पंजाब राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने छोड़ी सरकारी गाड़ी, CTU ई-बस से पहुंचे रेलवे कार्यक्रम में

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पंजाब राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने छोड़ी सरकारी गाड़ी, CTU ई-बस से पहुंचे रेलवे कार्यक्रम में

सारांश

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने सरकारी गाड़ी छोड़ CTU की ई-बस से रेलवे कार्यक्रम में हिस्सा लिया — 'नो कार डे' की अगुवाई खुद करते हुए। साथ ही ₹12.80 करोड़ के बाल्टाना अंडर ब्रिज की आधारशिला भी रखी गई।

मुख्य बातें

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने 20 मई 2026 को सरकारी वाहन छोड़कर CTU ई-बस से रेलवे कार्यक्रम में भाग लिया।
उन्होंने चंडीगढ़ में हर बुधवार 'नो कार डे' पहल शुरू की है; अधिकारियों को भी सार्वजनिक परिवहन अपनाने का निर्देश।
राज्यपाल ने कहा कि यदि हर छात्र महीने में एक लीटर ईंधन बचाए, तो राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी बचत संभव है।
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के साथ अंबाला-चंडीगढ़ रेल खंड पर बाल्टाना रोड अंडर ब्रिज की आधारशिला रखी गई।
यह परियोजना ₹12.80 करोड़ की लागत से बनेगी और बाल्टाना क्षेत्र में यातायात भीड़ कम करेगी।

पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार, 20 मई 2026 को अपनी आधिकारिक गाड़ी छोड़कर चंडीगढ़ परिवहन उपक्रम (CTU) की इलेक्ट्रिक बस और गोल्फ कार्ट से रेलवे कार्यक्रम में भाग लिया। यह कदम उनकी 'नो कार डे' पहल के तहत उठाया गया, जो हर बुधवार को ईंधन संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के अनुरूप यह पहल देशभर में चलाई जा रही है।

राज्यपाल की 'नो कार डे' पहल क्या है

राज्यपाल कटारिया ने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश में हर बुधवार को 'नो कार डे' लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत वे स्वयं अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए सार्वजनिक परिवहन — CTU की इलेक्ट्रिक बस या गोल्फ कार्ट — का उपयोग करते हैं। उन्होंने अधिकारियों से भी आग्रह किया है कि वे भी निजी वाहन छोड़कर सरकारी साधनों का उपयोग करें, और यदि संभव न हो तो साइकिल या पैदल चलकर आएं।

राज्यपाल के अपने शब्दों में

कटारिया ने कहा, 'अगर कोई नई पहल शुरू करना चाहता है, तो ऊंचे पदों पर बैठे लोगों को खुद उसका पालन करना चाहिए। इससे हमें नैतिक बल मिलता है जब हम जनता से उसका पालन करने को कहते हैं, और लोगों के लिए इसे अपनाना भी आसान हो जाता है।' उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों से अपील की जाएगी कि वे हर बुधवार पैदल, साइकिल से या सार्वजनिक वाहनों से आएं।

ईंधन बचत का व्यापक संदेश

राज्यपाल ने एक सरल लेकिन प्रभावशाली गणित सामने रखा — यदि देश का प्रत्येक छात्र महीने में केवल एक लीटर पेट्रोल या डीजल की बचत करे, तो राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की बड़ी मात्रा बचाई जा सकती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, 'सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने चाहिए — देश की गति नहीं रुकनी चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार में अस्थिरता के चलते भारत सरकार ऊर्जा दक्षता पर विशेष ध्यान दे रही है।

बाल्टाना रोड अंडर ब्रिज की आधारशिला

इसी कार्यक्रम में राज्यपाल कटारिया ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के साथ अंबाला-चंडीगढ़ रेल खंड पर 'बाल्टाना रोड अंडर ब्रिज' की आधारशिला रखी। चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से निर्मित यह परियोजना ₹12.80 करोड़ की लागत से बनेगी और बाल्टाना व आसपास के क्षेत्रों में यातायात की भीड़ कम करने के साथ-साथ सुरक्षित एवं सुगम संपर्क सुनिश्चित करेगी।

आगे की राह

राज्यपाल की यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं है — इसे संस्थागत रूप देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। यदि यह मॉडल चंडीगढ़ में सफल रहा, तो इसे अन्य केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह केवल एक व्यक्तिगत इशारे तक सीमित रहेगी या इसे संस्थागत नीति का रूप मिलेगा। चंडीगढ़ जैसे सुनियोजित शहर में जहाँ CTU का नेटवर्क पहले से मौजूद है, इस पहल को विस्तार देना अपेक्षाकृत सरल है — लेकिन उन शहरों में जहाँ सार्वजनिक परिवहन कमज़ोर है, इस मॉडल की नकल करना चुनौतीपूर्ण होगा। स्कूल-कॉलेज के बच्चों को जोड़ने की योजना सही दिशा में है, पर इसके लिए ठोस क्रियान्वयन तंत्र और मापने योग्य लक्ष्य ज़रूरी हैं।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब राज्यपाल की 'नो कार डे' पहल क्या है?
यह चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा शुरू की गई पहल है, जिसके तहत हर बुधवार को वे और अन्य अधिकारी निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या पैदल चलकर कार्यालय जाते हैं। इसका उद्देश्य ईंधन संरक्षण को बढ़ावा देना और आम नागरिकों को प्रेरित करना है।
राज्यपाल कटारिया ने 20 मई को किस कार्यक्रम में भाग लिया?
राज्यपाल कटारिया ने 20 मई 2026 को CTU की इलेक्ट्रिक बस से एक रेलवे कार्यक्रम में भाग लिया, जहाँ उन्होंने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के साथ अंबाला-चंडीगढ़ रेल खंड पर बाल्टाना रोड अंडर ब्रिज की आधारशिला रखी।
बाल्टाना रोड अंडर ब्रिज परियोजना क्या है और इसकी लागत कितनी है?
बाल्टाना रोड अंडर ब्रिज अंबाला-चंडीगढ़ रेल खंड पर ₹12.80 करोड़ की लागत से बनने वाली परियोजना है। चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से निर्मित यह पुल बाल्टाना और आसपास के क्षेत्रों में यातायात की भीड़ कम करेगा और सुरक्षित संपर्क सुनिश्चित करेगा।
राज्यपाल ने छात्रों से ईंधन बचत के लिए क्या अपील की?
राज्यपाल कटारिया ने कहा कि अगली बार स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों से अपील की जाएगी कि वे हर बुधवार पैदल, साइकिल से या सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करके आएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक छात्र महीने में एक लीटर भी ईंधन बचाए, तो राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मात्रा में ईंधन की बचत हो सकती है।
यह पहल प्रधानमंत्री मोदी की किस अपील से जुड़ी है?
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में ईंधन बचाने की अपील की है। राज्यपाल कटारिया की 'नो कार डे' पहल इसी अपील के अनुरूप चंडीगढ़ में लागू की गई एक स्थानीय कार्रवाई है, जिसमें वे स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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