16 सितंबर 2026
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मेरठ के मोदीपुरम STP में क्लोरीन गैस रिसाव, पल्लवपुरम फेस-2 के कई निवासी अस्पताल में भर्ती

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मेरठ के मोदीपुरम STP में क्लोरीन गैस रिसाव, पल्लवपुरम फेस-2 के कई निवासी अस्पताल में भर्ती

सारांश

मेरठ के मोदीपुरम में STP से क्लोरीन गैस रिसाव ने पल्लवपुरम फेस-2 के निवासियों में दहशत फैला दी। आँखों में जलन और साँस की तकलीफ से कई लोग अस्पताल पहुँचे। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अलर्ट जारी किया; STP सुरक्षा मानकों पर सवाल उठे।

मुख्य बातें

मेरठ के मोदीपुरम स्थित पल्लवपुरम फेस-2 के STP में 16 सितंबर 2026 को क्लोरीन गैस रिसाव हुआ।
गैस का प्रभाव प्लांट परिसर से 50 मीटर के दायरे तक रहने की प्रारंभिक आशंका अधिकारियों ने जताई।
आँखों में जलन और साँस लेने में कठिनाई से पीड़ित कई निवासियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पल्लवपुरम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अलर्ट जारी कर घर के दरवाजे-खिड़कियाँ बंद रखने की अपील की।
बच्चों, बुजुर्गों और साँस रोगियों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की विशेष सलाह दी गई।
तत्काल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं ; रिसाव नियंत्रण के प्रयास जारी।

मेरठ के मोदीपुरम स्थित पल्लवपुरम फेस-2 के एन पॉकेट में स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में 16 सितंबर 2026 को क्लोरीन गैस का रिसाव होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गैस की चपेट में आने से कई निवासियों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, रिसाव का प्रभाव प्लांट परिसर से करीब 50 मीटर के दायरे तक सीमित रहने की प्रारंभिक संभावना जताई गई।

घटनाक्रम: कैसे हुआ रिसाव

स्थानीय लोगों के अनुसार, STP परिसर में क्लोरीन गैस का रिसाव होते ही आसपास के क्षेत्रों में तेज गंध और धुंध फैल गई। गैस की सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया और रिसाव को रोकने के प्रयास शुरू किए गए। तत्काल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, हालाँकि स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास जारी रहे।

प्रभावित निवासियों की शिकायतें

गैस की चपेट में आए लोगों ने आँखों में जलन, साँस लेने में कठिनाई और अन्य शारीरिक तकलीफों की शिकायत की। कई प्रभावित व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से साँस की बीमारी से पीड़ित लोगों को क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई।

रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की सतर्कता

घटना की जानकारी मिलते ही पल्लवपुरम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने स्थानीय निवासियों को तत्काल अलर्ट जारी किया। लोगों से अपील की गई कि वे घबराएँ नहीं, घरों के दरवाजे और खिड़कियाँ बंद रखें, और बाहर मौजूद परिजनों को तुरंत घर लौटने की सूचना दें। एहतियात के तौर पर कई निवासियों ने घरों को बंद कर लिया, जबकि कुछ लोग घबराहट में बाहर निकल आए।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में STP की सुरक्षा व्यवस्था और रिसाव के कारणों को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के औद्योगिक और सार्वजनिक संयंत्रों में गैस रिसाव रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए जाते। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न शहरों में STP और औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। स्थिति को सामान्य करने और रिसाव के कारणों की जाँच के प्रयास फिलहाल जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक यह महज एक स्थानीय हादसा नहीं बल्कि शहरी बुनियादी ढाँचे की व्यापक लापरवाही का संकेत है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोदीपुरम STP में क्लोरीन गैस रिसाव क्या है?
मेरठ के मोदीपुरम स्थित पल्लवपुरम फेस-2 के एन पॉकेट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में 16 सितंबर 2026 को क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ। इससे आसपास के निवासियों में दहशत फैली और कई लोगों को स्वास्थ्य समस्याएँ हुईं।
गैस रिसाव से कितने लोग प्रभावित हुए?
रिपोर्टों के अनुसार, कई निवासियों की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोगों ने आँखों में जलन और साँस लेने में कठिनाई की शिकायत की। तत्काल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
क्लोरीन गैस रिसाव के क्या लक्षण होते हैं?
क्लोरीन गैस के संपर्क में आने पर आँखों में जलन, साँस लेने में कठिनाई, खाँसी और गले में जलन जैसे लक्षण सामने आते हैं। इस घटना में भी प्रभावित लोगों ने इन्हीं शिकायतों का उल्लेख किया।
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने क्या कदम उठाए?
पल्लवपुरम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने तत्काल अलर्ट जारी कर निवासियों से घर के दरवाजे-खिड़कियाँ बंद रखने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की। बाहर मौजूद परिजनों को तुरंत घर लौटने की सूचना देने को भी कहा गया।
STP में गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए क्या प्रयास हुए?
सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया और रिसाव को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए। अधिकारियों के अनुसार, प्लांट परिधि से करीब 50 मीटर के दायरे में गैस का प्रभाव सीमित रहने की संभावना थी, और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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