पीएम मोदी की ईंधन बचत अपील पर BJP-NDA नेताओं ने अपनाए ई-वाहन, साइकिल और मेट्रो
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने और ईंधन संरक्षण की अपील को 18 मई 2025 को देशभर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने व्यावहारिक रूप में स्वीकार किया। दिल्ली से लेकर लखनऊ, चंडीगढ़ और विजयपुरा तक, नेताओं ने इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल और मेट्रो का उपयोग कर यह संदेश दिया कि ईंधन बचत केवल जन-अपील नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है।
दिल्ली में सांसद और अधिकारी उतरे इलेक्ट्रिक ऑटो-मेट्रो पर
नई दिल्ली में BJP सांसद मनोज तिवारी और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने इलेक्ट्रिक ऑटो से यात्रा की और बाद में मेट्रो का उपयोग किया। यह कदम प्रधानमंत्री की उस अपील के अनुरूप था जिसमें उन्होंने नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से पर्यावरण-अनुकूल परिवहन अपनाने का आग्रह किया था।
चंडीगढ़ में मंत्री साइकिल से पहुंचे कार्यालय
चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार के मंत्री अरविंद कुमार शर्मा साइकिल से अपने कार्यालय पहुंचे और पंचकूला तक भी साइकिल से यात्रा की। उन्होंने कहा, 'मैं ईंधन बचाने के लिए प्रधानमंत्री की अपील का पालन कर रहा हूं और यह हम सभी का साझा प्रयास है। जब हम चंडीगढ़ में होते हैं — चाहे आवास से कार्यालय हो, सचिवालय, विधानसभा या मुख्यमंत्री आवास की बैठकें — हमें यथासंभव साइकिल का उपयोग करने का प्रयास करना चाहिए।' हरियाणा के एक अन्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने भी साइकिल से सफर किया। बेदी ने कहा, 'देश के प्रधानमंत्री की अपील को उसकी सही भावना के साथ लागू किया जाना चाहिए। आज कैबिनेट की बैठक है और सभी को अपने घरों से बैठक स्थल तक आने का प्रयास करना चाहिए, जो बहुत दूर नहीं है।'
उत्तर प्रदेश में काफिला घटाया, इलेक्ट्रिक वाहन अपनाए
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि उनके वाहन काफिले को सीमित किया गया है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल कम करने की अपील की है और प्रदेश की जनता ने इसे सहर्ष स्वीकार किया है। हमारे वाहनों का काफिला कम कर दिया गया है — एक वाहन में सुरक्षाकर्मी और स्टाफ, दूसरे में मैं और मेरी टीम। यह तब तक जारी रहेगा जब तक वैश्विक स्थिति में सुधार नहीं हो जाता।' लखनऊ में UP सरकार के मंत्री दानिश अंसारी इलेक्ट्रिक कार से यात्रा करते दिखे। उन्होंने कहा, 'हम स्थानीय स्तर पर एक ही वाहन में यात्रा करेंगे और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देंगे।'
बिहार में सचिवालय कर्मचारियों के लिए नई बस सेवा
बिहार में प्रधानमंत्री की अपील के बाद राज्य परिवहन विभाग ने सचिवालय कर्मचारियों के लिए पाँच मार्गों पर एसी बस सेवाएं शुरू की हैं। परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बताया कि कर्मचारियों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हमने सचिवालय के कर्मचारियों के लिए एसी बसें चलाना शुरू किया है और यह सेवा पाँच अलग-अलग जगहों से शुरू की गई है।'
कर्नाटक और अन्य राज्यों में भी समर्थन
कर्नाटक के विजयपुरा में BJP सांसद रमेश जिगाजिनगी ने इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग कर प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया और कहा कि देश में ईंधन पर निर्भरता कम करना आवश्यक है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन बचत और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग देशहित में जरूरी है। इसके अलावा, मंत्री मिथिलेश तिवारी ने घोषणा की कि ईंधन की खपत कम करने के लिए राज्य में 'नो व्हीकल डे' मनाया जाएगा। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और भारत अपनी ऊर्जा आयात-निर्भरता घटाने के दीर्घकालिक लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस अभियान का विस्तार और अधिक राज्यों तक होने की संभावना है।