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एसपी बालासुब्रमण्यम की पुण्यतिथि: 6 राष्ट्रीय पुरस्कार, पद्म विभूषण — एक अविस्मरणीय विरासत

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एसपी बालासुब्रमण्यम की पुण्यतिथि: 6 राष्ट्रीय पुरस्कार, पद्म विभूषण — एक अविस्मरणीय विरासत

सारांश

25 सितंबर को एसपी बालासुब्रमण्यम की पुण्यतिथि है — एक ऐसे कलाकार की जिन्होंने 16 भाषाओं में 40,000 से अधिक गाने गाए, 6 राष्ट्रीय पुरस्कार और मरणोपरांत पद्म विभूषण हासिल किया। उनकी विरासत सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की आत्मा है।

मुख्य बातें

एसपी बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते — तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और तमिल फिल्मों के लिए।
पहला राष्ट्रीय पुरस्कार 1979 में तेलुगु फिल्म 'शंकराभरणम' के लिए और छठा 1996 में तमिल फिल्म 'मिनसारा कनवु' के लिए मिला।
भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री (2001) , पद्म भूषण (2011) और मरणोपरांत पद्म विभूषण (2021) से सम्मानित किया।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 25 नंदी पुरस्कार , कलैमामणि और कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार (2008) भी जीते।
उन्होंने 16 भाषाओं में 40,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए और प्लेबैक गायन के अलावा अभिनय, संगीत निर्देशन व फिल्म निर्माण में भी काम किया।
25 सितंबर 2020 को उनका निधन हुआ था।

दिवंगत महान गायक एसपी बालासुब्रमण्यम की 25 सितंबर 2024 को पुण्यतिथि पर उनकी असाधारण उपलब्धियाँ एक बार फिर चर्चा में हैं — 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, तीन पद्म सम्मान और दशकों तक 16 भाषाओं में 40,000 से अधिक गानों का विस्मयकारी सफर। 25 सितंबर 2020 को इस महान कलाकार का निधन हुआ था, लेकिन उनकी आवाज़ आज भी भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम अध्यायों में जीवित है।

राष्ट्रीय पुरस्कारों का अटूट सिलसिला

बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में 6 बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता — यह उपलब्धि उन्हें भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में एक विशिष्ट स्थान पर स्थापित करती है। उनका पहला राष्ट्रीय पुरस्कार 1979 की तेलुगु फिल्म 'शंकराभरणम' के लिए मिला, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत और लोकप्रिय सिनेमा के संगम की एक मील का पत्थर मानी जाती है।

इसके बाद 1981 में हिंदी फिल्म 'एक दूजे के लिए' के गीत 'तेरे मेरे बीच में' के लिए उन्हें बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। यह वह दौर था जब उनकी आवाज़ हिंदी सिनेमा में भी तेज़ी से अपनी जगह बना रही थी — तेलुगु सिनेमा की ज़मीन से उठकर मुंबई के फिल्म उद्योग के केंद्र तक पहुँचना कम उल्लेखनीय नहीं था।

तेलुगु, कन्नड़ और तमिल — हर भाषा में अव्वल

1983 में तेलुगु फिल्म 'सागर संगमम' और 1988 में 'रुद्रवीणा' के लिए उन्हें फिर राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा गया। ये सम्मान इस बात के प्रमाण थे कि उनकी गायकी किसी एक संगीत शैली या किरदार तक सीमित नहीं थी — वे हर तरह की भावना और हर तरह के पात्र को अपनी आवाज़ से जीवंत करने में सिद्धहस्त थे।

1995 में कन्नड़ फिल्म 'संगीत सागर गानयोगी पंचाक्षर गवई' के लिए उन्हें पाँचवाँ राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इसके ठीक अगले वर्ष 1996 में तमिल फिल्म 'मिनसारा कनवु' के गीत 'थंगा थमराई' के लिए छठा और अंतिम राष्ट्रीय पुरस्कार उनके नाम दर्ज हुआ। गौरतलब है कि लगभग दो दशकों के दौरान चार भिन्न भाषाओं — तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और तमिल — में यह सम्मान पाना किसी भी गायक के लिए असाधारण उपलब्धि है।

पद्म श्री से पद्म विभूषण तक

राष्ट्रीय पुरस्कारों के अलावा भारत सरकार ने उन्हें 2001 में पद्म श्री और 2011 में पद्म भूषण से सम्मानित किया। 25 सितंबर 2020 को उनके निधन के बाद, 2021 में उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से विभूषित किया गया — यह भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। राष्ट्रपति सचिवालय की आधिकारिक अधिसूचना में उनका नाम 2021 के पद्म विभूषण प्राप्तकर्ताओं में दर्ज है।

