10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लखनऊ अग्निकांड: CM योगी ने बनाई 2 सदस्यीय SIT, 7 दिन में रिपोर्ट; मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख मुआवजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लखनऊ अग्निकांड: CM योगी ने बनाई 2 सदस्यीय SIT, 7 दिन में रिपोर्ट; मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख मुआवजा

सारांश

लखनऊ के अलीगंज में भीषण अग्निकांड के बाद CM योगी ने सभी कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल का दौरा किया, 2 सदस्यीय SIT बनाई और 7 दिन में रिपोर्ट तलब की। मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवजे का ऐलान किया गया।

मुख्य बातें

लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में भीषण अग्निकांड के बाद CM योगी आदित्यनाथ ने 22 जून 2026 को अपने सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द किए।
दो सदस्यीय SIT गठित — अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और ADG लखनऊ जोन प्रवीण कुमार शामिल।
SIT को 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश।
मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता की घोषणा।
CM ने KGMU में घायल बच्चों से मुलाकात की; हाथरस में ₹548 करोड़ की 143 परियोजनाओं का उद्घाटन स्थगित।
दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश, सरकार ने पीड़ित परिवारों को पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 22 जून 2026 को अपने सभी सरकारी कार्यक्रम तत्काल रद्द कर दिए और हाई-लेवल समीक्षा बैठक के बाद दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT को 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।

SIT का गठन और जांच का दायरा

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, CM योगी की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में दुर्घटना की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसी बैठक में SIT के गठन का निर्णय लिया गया।

SIT में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, धर्मार्थ एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। दोनों अधिकारियों को घटना की विस्तृत जांच कर 7 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपनी होगी। CM ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम रद्द, घटनास्थल पर पहुंचे योगी

अग्निकांड के समय CM योगी अलीगढ़ में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने अपना दौरा बीच में रोककर तत्काल लखनऊ के लिए प्रस्थान किया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री को मंगलवार को हाथरस में ₹548 करोड़ की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करना था, तथा आगरा में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी करनी थी — किंतु अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए ये सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए।

CM योगी सीधे अलीगंज स्थित घटनास्थल पहुंचे, जली हुई इमारत का निरीक्षण किया और पास के भवन की छत पर जाकर भी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से हादसे का पूरा ब्यौरा लिया।

KGMU में घायलों से मुलाकात

घटनास्थल निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की। KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री को घायलों के उपचार की विस्तृत जानकारी दी। CM ने अस्पताल प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

मुआवजा और सरकार का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों के परिवारों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। CM योगी ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। SIT की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आग लगने के पीछे कौन-सी लापरवाही या उल्लंघन जिम्मेदार था।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अलीगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाके में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कब तक होती रहेगी। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में व्यावसायिक और आवासीय भवनों में आग की घटनाएं बार-बार सामने आई हैं, और हर बार SIT या जांच समिति बनाई जाती है — पर अग्नि सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्थागत कमज़ोरियां बनी रहती हैं। ₹5 लाख का मुआवजा पीड़ित परिवारों की तात्कालिक ज़रूरत पूरी कर सकता है, किंतु दीर्घकालिक जवाबदेही के लिए SIT रिपोर्ट के बाद की कार्रवाई ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए बनी SIT में कौन हैं?
SIT में दो सदस्य हैं — अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, धर्मार्थ एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार । दोनों को 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपनी है।
लखनऊ अग्निकांड में मृतकों और घायलों को कितना मुआवजा मिलेगा?
CM योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह सहायता राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड के बाद CM योगी ने कौन-से कार्यक्रम रद्द किए?
CM योगी को मंगलवार को हाथरस में ₹548 करोड़ की 143 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आगरा में कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करनी थी। अग्निकांड की गंभीरता के कारण ये सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए।
CM योगी ने घटनास्थल पर पहुंचकर क्या किया?
CM योगी ने अलीगंज स्थित घटनास्थल पर जली हुई इमारत का निरीक्षण किया और पास के भवन की छत से भी स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद वे KGMU पहुंचे, जहां उन्होंने घायल बच्चों और परिजनों से मुलाकात की और बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
लखनऊ अग्निकांड की SIT रिपोर्ट कब तक आएगी?
CM योगी के निर्देशानुसार SIT को 7 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट के आधार पर घटना के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले