लखनऊ अग्निकांड 'संस्थागत हत्या' — कांग्रेस की माँग: CM योगी माफी माँगें, सरकार पर हो हत्या का मुकदमा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 23 जून को लखनऊ अग्निकांड को महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे 'संस्थागत हत्या' करार दिया और माँग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक रूप से माफी माँगें तथा राज्य सरकार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल मुआवज़े की घोषणा से मृतक बच्चों के परिजनों का दुख कम नहीं होगा।
अग्निकांड पर कांग्रेस का रुख
सुरेंद्र राजपूत ने कहा, 'यह घटना अत्यंत दुखद है। भविष्य का सपना संजोने वाले बच्चों की असमय मृत्यु ने सबको झकझोर दिया है।' उन्होंने सिस्टम की जड़ में भ्रष्टाचार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा, 'अधिकारी घूस लेकर बिल्डिंग बनाते हैं और ठेकेदार-व्यापारी घूस देकर बिल्डिंग बनवाते हैं। पूरे सिस्टम में खराबी है, यह एक आदमी से ठीक नहीं हो सकता।'
राजपूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सिस्टम की कमी और लापरवाही से बच्चों की मौत हुई है और यह हादसा नहीं बल्कि संस्थागत हत्या है। सरकार के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।'
SIT गठन पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस मामले में एसआईटी (SIT) गठित किए जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार 80 से अधिक मामलों में एसआईटी गठित कर चुकी है, लेकिन इनमें से कितने मामलों में दोषियों को सज़ा मिली, यह आज तक सामने नहीं आया। उनके अनुसार, 'एसआईटी तो अपराधियों को बचाने का एक तरीका है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले दो अन्य इमारतों में हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
TMC और शिवसेना पर कांग्रेस का आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में ममता बनर्जी की जगह अरूप रॉय को नया चेयरमैन बनाए जाने के घटनाक्रम पर राजपूत ने आरोप लगाया कि यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर हुआ है। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने पहले विधायकों को खरीदा और अब पूरी पार्टी का अपहरण करने की कोशिश कर रही है।'
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' को सफल बताने वाले बयान पर भी राजपूत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'ये वे लोग हैं, जो उद्धव ठाकरे की मदद से शिवसेना (यूबीटी) के चुनाव चिह्न पर जीते थे। बाद में इन सभी ने भाजपा के प्रलोभन के चलते पाला बदल लिया।' उनके अनुसार, ईडी, सीबीआई और पुलिस का दुरुपयोग कर सांसदों को दलबदल के लिए मजबूर किया गया।
सरकार से जवाबदेही की माँग
राजपूत ने सरकार से आह्वान किया कि यदि वह वाकई कार्रवाई चाहती है, तो पहले अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करे। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता के सामने स्वीकार करें कि हमसे गलती हुई है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब लखनऊ अग्निकांड को लेकर विपक्ष और नागरिक समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि इस तरह की घटनाएँ भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और अनुमति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की बार-बार उठती आवाज़ों को फिर से केंद्र में ले आती हैं।