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अमेरिकी संसद में ईरान युद्ध खत्म करने का प्रस्ताव पास, ट्रंप को 215-208 से बड़ा झटका

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अमेरिकी संसद में ईरान युद्ध खत्म करने का प्रस्ताव पास, ट्रंप को 215-208 से बड़ा झटका

सारांश

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में 215-208 के नज़दीकी अंतर से पास हुआ 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' ट्रंप के ईरान युद्ध पर पहला द्विदलीय औपचारिक विरोध है। पेट्रोल कीमतों में 50% उछाल, अधूरे सैन्य लक्ष्य और संवैधानिक सवालों के बीच अब निगाहें सीनेट पर टिकी हैं — जहाँ यह प्रस्ताव ट्रंप के विदेश नीति एजेंडे की असली परीक्षा बनेगा।

मुख्य बातें

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 215-208 से द्विदलीय 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' पारित किया।
प्रस्ताव ग्रेगरी मीक्स ने पेश किया; एडम स्मिथ , जिम हाइम्स का समर्थन मिला।
आलोचकों के अनुसार, युद्ध के बाद से अमेरिका में पेट्रोल कीमतें 50% बढ़ीं।
प्रमिला जयपाल मां की बीमारी के कारण भारत में थीं, वोट में अनुपस्थित रहीं।
स्मिथ का दावा — ईरान का परमाणु कार्यक्रम, यूरेनियम हटाने और शासन परिवर्तन के लक्ष्य अधूरे।
अगला कदम: अमेरिकी सीनेट में प्रस्ताव पर विचार।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को एक द्विदलीय 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' पारित कर दिया, जिसका उद्देश्य ईरान के खिलाफ चल रही अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को समाप्त करना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक झटका माने जा रहे इस प्रस्ताव को बेहद नज़दीकी अंतर 215-208 से मंज़ूरी मिली, जो वॉशिंगटन में बढ़ते युद्ध-विरोध का स्पष्ट संकेत है।

प्रस्ताव और प्रमुख समर्थक

यह प्रस्ताव हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य ग्रेगरी मीक्स ने पेश किया, जिसे एडम स्मिथ और जिम हाइम्स सहित कई वरिष्ठ डेमोक्रेट्स का समर्थन प्राप्त हुआ। मीक्स ने इसे एक बड़ा मोड़ बताते हुए कहा, “मेरे ‘वॉर पावर्स रेजोल्यूशन’ का पास होना राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के खिलाफ अवैध और महंगे युद्ध पर एक अहम द्विदलीय विरोध है और इसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में पहला कदम है।”

आलोचकों का तर्क: लक्ष्य अधूरे

हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट एडम स्मिथ ने कहा, “आज का वोट साफ संदेश देता है कि ट्रंप को ईरान के खिलाफ अपनी चुनी हुई विनाशकारी जंग को तुरंत खत्म कर देना चाहिए।” उन्होंने तर्क दिया कि सरकार न तो ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोक पाई, न उच्च संवर्धित यूरेनियम हटा सकी, और न ही शासन परिवर्तन ला सकी।

स्मिथ के अनुसार, “इसके बजाय ईरान की स्थिति और मजबूत हुई है, वह क्षेत्र में और अस्थिरता फैला रहा है, और वहां और भी कठोर विचारों वाला नेतृत्व है।” उन्होंने यह भी कहा कि अब अमेरिका को संभवतः ईरान को भुगतान करना पड़ सकता है ताकि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खोले — जो युद्ध से पहले खुला हुआ था।

आर्थिक और मानवीय लागत

मीक्स ने कहा कि इस संघर्ष ने कूटनीतिक विकल्पों को और कमज़ोर किया है। उनके अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें 50 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं, और आम अमेरिकी हर हफ्ते अरबों डॉलर एक ऐसे युद्ध में चुका रहे हैं जिसका वे व्यापक रूप से विरोध करते हैं। आलोचकों का कहना है कि घोषित लक्ष्य हासिल नहीं हुए, जबकि आर्थिक और मानवीय कीमत कई गुना बढ़ गई।

जयपाल की अनुपस्थिति और संवैधानिक सवाल

प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल इस मतदान के समय वॉशिंगटन डीसी में मौजूद नहीं थीं, क्योंकि वह अपनी मां की अचानक बिगड़ी स्वास्थ्य स्थिति के कारण भारत में थीं। उन्होंने कहा, “अगर मैं वाशिंगटन में होती, तो मैं ट्रंप के ईरान के खिलाफ इस अवैध युद्ध को खत्म करने वाले ‘वॉर पावर्स रेजोल्यूशन’ के पक्ष में वोट देती।”

जयपाल ने इसे ‘युद्ध चुनने वाला युद्ध’ करार देते हुए याद दिलाया कि युद्ध घोषित करने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की मौत, ईरान और लेबनान में नागरिकों की जान, विस्थापन और आर्थिक नुकसान शामिल हैं। उनके शब्दों में, “यह युद्ध हर दिन संविधान का उल्लंघन है।”

क्या होगा आगे

मीक्स ने स्पष्ट किया कि अब गेंद अमेरिकी सीनेट के पाले में है। उन्होंने कहा, “अब सीनेट की बारी है कि वह इस प्रस्ताव पर आगे कार्रवाई करे और राष्ट्रपति को साफ संदेश दे कि अब बहुत हो चुका है।” यह वोट अमेरिकी राजनीति में ईरान संघर्ष को लेकर बढ़ती द्विदलीय बेचैनी का संकेत है, और आने वाले हफ्तों में सीनेट का रुख तय करेगा कि यह प्रस्ताव कानूनी रूप ले पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कानूनी असर कम रहा है। असली कसौटी सीनेट है, जहाँ रिपब्लिकन बहुमत और चुनावी राजनीति इसकी राह कठिन बनाएगी। लेकिन पेट्रोल कीमतों में 50% उछाल और लक्ष्यहीन सैन्य अभियान का संयोजन वह बिंदु है जहाँ युद्ध-थकान घरेलू राजनीति में बदलने लगती है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' क्या है?
यह एक द्विदलीय कानूनी प्रस्ताव है जिसका उद्देश्य ईरान के खिलाफ चल रही अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को समाप्त करना है। इसे 215-208 के अंतर से पास किया गया और अब इस पर सीनेट को निर्णय लेना है।
यह प्रस्ताव ट्रंप के लिए क्यों झटका माना जा रहा है?
क्योंकि यह उनकी पार्टी से बाहर ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर ईरान युद्ध पर पहला औपचारिक द्विदलीय विरोध है। आलोचकों का कहना है कि युद्ध ने अपने लक्ष्य हासिल नहीं किए और आर्थिक व मानवीय कीमत भारी रही।
प्रस्ताव किसने पेश किया और किसका समर्थन मिला?
यह प्रस्ताव हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट ग्रेगरी मीक्स ने पेश किया। इसे एडम स्मिथ और जिम हाइम्स सहित कई वरिष्ठ डेमोक्रेट्स का समर्थन प्राप्त हुआ।
क्या प्रमिला जयपाल ने वोट दिया?
नहीं, जयपाल वोट के समय वॉशिंगटन डीसी में मौजूद नहीं थीं क्योंकि वह अपनी मां की अचानक बिगड़ी स्वास्थ्य स्थिति के कारण भारत में थीं। उन्होंने कहा कि उपस्थित होतीं तो प्रस्ताव के पक्ष में वोट देतीं।
राष्ट्र प्रेस
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