11 अगस्त 2026
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अमेरिकी सीनेट ने ईरान पर ट्रंप की युद्ध शक्तियाँ सीमित कीं, 50-48 से प्रस्ताव पारित

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अमेरिकी सीनेट ने ईरान पर ट्रंप की युद्ध शक्तियाँ सीमित कीं, 50-48 से प्रस्ताव पारित

सारांश

अमेरिकी सीनेट ने 50-48 के करीबी मतदान से ट्रंप की ईरान संबंधी युद्ध शक्तियों पर लगाम लगाई — फरवरी के टकराव के बाद पहली बार। चार रिपब्लिकन का डेमोक्रेट्स के साथ आना और युद्धविराम वार्ता के बीच यह कदम उठाना, कांग्रेस की संवैधानिक भूमिका की पुनः दावेदारी का संकेत है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सीनेट ने 24 जून 2025 को 50-48 वोटों से ईरान वॉर पावर्स रिज़ॉल्यूशन पारित किया।
प्रस्ताव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान में सैन्य कार्रवाई जारी रखने से रोकता है।
अधिकांश डेमोक्रेट्स के साथ चार रिपब्लिकन सीनेटर भी पक्ष में, एक डेमोक्रेट ने विरोध में मतदान किया।
यह फरवरी में टकराव शुरू होने के बाद कांग्रेस के किसी सदन द्वारा पारित पहला ऐसा प्रस्ताव है।
अमेरिकी मीडिया और प्रशासन ने प्रस्ताव को मुख्यतः प्रतीकात्मक बताया; प्रतिनिधि सभा में पारित होना अनिश्चित।

अमेरिकी सीनेट ने 24 जून 2025 को ईरान वॉर पावर्स रिज़ॉल्यूशन को 50 के मुकाबले 48 वोटों से पारित कर दिया, जिसके तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की स्वीकृति के बिना ईरान में किसी भी अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई से रोका गया है। फरवरी में दोनों देशों के बीच टकराव शुरू होने के बाद से यह पहली बार है जब कांग्रेस के किसी सदन ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया हो।

प्रस्ताव में क्या है

कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित इस कानूनी दस्तावेज़ के अनुसार, यह प्रस्ताव 'राष्ट्रपति को निर्देश देता है कि वे ईरान के अंदर या उसके विरुद्ध चल रही सैन्य कार्रवाई से अमेरिकी सेना को वापस बुला लें, जब तक कि युद्ध की औपचारिक घोषणा या सैन्य बल के उपयोग की विशेष स्वीकृति न दी जाए।' समर्थकों का कहना है कि ईरान के खिलाफ यह 'स्वेच्छा से चुना गया युद्ध' था, जिसे कांग्रेस की मंजूरी के बिना शुरू किया गया।

मतदान का स्वरूप

प्रस्ताव के पक्ष में अधिकांश डेमोक्रेट सांसदों के साथ चार रिपब्लिकन सीनेटर भी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि एक डेमोक्रेट सीनेटर ने प्रस्ताव के विरुद्ध मतदान किया। यह द्विदलीय समर्थन ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति के प्रति बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है।

प्रस्ताव की सीमाएँ और प्रतीकात्मक महत्व

कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने इस प्रस्ताव को मुख्यतः प्रतीकात्मक करार दिया है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि अमेरिकी सेना फिलहाल ईरान के साथ किसी सक्रिय सैन्य अभियान में शामिल नहीं है, इसलिए यह प्रस्ताव व्यावहारिक रूप से प्रभावहीन हो सकता है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान युद्धविराम के बाद शुरुआती वार्ता के दौर में हैं।

सीनेटर टिम केन का रुख

सीनेटर टिम केन ने पिछले सप्ताह पत्रकारों से कहा था, 'मुझे लगता है कि वोट कराने का यह सही समय है। अगर हम सच में स्थिरता के दौर में हैं, तो हमें कांग्रेस को शामिल किए बिना इसे फिर से शुरू नहीं होने देना चाहिए।' डेमोक्रेट्स का तर्क है कि भले ही युद्धविराम समझौता हो चुका हो, वॉर पावर्स रिज़ॉल्यूशन भविष्य में किसी भी अनधिकृत सैन्य कदम पर रोक लगाने के लिए आवश्यक है।

आगे क्या होगा

यह प्रस्ताव अब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जाएगा, जहाँ रिपब्लिकन बहुमत होने के कारण इसके पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है। यदि किसी चमत्कारिक स्थिति में यह पारित भी हो जाता है, तो राष्ट्रपति ट्रंप के पास इसे वीटो करने का अधिकार होगा। विश्लेषकों के अनुसार, इस प्रस्ताव का असली महत्व कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक है — यह कांग्रेस की युद्ध-शक्तियों पर पुनः दावेदारी की कोशिश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए प्रस्ताव का तत्काल व्यावहारिक प्रभाव सीमित है। असली सवाल यह है कि क्या रिपब्लिकन-नियंत्रित प्रतिनिधि सभा इसे आगे बढ़ाएगी — जो संभव नहीं लगता। लेकिन चार रिपब्लिकन का पाला बदलना दर्शाता है कि राष्ट्रपति की युद्ध-शक्तियों पर पार्टी-लाइन से परे असुविधा बढ़ रही है। वॉर पावर्स रिज़ॉल्यूशन एक्ट 1973 के बाद से कांग्रेस बार-बार इस हथियार को उठाती है, पर शायद ही कभी उसे कार्यपालिका पर लागू करा पाती है — यह प्रस्ताव उसी लंबी और अधूरी परंपरा की अगली कड़ी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान वॉर पावर्स रिज़ॉल्यूशन क्या है?
यह अमेरिकी सीनेट द्वारा 24 जून 2025 को पारित एक प्रस्ताव है, जो राष्ट्रपति ट्रंप को कांग्रेस की औपचारिक स्वीकृति के बिना ईरान में सैन्य कार्रवाई जारी रखने से रोकता है। यह 1973 के वॉर पावर्स रिज़ॉल्यूशन एक्ट के तहत लाया गया है, जो राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों पर कांग्रेसी निगरानी सुनिश्चित करता है।
सीनेट में यह प्रस्ताव कितने वोटों से पारित हुआ?
प्रस्ताव 50 के मुकाबले 48 वोटों से पारित हुआ। अधिकांश डेमोक्रेट सीनेटरों के साथ चार रिपब्लिकन भी पक्ष में रहे, जबकि एक डेमोक्रेट ने विरोध में मतदान किया।
क्या यह प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी है?
फिलहाल नहीं। अमेरिकी मीडिया और ट्रंप प्रशासन ने इसे मुख्यतः प्रतीकात्मक बताया है, क्योंकि प्रशासन का कहना है कि अमेरिकी सेना ईरान में किसी सक्रिय सैन्य अभियान में नहीं है। इसे अभी प्रतिनिधि सभा से पारित होना और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की ज़रूरत होगी।
यह प्रस्ताव ऐसे समय में क्यों लाया गया जब युद्धविराम वार्ता चल रही है?
सीनेटर टिम केन सहित डेमोक्रेट्स का तर्क है कि युद्धविराम के बावजूद यह प्रस्ताव ज़रूरी है ताकि भविष्य में कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू न हो सके। उनका कहना है कि स्थिरता के दौर में ही यह सीमा तय करना सबसे उचित समय है।
अब यह प्रस्ताव आगे कहाँ जाएगा?
यह प्रस्ताव अब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जाएगा, जहाँ रिपब्लिकन बहुमत के कारण इसके पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है। यदि वहाँ पारित भी हो, तो राष्ट्रपति ट्रंप इसे वीटो कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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