ईरान युद्ध पर अमेरिका के $38 अरब खर्च, CBO रिपोर्ट में महंगाई और मिसाइल भंडार की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) ने 16 सितंबर 2026 को जारी अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि जुलाई 2026 तक ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' पर पेंटागन का लगभग $38 अरब (38 बिलियन डॉलर) खर्च हो चुका था। CBO का अनुमान है कि यह संघर्ष जारी रहने पर हर माह $2 से $3 अरब का अतिरिक्त बोझ अमेरिकी खजाने पर पड़ता रहेगा।
खर्च का ब्यौरा
CBO के विश्लेषण के अनुसार, $38 अरब के अनुमानित खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा — $21.7 अरब — मिसाइलों और हथियारों को दोबारा खरीदने या बदलने पर जाएगा। इसमें $13.1 अरब मिसाइल-रक्षा इंटरसेप्टरों और $7.3 अरब जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइलों की पुनर्खरीद के लिए है।
इसके अलावा $10.4 अरब अतिरिक्त उड़ान घंटों पर, $2.7 अरब सैन्य ईंधन की बढ़ी लागत पर, $1.9 अरब युद्ध में नष्ट उपकरणों पर और $1.5 अरब अन्य सैन्य अभियानों पर खर्च हुए। गौरतलब है कि इस अनुमान में ईरानी हमलों से क्षतिग्रस्त अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मरम्मत, कूटनीतिक व्यय, विदेशी सहायता और घायल सैनिकों के दीर्घकालिक चिकित्सा एवं विकलांगता मुआवजे की लागत शामिल नहीं है।
मिसाइल भंडार की गंभीर चेतावनी
CBO ने चेतावनी दी कि जून 2025 के बाद से अमेरिका अपने मिसाइल-रक्षा इंटरसेप्टर भंडार का लगभग आधा से दो-तिहाई हिस्सा उपयोग कर चुका होगा। संस्था ने स्पष्ट किया: 'रक्षा विभाग यह नहीं बताता कि उसके पास कितने हथियार मौजूद हैं, लेकिन इंटरसेप्टरों के उपयोग और अब तक की कुल खरीद की तुलना से यह अनुमान निकला है।'
रिपोर्ट के अनुसार, खरीद प्रक्रिया तेज करने के बाद भी इन भंडारों को फिर से भरने में कम से कम पाँच साल लग सकते हैं। CBO ने विशेष रूप से चीन का उल्लेख करते हुए कहा कि ताइवान से जुड़े किसी भविष्य के संभावित सैन्य टकराव में चीन के विशाल बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल भंडार के सामने यह कमी 'गंभीर समस्या' बन सकती है।
महंगाई और अर्थव्यवस्था पर असर
होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर के रास्तों में रुकावटों के कारण तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित हुई, जिससे ऊर्जा कीमतें बढ़ीं। CBO के आकलन के अनुसार, इससे 2026 की दूसरी तिमाही में अमेरिकी वार्षिक महंगाई दर में 2.3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज हुई। संस्था का अनुमान है कि 2027 की पहली तिमाही में भी महंगाई युद्ध-पूर्व अनुमान से 0.5 प्रतिशत अंक अधिक रहेगी, जिससे अमेरिकी सरकारी बॉन्ड (ट्रेजरी सिक्योरिटीज) पर ब्याज दरें और ऊपर जाने की आशंका है।
सरकारी आँकड़े और फंडिंग की माँग
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जुलाई 2026 में अमेरिकी कांग्रेस को बताया था कि सितंबर 2026 तक ईरान-विरोधी अभियानों की लागत $37.5 अरब तक पहुँच जाएगी। व्हाइट हाउस ने $87.6 अरब की अतिरिक्त फंडिंग की माँग की है, जिसमें से $67.1 अरब पेंटागन के लिए हैं। CBO का अनुमान है कि इस राशि में से लगभग $42.3 अरब सीधे इस संघर्ष से जुड़े खर्चों के लिए दर्शाए गए हैं।
रिपोर्ट की सीमाएँ और अनिश्चितता
CBO ने स्वीकार किया कि पेंटागन ने संस्था द्वारा माँगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई, जिससे उसे सरकारी डेटाबेस और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों पर निर्भर रहना पड़ा। इसीलिए संस्था ने माना कि उसके अनुमान में 'काफी अनिश्चितता' हो सकती है। यह पारदर्शिता की कमी एक बड़े सवाल के रूप में सामने आई है — जबकि युद्ध का खर्च अमेरिकी नागरिकों की जेब पर सीधा असर डाल रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, 8 अप्रैल को युद्धविराम लागू हुआ था, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 जुलाई को होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों पर हमलों का हवाला देते हुए उसे खत्म घोषित कर दिया। इस युद्ध की आर्थिक और सामरिक कीमत आने वाले वर्षों में अमेरिकी नीति को गहरे प्रभावित करती रहेगी।