ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत: NCW ने MP के मुख्य सचिव और DGP से 7 दिन में माँगी रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मध्य प्रदेश के भोपाल में नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए 20 मई 2025 को राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखा है। आयोग ने 7 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। 12 मई को अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई ट्विशा के परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
मामले का पूरा घटनाक्रम
31 वर्षीया पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा 12 मई 2025 को भोपाल स्थित ससुराल में फाँसी पर लटकी हुई पाई गईं। विवाह के मात्र 5 महीने के भीतर हुई इस मौत को लेकर उनके परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
पीड़िता के परिवार ने पति समार्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपी समार्थ सिंह कथित तौर पर फरार है।
NCW ने क्या माँगा
आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर की ओर से जारी पत्र में अधिकारियों से निम्नलिखित जानकारी माँगी गई है:
एफआईआर में लगाए गए प्रावधान, आरोपियों की गिरफ्तारी व पूछताछ की स्थिति, फरार आरोपी समार्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए उठाए गए कदम, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स, इलेक्ट्रॉनिक व फोरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूर्व में दर्ज शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विवरण।
परिवार की सुरक्षा पर विशेष निर्देश
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़िता के परिवार को किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या चरित्र हनन से संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब दहेज हत्या के मामलों में पीड़ित परिवारों को अक्सर सामाजिक और कानूनी दबाव का सामना करना पड़ता है।
NCW का कड़ा रुख
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या प्रभाव का दुरुपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। आयोग ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की माँग की है।
गौरतलब है कि यह मामला महिला सुरक्षा को लेकर देशभर में उठ रहे सवालों के बीच सामने आया है। आयोग की 7 दिनों की समयसीमा जाँच की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है।
आगे क्या होगा
मध्य प्रदेश पुलिस को 27 मई 2025 तक ATR दाखिल करना होगा। फरार आरोपी समार्थ सिंह की गिरफ्तारी और फोरेंसिक जाँच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे। NCW की सक्रियता के बाद राज्य सरकार पर जाँच में पारदर्शिता बरतने का दबाव बढ़ गया है।