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ईरान संघर्ष से उपजी महंगाई अस्थायी, कीमतें जल्द घटेंगी: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट

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ईरान संघर्ष से उपजी महंगाई अस्थायी, कीमतें जल्द घटेंगी: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट

सारांश

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने माना कि ईरान संघर्ष से ईंधन कीमतें बढ़ीं, पर इसे 'अस्थायी' बताया। कच्चे तेल में 20% से अधिक गिरावट और कोर महंगाई में 0.5% की कमी का हवाला देते हुए उन्होंने ट्रंप प्रशासन की नीतियों का बचाव किया, जबकि डेमोक्रेटिक सांसदों ने आम नागरिकों पर बढ़ते बोझ का सवाल उठाया।

मुख्य बातें

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 5 जून 2026 को वेज एंड मीन्स समिति में कहा कि ईरान संघर्ष से उपजी महंगाई अस्थायी है।
बेसेंट ने स्वीकार किया कि ईरान संघर्ष के कारण ईंधन कीमतें बढ़ीं , लेकिन इसे दीर्घकालिक खतरा नहीं माना।
कच्चे तेल की कीमतों में 20% से अधिक की गिरावट और कोर महंगाई दर में 0.5% की कमी का दावा किया गया।
शीर्ष डेमोक्रेट रिचर्ड नील सहित कई सांसदों ने टैरिफ और ईरान संघर्ष को आम परिवारों पर बढ़ते आर्थिक बोझ का कारण बताया।
बेसेंट ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बताते हुए अल्पकालिक आर्थिक असुविधा को उचित ठहराया।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 5 जून 2026 को वॉशिंगटन में प्रतिनिधि सभा की वेज एंड मीन्स समिति के समक्ष स्पष्ट किया कि ईरान संघर्ष के कारण ईंधन और उपभोक्ता वस्तुओं में आई मूल्यवृद्धि अल्पकालिक है और स्थिति सामान्य होते ही कीमतें घट जाएंगी। यह बयान ऐसे समय आया जब ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियों को लेकर डेमोक्रेटिक सांसदों की ओर से तीखी आलोचना हो रही थी।

सुनवाई में क्या हुआ

वेज एंड मीन्स समिति की यह सुनवाई कई बार तीखे तेवर अख्तियार कर गई। डेमोक्रेटिक सांसदों ने आरोप लगाया कि ईरान से जुड़े सैन्य संघर्ष के कारण ईंधन, किराने का सामान और घरेलू खर्च बढ़ा है, जिसकी मार आम अमेरिकी परिवारों पर पड़ रही है। समिति के शीर्ष डेमोक्रेट सदस्य रिचर्ड नील ने कहा कि परिवारों को रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है और इसके लिए उन्होंने टैरिफ तथा ईरान संघर्ष — दोनों को जिम्मेदार ठहराया।

जुडी चू ने कहा कि अमेरिकी नागरिक अब भी पेट्रोल, किराने के सामान और घरेलू वस्तुओं के लिए अधिक कीमत चुका रहे हैं, जबकि ब्रेंडन बॉयल ने अर्थव्यवस्था को संभालने के तरीके को लेकर जनता में बढ़ती नाराजगी का उल्लेख किया।

बेसेंट की दलीलें

जॉन लार्सन के सीधे सवाल पर कि क्या संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, बेसेंट ने स्वीकार किया — 'जी हाँ, संघर्ष की वजह से कीमतें बढ़ीं।' हालाँकि उन्होंने तुरंत जोड़ा कि यह बढ़ोतरी अस्थायी है। उन्होंने कहा, 'ईरान संघर्ष के कारण कीमतों में अल्पकालिक बढ़ोतरी हुई है, जो समय के साथ कम हो जाएगी।'

वित्त मंत्री ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूती का हवाला देते हुए रोजगार वृद्धि, निजी क्षेत्र में निवेश और वेतन बढ़ने के आँकड़े पेश किए। उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पद संभालने के बाद से कोर महंगाई दर में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।

राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम आर्थिक कीमत

बेसेंट ने ईरान नीति का बचाव करते हुए तर्क दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता है और इसके लिए अल्पकालिक आर्थिक असुविधा स्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने या वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालने की अनुमति दी जाती, तो अमेरिकी नागरिकों को कहीं अधिक गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते।

