ईरान संघर्ष में अमेरिका के 42 विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त: CRS रिपोर्ट पर अराघची बोले, 'हमारा दावा साबित हुआ'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी संसद की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिका के करीब 42 विमान या तो नष्ट हो गए या उन्हें गंभीर नुकसान पहुँचा। 13 मई 2026 को प्रकाशित इस रिपोर्ट के सामने आते ही ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इसे तेहरान के उन दावों की आधिकारिक स्वीकृति करार दिया, जो वह महीनों से करता आ रहा था।
CRS रिपोर्ट में क्या है
CRS अमेरिकी संसद और उसकी समितियों को कानूनी व नीतिगत विश्लेषण उपलब्ध कराने वाली संस्था है। इस रिपोर्ट में दिए गए आँकड़े अमेरिकी रक्षा विभाग, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के बयानों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए गए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि क्षतिग्रस्त विमानों में स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट और स्पेशल ऑपरेशन प्लेन भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार 42 का यह आँकड़ा अंतिम नहीं है — कई मामलों की जानकारी अभी भी गोपनीय है और नुकसान की पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से की जा रही है, इसलिए यह संख्या और बढ़ सकती है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या था
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी एक 40 दिवसीय अमेरिकी-इज़राइली संयुक्त हवाई अभियान था, जो 28 फरवरी 2026 से ईरान के विरुद्ध संचालित किया गया। यह अभियान क्षेत्रीय तनाव की उस पृष्ठभूमि में शुरू हुआ जब मध्य-पूर्व में सैन्य गतिविधियाँ अपने चरम पर थीं।
पेंटागन की लागत और संसदीय गवाही
12 मई 2026 को हुई एक संसदीय सुनवाई के दौरान अध्यक्षीय पेंटागन नियंत्रक जूल्स डब्ल्यू. हर्स्ट III ने गवाही दी कि ईरान में सैन्य अभियानों के लिए विभाग का लागत अनुमान बढ़कर $29 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। हालाँकि पेंटागन ने अब तक कुल नुकसान का कोई आधिकारिक आँकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।
अराघची का बयान और ईरान का दावा
CRS रिपोर्ट का हवाला देते हुए अराघची ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ईरान संघर्ष शुरू होने के कई महीने बाद, अमेरिकी कांग्रेस ने अरबों डॉलर की कीमत वाले दर्जनों विमान खोने की बात स्वीकार की।' उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे साबित होता है कि ईरान की सशस्त्र सेना में F-35 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों को मार गिराने की क्षमता है।
अराघची ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस संघर्ष से सीखे गए पाठ बताते हैं कि 'जंग में वापसी कई और चौंकाने वाले मोड़ लेकर आ सकती है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव अभी भी बना हुआ है।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि पेंटागन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक खंडन या पुष्टि नहीं आई है। CRS रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी संसद में इस अभियान की लागत और सैन्य नुकसान की समीक्षा की माँग तेज़ होने की संभावना है। आने वाले हफ्तों में अमेरिकी रक्षा विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।