मुजफ्फरपुर में PNG गैस पाइपलाइन लीक: 7 स्कूली छात्राएं बेहोश, 5 SKMCH रेफर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में 17 जुलाई को एक गंभीर हादसे में पीएनजी (PNG) गैस पाइपलाइन से रिसाव के कारण 7 स्कूली छात्राएं बेहोश हो गईं। यह घटना मुजफ्फरपुर-पूसा मार्ग पर मुसहरी प्रखंड के रहुआ गाँव के निकट हुई, जहाँ सभी पीड़ित प्लस-2 रहुआ हाई स्कूल की छात्राएं हैं। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUDCO) की ओर से रहुआ गाँव के पास बड़े नाले का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान जेसीबी मशीन से खुदाई के समय जमीन के नीचे से गुजर रही पीएनजी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और गैस का तेज़ रिसाव शुरू हो गया। उसी समय वहाँ से गुजर रही सात छात्राएं गैस की चपेट में आ गईं और कुछ ही पलों में बेहोश होकर गिर पड़ीं।
स्थानीय समाजसेवी नीरज कुमार मिश्रा ने बताया कि बुडको मुजफ्फरपुर से मुसहरी होते हुए आगे तक बड़े नाले का निर्माण करा रही है और इसी मार्ग पर पीएनजी गैस पाइपलाइन भी गुजरती है। उनके अनुसार, खुदाई के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से यह दुर्घटना हुई।
पीड़ित छात्राओं की स्थिति
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने सभी सातों छात्राओं को उठाकर मुसहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों और नर्सों ने तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, दो छात्राओं की हालत में सुधार हुआ और उनका इलाज पीएचसी में ही जारी रहा।
हालाँकि, 5 छात्राओं — नाहिदा खातून, अमृता कुमारी, राखी कुमारी, दिव्या कुमारी और विशाखा कुमारी — की हालत गंभीर बनी रही। प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें एंबुलेंस के ज़रिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH), मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया गया।
प्रशासन और परिजनों की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही मुसहरी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। इंडियन ऑयल के तकनीकी अधिकारी और कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुँचे और गैस पाइपलाइन से हो रहे रिसाव को बंद करने का काम शुरू किया। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जाँच कर रहे हैं।
छात्राओं के परिजन सूचना मिलते ही अस्पताल पहुँचे और अपनी बच्चियों की देखभाल में जुट गए। अस्पताल परिसर में काफी देर तक भीड़ और अफरातफरी की स्थिति बनी रही।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब निर्माण कार्यों के दौरान भूमिगत उपयोगिता पाइपलाइनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि शहरी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं और गैस वितरण नेटवर्क के बीच समन्वय की कमी इस तरह की दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बनती है। फिलहाल पुलिस जाँच जारी है और SKMCH में भर्ती पाँचों छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।