16 सितंबर 2026
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एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी जयंती 2026: भारत रत्न की विरासत को नेताओं का सादर नमन

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एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी जयंती 2026: भारत रत्न की विरासत को नेताओं का सादर नमन

सारांश

शास्त्रीय संगीत की दिव्य साधिका और भारत रत्न एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी की जयंती पर 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्रियों तक ने उन्हें नमन किया। उनकी स्वर-विरासत आज भी भारतीय संस्कृति की आत्मा को परिभाषित करती है।

मुख्य बातें

16 सितंबर 2026 को भारत रत्न एम.
सुब्बुलक्ष्मी की जयंती पर देशभर के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्हें 'भारतीय शास्त्रीय संगीत का गौरव' बताया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने उनके योगदान को 'अविस्मरणीय' और 'संगीत जगत की अमर धरोहर' कहा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.
मोहन यादव ने भी विशेष श्रद्धांजलि दी।
हर्षवर्धन ने उन्हें 'स्वर कोकिला' और भारतीय भक्ति संगीत की वैश्विक पहचान का प्रतीक बताया।

भारतीय शास्त्रीय संगीत की दिव्य साधिका और भारत रत्न से विभूषित एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी की जयंती पर बुधवार, 16 सितंबर 2026 को देशभर के वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने उन्हें हृदयपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर राज्यों के मुखियाओं तक, सभी ने एक स्वर में कहा कि उनकी स्वर-साधना ने भारतीय संगीत और संस्कृति को वैश्विक मंच पर अमिट पहचान दिलाई।

मुख्य घटनाक्रम

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'भारतीय शास्त्रीय संगीत की गौरव भारत रत्न एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी जी की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' उन्होंने सुब्बुलक्ष्मी को शास्त्रीय संगीत की अनमोल धरोहर बताया।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा, 'भारतीय शास्त्रीय संगीत की अमर साधिका, भारत रत्न एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में आपका अविस्मरणीय योगदान सदैव संगीत जगत के प्रशंसकों के दिलों में रहेगा।'

मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'भारत रत्न से सम्मानित, भारतीय शास्त्रीय संगीत की महान साधिका सुश्री एम. एस. सुब्बालक्ष्मी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन। अपनी दिव्य स्वर-साधना से उन्होंने भारतीय संगीत और संस्कृति को विश्वभर में गौरवान्वित किया।'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा, 'भारतीय शास्त्रीय संगीत की अमर साधिका, सुरों की साधना को समर्पित भारत रत्न एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी जी की जयंती पर सादर नमन करता हूं। उनके मधुर स्वरों में भक्ति, समर्पण और भारतीय संस्कृति की आत्मा का दिव्य स्पंदन अनुभव होता है। संगीत जगत में उनका अतुलनीय योगदान सदैव हमारी सांस्कृतिक विरासत को आलोकित करता रहेगा।'

भाजपा नेताओं का अभिवादन

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता डॉ. हर्षवर्धन ने 'स्वर कोकिला' को नमन करते हुए कहा, 'भारतीय शास्त्रीय संगीत की महान साधिका, स्वर कोकिला एवं भारत रत्न से सम्मानित एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी जी की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन एवं शत-शत नमन। अपने दिव्य स्वर और अद्वितीय साधना से उन्होंने भारतीय शास्त्रीय एवं भक्ति संगीत को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाई। उनकी संगीत साधना और कला के प्रति समर्पण सदैव संगीत प्रेमियों एवं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।'

एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी की विरासत

एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी भारतीय शास्त्रीय, विशेषतः कर्नाटक संगीत की उन विरल साधिकाओं में से थीं, जिन्होंने अपनी कला को देश की सीमाओं से परे ले जाकर अंतरराष्ट्रीय ख्याति अर्जित की। वे भारत रत्न से सम्मानित होने वाली पहली संगीतकार थीं। उनकी भक्ति-रचनाएँ और शास्त्रीय प्रस्तुतियाँ आज भी संगीत प्रेमियों के हृदय में बसी हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। गौरतलब है कि सुब्बुलक्ष्मी का संगीत आज भी नई पीढ़ियों को कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की ओर आकर्षित करता है।

आगे की दिशा

देशभर में सांस्कृतिक संस्थाओं और संगीत अकादमियों द्वारा उनकी जयंती पर विशेष कार्यक्रम और संगीत समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। नेताओं की यह एकजुट श्रद्धांजलि इस बात का प्रमाण है कि सुब्बुलक्ष्मी की स्वर-विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सुब्बुलक्ष्मी जैसी विरासत को केवल सोशल मीडिया पोस्ट से सम्मानित किया जा सकता है। भारतीय शास्त्रीय संगीत की संस्थाएँ — विशेषतः कर्नाटक संगीत से जुड़ी अकादमियाँ — वित्त और नीति-समर्थन की दृष्टि से अभी भी उपेक्षित हैं। राजनीतिक अभिवादन तब अर्थपूर्ण होते हैं जब वे ठोस सांस्कृतिक नीतियों के साथ आएँ — अन्यथा ये केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी कौन थीं और उनका भारतीय संगीत में क्या योगदान है?
एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी भारतीय कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की महान साधिका थीं, जिन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्राप्त हुआ। वे भारत रत्न पाने वाली पहली संगीतकार थीं और उनकी भक्ति-रचनाएँ आज भी विश्वभर के संगीत प्रेमियों को प्रेरित करती हैं।
एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी की जयंती कब मनाई जाती है?
एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी की जयंती प्रतिवर्ष 16 सितंबर को मनाई जाती है। इस वर्ष 16 सितंबर 2026 को उनकी जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
2026 में सुब्बुलक्ष्मी जयंती पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
16 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और BJP नेता डॉ. हर्षवर्धन समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्या एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी को भारत रत्न मिला था?
हाँ, एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था और वे यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय शास्त्रीय संगीतकार थीं। उनकी स्वर-साधना और भक्ति संगीत ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।
नेताओं ने सुब्बुलक्ष्मी की विरासत को किस प्रकार याद किया?
नेताओं ने उन्हें 'स्वर कोकिला', 'अमर साधिका' और 'भारतीय शास्त्रीय संगीत का गौरव' जैसी उपाधियों से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सुब्बुलक्ष्मी की दिव्य स्वर-साधना आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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