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लखनऊ अग्निकांड 'संस्थागत हत्या' — कांग्रेस की माँग: CM योगी माफी माँगें, सरकार पर हो हत्या का मुकदमा

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लखनऊ अग्निकांड 'संस्थागत हत्या' — कांग्रेस की माँग: CM योगी माफी माँगें, सरकार पर हो हत्या का मुकदमा

सारांश

लखनऊ अग्निकांड पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने SIT गठन को 'अपराधियों को बचाने का तरीका' बताया और CM योगी से सार्वजनिक माफी की माँग की। साथ ही शिवसेना (यूबीटी) सांसदों के दलबदल और TMC में नेतृत्व परिवर्तन को भाजपा की 'लोकतंत्र-विरोधी साजिश' करार दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने लखनऊ अग्निकांड को 'संस्थागत हत्या' बताया और राज्य सरकार पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की माँग की।
CM योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित SIT को राजपूत ने 'अपराधियों को बचाने का तरीका' करार दिया; सरकार अब तक 80 से अधिक मामलों में SIT बना चुकी है।
राजपूत ने माँग की कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी माँगें और सिर्फ मुआवज़े की घोषणा से काम नहीं चलेगा।
TMC में ममता बनर्जी की जगह अरूप रॉय को चेयरमैन बनाने को कांग्रेस ने BJP की 'पार्टी-अपहरण' की कोशिश बताया।
शिवसेना (यूबीटी) सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने पर राजपूत ने ईडी, सीबीआई और प्रलोभन के ज़रिये दलबदल कराने का आरोप लगाया।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 23 जून को लखनऊ अग्निकांड को महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे 'संस्थागत हत्या' करार दिया और माँग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक रूप से माफी माँगें तथा राज्य सरकार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल मुआवज़े की घोषणा से मृतक बच्चों के परिजनों का दुख कम नहीं होगा।

अग्निकांड पर कांग्रेस का रुख

सुरेंद्र राजपूत ने कहा, 'यह घटना अत्यंत दुखद है। भविष्य का सपना संजोने वाले बच्चों की असमय मृत्यु ने सबको झकझोर दिया है।' उन्होंने सिस्टम की जड़ में भ्रष्टाचार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा, 'अधिकारी घूस लेकर बिल्डिंग बनाते हैं और ठेकेदार-व्यापारी घूस देकर बिल्डिंग बनवाते हैं। पूरे सिस्टम में खराबी है, यह एक आदमी से ठीक नहीं हो सकता।'

राजपूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सिस्टम की कमी और लापरवाही से बच्चों की मौत हुई है और यह हादसा नहीं बल्कि संस्थागत हत्या है। सरकार के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।'

SIT गठन पर सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस मामले में एसआईटी (SIT) गठित किए जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार 80 से अधिक मामलों में एसआईटी गठित कर चुकी है, लेकिन इनमें से कितने मामलों में दोषियों को सज़ा मिली, यह आज तक सामने नहीं आया। उनके अनुसार, 'एसआईटी तो अपराधियों को बचाने का एक तरीका है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले दो अन्य इमारतों में हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

TMC और शिवसेना पर कांग्रेस का आरोप

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में ममता बनर्जी की जगह अरूप रॉय को नया चेयरमैन बनाए जाने के घटनाक्रम पर राजपूत ने आरोप लगाया कि यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर हुआ है। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने पहले विधायकों को खरीदा और अब पूरी पार्टी का अपहरण करने की कोशिश कर रही है।'

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' को सफल बताने वाले बयान पर भी राजपूत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'ये वे लोग हैं, जो उद्धव ठाकरे की मदद से शिवसेना (यूबीटी) के चुनाव चिह्न पर जीते थे। बाद में इन सभी ने भाजपा के प्रलोभन के चलते पाला बदल लिया।' उनके अनुसार, ईडी, सीबीआई और पुलिस का दुरुपयोग कर सांसदों को दलबदल के लिए मजबूर किया गया।

सरकार से जवाबदेही की माँग

राजपूत ने सरकार से आह्वान किया कि यदि वह वाकई कार्रवाई चाहती है, तो पहले अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करे। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता के सामने स्वीकार करें कि हमसे गलती हुई है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब लखनऊ अग्निकांड को लेकर विपक्ष और नागरिक समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि इस तरह की घटनाएँ भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और अनुमति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की बार-बार उठती आवाज़ों को फिर से केंद्र में ले आती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस गहरी संरचनात्मक समस्या की तरफ इशारा करता है जिसे हर बड़े हादसे के बाद नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है — भवन निर्माण अनुमति में भ्रष्टाचार और जवाबदेही का पूर्ण अभाव। 80 से अधिक SIT गठन का आँकड़ा खुद बताता है कि जाँच एक रस्म बन चुकी है, नतीजा नहीं। असली सवाल यह है कि क्या इस बार दोषियों को — चाहे वे अधिकारी हों, ठेकेदार हों या नीति-निर्माता — वास्तविक कानूनी परिणाम भुगतने होंगे, या यह त्रासदी भी पिछली घटनाओं की तरह फाइलों में दफन हो जाएगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ अग्निकांड में कांग्रेस ने क्या माँग की है?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इस घटना को 'संस्थागत हत्या' बताते हुए राज्य सरकार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की है। उन्होंने कहा कि केवल मुआवज़े की घोषणा पर्याप्त नहीं है।
CM योगी द्वारा गठित SIT पर कांग्रेस का क्या कहना है?
कांग्रेस प्रवक्ता ने SIT को 'अपराधियों को बचाने का तरीका' बताया। उन्होंने कहा कि सरकार 80 से अधिक मामलों में SIT गठित कर चुकी है, लेकिन इनमें से कितने मामलों में दोषियों को सज़ा मिली, यह आज तक सामने नहीं आया।
TMC में अरूप रॉय को चेयरमैन बनाने पर कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की जगह अरूप रॉय को TMC का नया चेयरमैन बनाना BJP के इशारे पर हुआ है। उन्होंने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' और 'पूरी पार्टी का अपहरण' करने की कोशिश बताया।
शिवसेना (यूबीटी) सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने पर कांग्रेस ने क्या कहा?
राजपूत ने कहा कि ये सांसद उद्धव ठाकरे की मदद से शिवसेना (यूबीटी) के चुनाव चिह्न पर जीते थे और बाद में भाजपा के प्रलोभन के चलते पाला बदल लिया। उन्होंने ईडी, सीबीआई और महाराष्ट्र पुलिस के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया।
लखनऊ अग्निकांड में भ्रष्टाचार की भूमिका पर कांग्रेस ने क्या कहा?
राजपूत ने कहा कि अधिकारी घूस लेकर और ठेकेदार घूस देकर अवैध निर्माण करते-करवाते हैं, जिससे पूरा सिस्टम दोषपूर्ण हो चुका है। उनके अनुसार यह समस्या किसी एक व्यक्ति के कार्रवाई करने से नहीं सुलझेगी — इसके लिए व्यापक प्रणालीगत सुधार ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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