागरिकों की जान ले रही हैं।
जवाबदेही का सवाल
उपमुख्यमंत्री ने पूछा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में अवैध निर्माण पर किसी अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई और क्या कोई जवाबदेही तय की गई। उन्होंने दावा किया कि इसका उत्तर 'बिल्कुल नहीं' है। पाठक ने इस अग्निकांड को तत्कालीन सपा सरकार की भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण बताया।
एसआईटी जाँच के नतीजे और आगे की कानूनी कार्रवाई यह तय करेगी कि इस त्रासदी के लिए वास्तविक जिम्मेदारी किस पर निर्धारित होती है।