ईरान पर अमेरिकी हमले की शुरुआती लागत: ५.६ अरब डॉलर की भारी राशि
सारांश
Key Takeaways
- ईरान पर हमले की शुरुआती लागत ५.६ अरब डॉलर है।
- यह आंकड़ा कांग्रेस के साथ साझा की गई जानकारी पर आधारित है।
- अमेरिकी सेना के उन्नत हथियारों का भंडार तेजी से खत्म हो रहा है।
- सात अमेरिकी सैनिकों की संघर्ष में मौत हो चुकी है।
- अमेरिका अपनी सैन्य क्षमता को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है।
वॉशिंगटन, १० मार्च (राष्ट्र प्रेस)। द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के पहले दो दिनों में केवल हथियारों (म्यूनिशन) पर लगभग ५.६ अरब डॉलर खर्च हुए। यह आंकड़ा इस युद्ध की भारी आर्थिक लागत को उजागर करता है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यह संकेत दे रहे हैं कि संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा कांग्रेस को साझा की गई जानकारी पर आधारित है, जिसमें अभियान के शुरुआती चरण में इस्तेमाल किए गए उन्नत हथियारों की लागत शामिल है। इससे वॉशिंगटन में इस पर बहस शुरू हो गई है कि अमेरिका कितने समय तक इस उच्च तीव्रता वाले सैन्य अभियान को जारी रख सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक हमले के दौरान पेंटागन ने लगभग ५.६ अरब डॉलर सिर्फ हथियारों पर खर्च किए। इससे कई सांसदों में चिंता बढ़ गई है कि अमेरिकी सेना तेजी से अपने उन्नत हथियारों के सीमित भंडार को खत्म कर रही है।
यह आंकड़ा केवल युद्ध के पहले दो दिनों का है और इसमें सैनिकों की तैनाती, विमानों और नौसैनिक संसाधनों के रखरखाव के खर्च शामिल नहीं हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह अनुमान कांग्रेस के साथ उस समय साझा किया गया है, जब प्रशासन सैन्य अभियान को जारी रखने के लिए अतिरिक्त फंडिंग की मांग करने की योजना बना रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अभियान शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान में हजारों हमले किए हैं। हमलों की गति को लेकर कैपिटल हिल में पहले ही चिंता जताई जा चुकी है कि अमेरिकी सेना अपने उन्नत हथियारों के भंडार को तेजी से खत्म कर सकती है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष लंबा चलता है, तो हथियारों का भंडार और दबाव में आ सकता है, क्योंकि अमेरिका पहले से ही यूक्रेन को हथियार देने और एशिया में सैन्य प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने के कारण अपने संसाधनों का उपयोग कर रहा है।
कुछ अमेरिकी रक्षा योजनाकारों ने मध्य-पूर्व अभियान को बनाए रखने के लिए अन्य क्षेत्रों से संसाधन स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, थाड मिसाइल रक्षा प्रणाली के कुछ हिस्से दक्षिण कोरिया से इस क्षेत्र में भेजे गए हैं।
पेंटागन ने ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव मजबूत करने के लिए उन्नत पैट्रियाट इंटरसेप्टर मिसाइलों के भंडार का भी उपयोग किया है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कदम संघर्ष में रणनीतिक जोखिम पैदा कर सकते हैं। अमेरिकी हथियार भंडार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ मार्क कैनसियन ने चेतावनी दी है कि वायु रक्षा प्रणालियों को दूसरी जगह भेजने से अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी तैयारी कमजोर हो सकती है।
उन्होंने कहा, "आप जितने अधिक थाड और पैट्रियाट दागते हैं, उतना ही इंडो-पैसिफिक और यूक्रेन में जोखिम बढ़ता है।"
इस संघर्ष में हताहत भी हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से सात अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें से छह कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में मारे गए। जबकि, एक सैनिक सऊदी अरब में हुए हमले में घायल होने के बाद मारा गया।