16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मद्दुर में भाजपा-जेडीएस का गणपति विसर्जन जुलूस, 10,000 लोगों की भीड़; पुलिस हाई अलर्ट पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मद्दुर में भाजपा-जेडीएस का गणपति विसर्जन जुलूस, 10,000 लोगों की भीड़; पुलिस हाई अलर्ट पर

सारांश

पिछले साल के सांप्रदायिक दंगों की छाया में इस बार भाजपा-जेडीएस गठबंधन मद्दुर में 108 गणेश मूर्तियों के विसर्जन के साथ एकजुटता का दाँव खेल रहा है — 10,000 की भीड़, ड्रोन निगरानी, और उसी विवादित रास्ते से जुलूस। यह धार्मिक आयोजन से कहीं बड़ा राजनीतिक संदेश है।

मुख्य बातें

भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने 16 सितंबर 2026 को मद्दुर, मांड्या में बड़े पैमाने पर गणपति विसर्जन जुलूस आयोजित किया।
'दोस्ती' गुट की ओर से 108 गणेश मूर्तियों का सामूहिक विसर्जन; जुलूस में लगभग 10,000 लोगों के शामिल होने की संभावना।
जुलूस उसी विवादित मार्ग से निकाला जा रहा है जहाँ पिछले साल पत्थरबाजी और दंगे हुए थे।
प्रशासन ने मद्दुर में शराब की बिक्री और बार-रेस्तरां पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया; ड्रोन कैमरों से निगरानी।
पेट स्ट्रीट पर मस्जिद के निकट मुख्य आयोजन; गठबंधन के राज्य स्तरीय नेता मौजूद।

कर्नाटक के मांड्या जिले के मद्दुर में बुधवार, 16 सितंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल सेक्युलर (JDS) की ओर से बड़े पैमाने पर गणपति विसर्जन जुलूस आयोजित किया जा रहा है। पिछले वर्ष इसी अवसर पर हुई पत्थरबाजी और सांप्रदायिक दंगों की पृष्ठभूमि में जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह हाई अलर्ट पर है।

जुलूस का स्वरूप और मार्ग

इस वर्ष 'दोस्ती' गुट की ओर से 108 गणेश मूर्तियों का सामूहिक विसर्जन किया जा रहा है। मद्दुर की कई जगहों पर स्थापित गणपति प्रतिमाओं को एक साथ विसर्जित करने से पहले एक विशाल जुलूस मुख्य सड़क से होकर गुजरेगा। गठबंधन ने निर्णय लिया है कि जुलूस उसी मार्ग से निकाला जाएगा जिस पर पिछले वर्ष विवाद उत्पन्न हुआ था। इस जुलूस में लगभग 10,000 लोगों के शामिल होने की संभावना व्यक्त की गई है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। जिस मस्जिद के पास से जुलूस गुजरेगा, वहाँ विशेष रूप से सुरक्षा बढ़ाई गई है। पूरे गणेश जुलूस पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है, ताकि हर गतिविधि पर कड़ी नज़र बनी रहे।

जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आज मद्दुर शहर में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। बार और रेस्तरां खोलने पर भी रोक लगाई गई है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

पिछले साल की घटना की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पिछले वर्ष मद्दुर में गणेश जुलूस के दौरान पत्थरबाजी की घटना हुई थी, जिसके बाद सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया था और राज्य भर में सुर्खियाँ बटोरी थीं। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर सियासी बहस पहले से ही जारी है।

राजनीतिक संदेश और चुनावी निहितार्थ

राजनीतिक दृष्टि से भी यह जुलूस अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा-जेडीएस गठबंधन इस आयोजन के ज़रिए पिछले साल के दंगों से सबक लेते हुए एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है। गठबंधन के राज्य स्तरीय नेता इस रैली में शामिल होंगे। पेट स्ट्रीट पर मस्जिद के निकट गणपति रैली का मुख्य आयोजन होगा, जहाँ दोनों दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। आलोचकों का कहना है कि इस आयोजन का स्वरूप एक सुनियोजित चुनावी रणनीति का हिस्सा है।

आगे क्या

सभी की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन की तैयारी और गठबंधन का एकजुटता का दाँव मद्दुर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सफल होता है। जुलूस की समाप्ति और विसर्जन के बाद की स्थिति यह तय करेगी कि इस क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव की दिशा में यह कदम कितना प्रभावी रहा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुचिंतित राजनीतिक दाँव है — जिसमें गठबंधन अपनी ज़मीन पर वापसी का संदेश देना चाहता है। सवाल यह है कि क्या 'एकजुटता की रैली' का यह स्वरूप सांप्रदायिक सद्भाव को मज़बूत करता है या उस तनाव को फिर से चर्चा में लाता है जिसे भुलाया जा रहा था। पिछले साल की घटना के बाद कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पर कानून-व्यवस्था को लेकर जो सवाल उठे थे, भाजपा-जेडीएस उसी कमज़ोर नस को दबा रहे हैं। 108 मूर्तियाँ, 10,000 की भीड़ और राज्य नेताओं की मौजूदगी — यह धार्मिक उत्सव कम, चुनावी पूर्वाभ्यास अधिक लगता है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मद्दुर में गणपति विसर्जन जुलूस पर इतना ध्यान क्यों है?
पिछले साल मद्दुर में गणेश जुलूस के दौरान पत्थरबाजी और सांप्रदायिक दंगे हुए थे, जिसके कारण इस बार का आयोजन संवेदनशील माना जा रहा है। इस वर्ष भाजपा-जेडीएस गठबंधन उसी विवादित मार्ग से जुलूस निकाल रहा है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर सतर्कता बढ़ गई है।
मद्दुर में पुलिस ने क्या सुरक्षा इंतजाम किए हैं?
पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया है और पूरे जुलूस पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। मस्जिद के नज़दीक विशेष सुरक्षा बढ़ाई गई है और मद्दुर शहर में शराब की बिक्री तथा बार-रेस्तरां पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
इस जुलूस में कितनी मूर्तियाँ और कितने लोग शामिल हो रहे हैं?
'दोस्ती' गुट की ओर से 108 गणेश मूर्तियों का सामूहिक विसर्जन किया जा रहा है। जुलूस में लगभग 10,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
भाजपा-जेडीएस गठबंधन इस आयोजन से क्या संदेश देना चाहता है?
गठबंधन पिछले साल के दंगों से सबक लेते हुए एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है। राज्य स्तरीय नेता इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं, जिससे इसे चुनावी दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
मद्दुर में जुलूस का मुख्य स्थल कहाँ है?
जुलूस मद्दुर की मुख्य सड़क से गुजरेगा और मुख्य आयोजन पेट स्ट्रीट पर मस्जिद के निकट होगा। यही वह इलाका है जहाँ पिछले साल विवाद हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले