उधम सिंह नगर पुलिस का 'नो व्हीकल डे': एसपी स्वप्न किशोर सिंह पैदल पहुँचे दफ्तर, ईंधन बचत अभियान शुरू
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में 16 मई 2026 को पहला 'नो व्हीकल डे' मनाया गया, जिसके तहत जिले के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी बिना सरकारी वाहन के अपने-अपने कार्यालय पहुँचे। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शुरू की गई है। अब जिले में प्रत्येक शनिवार को 'नो व्हीकल डे' के रूप में मनाया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
काशीपुर के पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर सिंह ने गिरिताल स्थित अपने आवास से पैदल चलकर मुरादाबाद रोड स्थित एसपी कार्यालय तक का सफर तय किया। उनके साथ विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी अपने-अपने घरों से पैदल या बिना सरकारी वाहन के कार्यालय पहुँचे। यह पहल जिले में पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखी जा रही है।
एसपी स्वप्न किशोर सिंह का बयान
पत्रकारों से बातचीत में एसपी स्वप्न किशोर सिंह ने कहा, 'सार्वजनिक हित में मुख्यमंत्री की ओर से ईंधन बचाने की एक पहल की जा रही है। सीएम के निर्देश का पालन करते हुए शनिवार को उधम सिंह नगर पुलिस ने नो व्हीकल डे मनाया। हम सभी अपने निवास स्थान से पैदल कार्यालय आए हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि यह निरंतर प्रक्रिया चलती रहे।' उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए पुलिस प्रशासन इस मुहिम में पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ सहयोग कर रहा है।
आम जनता पर असर और संदेश
एसपी ने कहा कि छोटी-छोटी पहल से बड़े बदलाव संभव हैं। यदि आम नागरिक भी सप्ताह में एक दिन वाहन का उपयोग कम करें, तो ईंधन की बचत के साथ-साथ वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उधम सिंह नगर पुलिस की इस पहल को लेकर स्थानीय नागरिकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई है।
आगे की योजना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में भी जनजागरूकता के ऐसे अभियान निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों की बचत को व्यापक जनसमर्थन मिल सके। यह अभियान भविष्य में ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़ी राष्ट्रीय चुनौतियों के प्रति तैयारी का हिस्सा भी है।