सेंसेक्स 242 अंक ऊपर, 74,246 पर खुला; एफएमसीजी स्टॉक्स में सबसे ज़्यादा खरीदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाज़ार ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को मज़बूत शुरुआत दर्ज की। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 242.54 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,246.36 पर था, जबकि एनएसई निफ्टी 50 83 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 23,201.60 पर कारोबार कर रहा था। तेज़ी की अगुवाई एफएमसीजी क्षेत्र कर रहा था, जो सबसे बड़ा लाभार्थी बना।
मुख्य सूचकांकों का हाल
शुरुआती कारोबार में निफ्टी एफएमसीजी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ टॉप गेनर सूचकांक रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंज़म्पशन, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज़, निफ्टी कमोडिटीज़ और निफ्टी आईटी सहित अधिकांश सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में थे। अपवाद के रूप में केवल निफ्टी इंडिया डिफेंस लाल निशान में था।
निफ्टी मिडकैप 100 95 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,975 पर था। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 5 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 19,416 पर था, जो लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में मिले-जुले कारोबार का संकेत देता है।
प्रमुख गेनर और लूज़र
गेनर्स में आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल), एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुज़ुकी, ट्रेंट, टाइटन, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस प्रमुख थे। दूसरी ओर, एनटीपीसी, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक और इटरनल गिरावट में थे।
एशियाई और अमेरिकी बाज़ारों का संदर्भ
वैश्विक संकेत मिले-जुले रहे। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता के बाज़ार हरे निशान में थे, जबकि हांगकांग और बैंकॉक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार कमज़ोरी के साथ बंद हुए — डाओ जोन्स 0.63 प्रतिशत और नैस्डैक 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार जानकारों के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें ऊँचे स्तर पर बनी हुई हैं, जो बड़ी रिकवरी की संभावना को सीमित करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ये दोनों प्रमुख मैक्रो-इकोनॉमिक कारक प्रतिकूल बने रहेंगे, तब तक टिकाऊ तेज़ी की उम्मीद रखना उचित नहीं होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने पिछले 5 कारोबारी दिनों से बाज़ार में लगातार बिकवाली की है। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 5 प्रतिशत के स्तर पर बने रहने के कारण, जानकारों का मानना है कि बाज़ार में हर छोटी तेज़ी पर एफआईआई की बिकवाली जारी रह सकती है। आगे चलकर निवेशकों की नज़र वैश्विक संकेतों और घरेलू मैक्रो डेटा पर बनी रहेगी।