ईरान-अमेरिका संघर्ष: मध्य पूर्व के 16 अमेरिकी सैन्य अड्डे तबाह, $25 अरब का नुकसान

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ईरान-अमेरिका संघर्ष: मध्य पूर्व के 16 अमेरिकी सैन्य अड्डे तबाह, $25 अरब का नुकसान

सारांश

ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका के 8 देशों में फैले 16 सैन्य अड्डों को भारी नुकसान पहुँचाया है — रडार सिस्टम से लेकर रनवे तक। $25 अरब के खर्च और फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय की मरम्मत पर अकेले $20 करोड़ के अनुमान के साथ यह संघर्ष अमेरिका की क्षेत्रीय सैन्य उपस्थिति को गहरी चोट दे रहा है।

Key Takeaways

28 फरवरी से जारी संघर्ष में 8 देशों के 16 अमेरिकी सैन्य अड्डों को नुकसान पहुँचा है। पेंटागन के कार्यवाहक नियंत्रक जूल्स हर्स्ट III ने कुल लागत $25 अरब बताई। फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय की मरम्मत पर अकेले $20 करोड़ (200 मिलियन डॉलर) खर्च का अनुमान। निशाने पर आए: कुवैत का अली अल सलेम एयर बेस , कतर के अल उदीद एयर बेस का रनवे, उत्तरी इराक में गोला-बारूद भंडार। ईरान ने रणनीतिक रूप से रडार सिस्टम और संचार प्रणाली को प्राथमिकता से निशाना बनाया।

वाशिंगटन से 2 मई को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी संघर्ष में मध्य पूर्व के 8 देशों में फैले 16 अमेरिकी सैन्य अड्डों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिनमें से कुछ अब लगभग उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। सीएनएन की जाँच और अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट (AEI) के बाहरी आकलन पर आधारित इस रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों और सूत्रों के हवाले से यह खुलासा किया गया है।

नुकसान का दायरा और विस्तार

रिपोर्ट के अनुसार ये क्षतिग्रस्त ठिकाने मध्य पूर्व में मौजूद कुल अमेरिकी सैन्य अड्डों का एक बड़ा हिस्सा हैं। पेंटागन के कार्यवाहक नियंत्रक जूल्स हर्स्ट III ने स्वीकार किया कि इस संघर्ष में अब तक अमेरिकी करदाताओं को लगभग $25 अरब (25 बिलियन डॉलर) का खर्च उठाना पड़ा है। द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, केवल अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय की मरम्मत पर ही करीब 20 करोड़ डॉलर (200 मिलियन डॉलर) खर्च हो सकते हैं।

कौन-से अड्डे निशाने पर आए

AEI के बाहरी आकलन के मुताबिक, ईरानी हमलों में कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस, कतर के अल उदीद एयर बेस के रनवे और उत्तरी इराक के एक सैन्य ठिकाने में गोला-बारूद भंडारण सुविधा को भी निशाना बनाया गया। एक संसदीय सहायक के अनुसार, नुकसान का आकलन अलग-अलग स्तर का है — कुछ जगहों पर पूरे ठिकाने को बंद करना पड़ सकता है, जबकि कुछ को रणनीतिक महत्व के कारण मरम्मत योग्य माना जा रहा है।

रडार और संचार प्रणाली को सबसे बड़ा झटका

रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से बताया गया है कि ईरान ने खासतौर पर उन्नत अमेरिकी रडार सिस्टम, संचार प्रणाली और विमानों को निशाना बनाया, जो अत्यंत महंगे और सीमित संसाधन हैं। एक कांग्रेस सहयोगी ने कहा,

Point of View

बल्कि अमेरिकी सैन्य रणनीति की गहरी विफलता का संकेत है। ईरान ने रडार और संचार प्रणाली को प्राथमिकता से निशाना बनाकर यह स्पष्ट कर दिया कि वह अमेरिकी सैन्य श्रेष्ठता की आँखें और कान बंद करना चाहता है। फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय की मरम्मत पर अकेले $20 करोड़ का अनुमान यह भी बताता है कि यह संघर्ष अमेरिका के रक्षा बजट पर दीर्घकालिक दबाव डालेगा। गौरतलब है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति पहले से ही घरेलू राजनीतिक दबाव में थी, और यह नुकसान उस बहस को और तेज करेगा।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

ईरान-अमेरिका संघर्ष में कितने अमेरिकी सैन्य अड्डों को नुकसान पहुँचा?
रिपोर्ट के अनुसार मध्य पूर्व के 8 देशों में फैले 16 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर असर पड़ा है, जिनमें से कुछ अब लगभग उपयोग के लायक नहीं बचे। यह संघर्ष 28 फरवरी से जारी है।
अमेरिका को इस संघर्ष में अब तक कितना खर्च हुआ है?
पेंटागन के कार्यवाहक नियंत्रक जूल्स हर्स्ट III के अनुसार इस संघर्ष में अब तक अमेरिकी करदाताओं को लगभग $25 अरब का खर्च उठाना पड़ा है। केवल फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय की मरम्मत पर ही करीब $20 करोड़ खर्च हो सकते हैं।
ईरान ने किन अमेरिकी अड्डों को प्रमुख रूप से निशाना बनाया?
AEI के आकलन के अनुसार कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस, कतर के अल उदीद एयर बेस के रनवे और उत्तरी इराक में एक गोला-बारूद भंडारण सुविधा को निशाना बनाया गया। ईरान ने रणनीतिक रूप से महंगे रडार सिस्टम और संचार प्रणाली को प्राथमिकता दी।
क्या सभी क्षतिग्रस्त अड्डों की मरम्मत संभव है?
एक संसदीय सहायक के अनुसार नुकसान का स्तर अलग-अलग है — कुछ ठिकानों को पूरी तरह बंद करना पड़ सकता है जबकि कुछ को रणनीतिक महत्व के कारण मरम्मत योग्य माना जा रहा है।
इस संघर्ष की शुरुआत कब हुई?
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच यह संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ। CNN की जाँच और AEI के बाहरी आकलन में सैटेलाइट तस्वीरों और सूत्रों के आधार पर नुकसान का विस्तृत ब्यौरा सामने आया है।
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