यह ऐसे समय में आया जब पूरा देश उनकी विदाई के दुख से उबर ही रहा था। मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान ने देश की उनके प्रति कृतज्ञता को औपचारिक रूप दिया।

राज्य सम्मान और अन्य उपलब्धियाँ

बालासुब्रमण्यम को आंध्र प्रदेश के प्रतिष्ठित नंदी पुरस्कारों से उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 25 बार विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इसके अलावा तमिलनाडु सरकार का कलैमामणि पुरस्कार और 2008 में कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार भी उनके नाम दर्ज है। उन्हें कई मानद डॉक्टरेट उपाधियाँ भी प्रदान की गईं।

प्लेबैक गायन के अलावा उन्होंने अभिनय, संगीत निर्देशन, डबिंग और फिल्म निर्माण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया — यह बहुमुखी प्रतिभा उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत में वास्तव में अद्वितीय बनाती थी।

एक कालजयी विरासत

पाँच दशकों से अधिक के सक्रिय करियर में 16 भाषाओं में 40,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड कर बालासुब्रमण्यम ने भारतीय फिल्म संगीत को एक नई ऊँचाई दी। उनकी आवाज़ ने अलग-अलग पीढ़ियों के अभिनेताओं को परदे पर जीवंत किया। 25 सितंबर को उनकी पुण्यतिथि पर उनके करोड़ों प्रशंसक उन्हें याद करते हैं — और उनके गाने आज भी उतने ही ताज़े और प्रासंगिक लगते हैं जितने दशकों पहले थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

उस दौर में चार भाषाओं में राष्ट्रीय पुरस्कार जीतना एक सांस्कृतिक पुल बनाने जैसा था। मरणोपरांत पद्म विभूषण की घोषणा ने देर से ही सही, उस योगदान को सर्वोच्च राजकीय स्वीकृति दी। लेकिन यह भी सोचने वाली बात है कि क्या भारतीय संगीत उद्योग ऐसे बहुभाषी प्रतिभाओं को उनके जीवनकाल में ही वह केंद्रीय सम्मान देता है, जिसके वे हकदार हैं — या उनकी विरासत को पहचानने के लिए हमें उनकी विदाई का इंतज़ार करना पड़ता है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसपी बालासुब्रमण्यम को कितने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले?
एसपी बालासुब्रमण्यम को अपने करियर में कुल 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। ये पुरस्कार 1979 से 1996 के बीच तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और तमिल फिल्मों के गानों के लिए प्रदान किए गए।
एसपी बालासुब्रमण्यम को पद्म विभूषण कब और क्यों मिला?
एसपी बालासुब्रमण्यम को 2021 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 25 सितंबर 2020 को उनके निधन के बाद भारत सरकार ने यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान उनकी भारतीय सिनेमा में असाधारण सेवाओं के लिए प्रदान किया। राष्ट्रपति सचिवालय की आधिकारिक अधिसूचना में उनका नाम 2021 के पद्म विभूषण प्राप्तकर्ताओं में दर्ज है।
एसपी बालासुब्रमण्यम ने कितनी भाषाओं में और कितने गाने गाए?
एसपी बालासुब्रमण्यम ने 16 भाषाओं में 40,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। इनमें तेलुगु, हिंदी, तमिल, कन्नड़ सहित कई अन्य भारतीय भाषाएँ शामिल हैं।
एसपी बालासुब्रमण्यम का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार किस फिल्म के लिए था?
उनका पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 1979 की तेलुगु फिल्म 'शंकराभरणम' के लिए मिला था। इसके बाद 1981 में हिंदी फिल्म 'एक दूजे के लिए' के गीत 'तेरे मेरे बीच में' के लिए उन्हें बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
एसपी बालासुब्रमण्यम की पुण्यतिथि कब है और उन्हें अन्य कौन से राज्य सम्मान मिले?
एसपी बालासुब्रमण्यम की पुण्यतिथि 25 सितंबर को है — उनका निधन 25 सितंबर 2020 को हुआ था। राष्ट्रीय पुरस्कारों के अलावा उन्हें उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 25 नंदी पुरस्कार, तमिलनाडु का कलैमामणि पुरस्कार और 2008 में कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार भी मिला।
राष्ट्र प्रेस
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