रिपब्लिकन नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए प्रशासन की नीति का समर्थन किया, जबकि डेमोक्रेटिक नेताओं का कहना है कि इसकी आर्थिक कीमत आम अमेरिकी नागरिकों को अधिक महंगाई और धीमी आर्थिक वृद्धि के रूप में चुकानी पड़ रही है।

ऊर्जा बाज़ार में बदलाव के संकेत

बेसेंट ने यह भी कहा कि ऊर्जा बाज़ार पहले ही नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है और पेट्रोल की कीमतें आमतौर पर कच्चे तेल की कीमतों का अनुसरण करती हैं। आलोचकों का कहना है कि यह राहत पंप पर उपभोक्ताओं तक पहुँचने में अभी भी समय लग सकता है।

आगे की राह

यह सुनवाई स्पष्ट करती है कि ईरान संघर्ष के आर्थिक प्रभाव अब वॉशिंगटन में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुके हैं। आने वाले हफ्तों में ऊर्जा कीमतों की दिशा और कोर महंगाई के ताज़ा आँकड़े तय करेंगे कि बेसेंट का 'अस्थायी' वाला दावा कितना सटीक साबित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बाद में परिभाषा बदल देते हैं। असली सवाल यह है कि कच्चे तेल में 20% की गिरावट का लाभ पंप तक कब और कितना पहुँचेगा, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से रिफाइनिंग मार्जिन इस अंतर को काफी हद तक सोख लेते हैं। डेमोक्रेटिक सांसदों की आलोचना भले ही राजनीति-प्रेरित हो, लेकिन उनका यह सवाल वैध है कि राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत आम उपभोक्ता क्यों चुकाए, जबकि नीति-निर्माताओं के पास वैकल्पिक राहत उपाय उपलब्ध हैं। 0.5% कोर महंगाई की गिरावट का श्रेय सीधे ट्रंप नीतियों को देना भी सांख्यिकीय रूप से अतिसरलीकृत है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान संघर्ष और महंगाई पर क्या कहा?
बेसेंट ने 5 जून 2026 को वेज एंड मीन्स समिति में कहा कि ईरान संघर्ष के कारण ईंधन और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में अल्पकालिक बढ़ोतरी हुई है, जो समय के साथ कम हो जाएगी। उन्होंने कच्चे तेल में 20% से अधिक की गिरावट और कोर महंगाई दर में 0.5% की कमी का हवाला दिया।
डेमोक्रेटिक सांसदों ने बेसेंट के दावों पर क्यों सवाल उठाए?
डेमोक्रेटिक सांसदों का कहना है कि ईरान संघर्ष और टैरिफ के कारण आम अमेरिकी परिवारों पर पेट्रोल, किराने और घरेलू वस्तुओं का बोझ बढ़ा है। शीर्ष डेमोक्रेट रिचर्ड नील ने कहा कि परिवारों को रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
ट्रंप प्रशासन ईरान नीति को आर्थिक नुकसान के बावजूद क्यों उचित ठहराता है?
बेसेंट के अनुसार ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता है। उनका तर्क है कि यदि ईरान परमाणु हथियार विकसित कर लेता या वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालता, तो अमेरिकी नागरिकों को कहीं अधिक गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ते।
कच्चे तेल की कीमतों में कितनी गिरावट आई है और इसका उपभोक्ताओं पर क्या असर होगा?
बेसेंट ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है और पेट्रोल की कीमतें आमतौर पर कच्चे तेल की कीमतों का अनुसरण करती हैं। इसका अर्थ है कि पंप पर राहत मिलने की संभावना है, हालाँकि यह कब और कितनी मिलेगी, यह ऊर्जा बाज़ार की गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
वेज एंड मीन्स समिति की सुनवाई में और कौन-से मुद्दे उठे?
सांसद जुडी चू ने पेट्रोल और किराने के सामान की ऊँची कीमतों का मुद्दा उठाया, ब्रेंडन बॉयल ने जनता में बढ़ती आर्थिक नाराजगी का उल्लेख किया, और जॉन लार्सन ने सीधे पूछा कि क्या संघर्ष के कारण ईंधन कीमतें बढ़ीं — जिसे बेसेंट ने स्वीकार किया।
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