ईरान युद्ध की लागत पर अमेरिकी कांग्रेस में तीखी बहस, डेमोक्रेट्स ने मांगा खर्च का हिसाब
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति में 5 जून 2026 को ट्रंप प्रशासन की ईरान-विरोधी सैन्य नीति पर तीखी बहस हुई। वित्त वर्ष 2027 के नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (NDAA) पर चर्चा के दौरान युद्ध की वित्तीय लागत, रणनीतिक दिशा और अमेरिका की वैश्विक प्राथमिकताओं पर गहरे मतभेद सामने आए। डेमोक्रेटिक सदस्यों का आरोप था कि कांग्रेस और अमेरिकी जनता को अब तक इस युद्ध का पूरा खर्च नहीं बताया गया है।
डेमोक्रेट्स की माँग: पारदर्शिता और जवाबदेही
प्रतिनिधि सेठ मौल्टन ने समिति के समक्ष प्रस्ताव रखा कि रक्षा विभाग (Pentagon) ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों पर हुए खर्च का विस्तृत ब्यौरा पेश करे। उन्होंने कहा, "जब तक पूरी वित्तीय जानकारी नहीं मिलेगी, तब तक प्रतिनिधि अपनी निगरानी और जवाबदेही की जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा सकते।" मौल्टन ने यह भी कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों और आर्थिक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी जनता पारदर्शिता की हकदार है।
प्रतिनिधि जेसन क्रो ने मौल्टन के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह कर्तव्य है कि वह जाने करदाताओं का कितना धन इस युद्ध में लग रहा है। समिति में शीर्ष डेमोक्रेट एडम स्मिथ ने कहा, "हमें वास्तव में यह जानने की ज़रूरत है कि कितना खर्च हो रहा है और पैसा कहाँ जा रहा है।" स्मिथ ने यह भी कहा कि प्रशासन के ईरान संबंधी बड़े उद्देश्यों को लेकर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है।
रिपब्लिकन का बचाव: 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' सफल रहा
रिपब्लिकन सदस्यों ने प्रशासन के कदमों का जोरदार बचाव किया। समिति के अध्यक्ष माइक डी. रोजर्स ने इस संघर्ष को 'पसंद से चुना गया युद्ध' बताए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने ईरान की उन पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुँचाया है।" रोजर्स का दावा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति अमेरिका को ऐसे समझौते के करीब ले आई है जो ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं से पैदा होने वाले खतरे को स्थायी रूप से समाप्त कर सकता है।
कांग्रेस सदस्य जो विल्सन ने भी प्रशासन का पक्ष लेते हुए कहा कि ईरान लंबे समय से एक खतरा रहा है और अमेरिकी हितों तथा क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई अनिवार्य थी।
मतदान: संशोधन प्रस्ताव खारिज
समिति ने अंततः मौल्टन के संशोधन प्रस्ताव को 30-27 मतों से अस्वीकार कर दिया। यह परिणाम दर्शाता है कि सत्तारूढ़ रिपब्लिकन बहुमत ने पारदर्शिता की माँग को फिलहाल नकार दिया है। गौरतलब है कि यह मतदान उस व्यापक बहस का हिस्सा है जो NDAA के आकार लेने के साथ आने वाले हफ्तों में और तेज होने की संभावना है।
व्यापक संदर्भ: अमेरिकी रक्षा नीति पर असर
यह बहस ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी रक्षा बजट और वैश्विक सैन्य प्रतिबद्धताओं पर पहले से ही दबाव है। आलोचकों का कहना है कि ईरान अभियान की अपारदर्शी लागत इंडो-पैसिफिक रणनीति और NATO प्रतिबद्धताओं पर अमेरिकी संसाधनों के आवंटन को प्रभावित कर सकती है। NDAA पर आगे की बहस में यह मुद्दा केंद्रीय रहने की उम्मीद है।