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तमिलनाडु में गणेश चतुर्थी: 36,000 प्रतिमाओं की स्थापना को मंजूरी, चेन्नई में 17,000 सुरक्षाकर्मी तैनात

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तमिलनाडु में गणेश चतुर्थी: 36,000 प्रतिमाओं की स्थापना को मंजूरी, चेन्नई में 17,000 सुरक्षाकर्मी तैनात

सारांश

तमिलनाडु पुलिस ने गणेश चतुर्थी 2026 के लिए राज्यभर में 36,000 प्रतिमाओं की स्थापना को हरी झंडी दी है — शर्त है कि कड़े पर्यावरण, सुरक्षा और यातायात मानकों का पालन हो। चेन्नई में 17,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे और विसर्जन 19-20 सितंबर को होगा।

मुख्य बातें

तमिलनाडु पुलिस ने राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर 36,000 गणेश प्रतिमाओं की स्थापना को अनुमति दी।
अकेले चेन्नई में 1,562 स्थानों पर प्रतिमाएँ रखी जाएँगी; 16,500 पुलिसकर्मी और 500 होम गार्ड तैनात रहेंगे।
मंजूरी मद्रास उच्च न्यायालय , प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय निकायों की शर्तें पूरी करने के बाद दी गई।
आयोजकों को सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्वयंसेवक तैनात करने और पर्यावरण मानकों का पालन करना अनिवार्य।
विसर्जन जुलूस 19 और 20 सितंबर 2026 को पूर्व-अनुमोदित मार्गों पर होगा।
बिना अनुमति के प्रतिमा स्थापना या सार्वजनिक शांति भंग पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

तमिलनाडु पुलिस ने गणेश चतुर्थी 2026 के अवसर पर राज्य भर में सार्वजनिक स्थानों पर 36,000 गणेश प्रतिमाओं की स्थापना को औपचारिक अनुमति प्रदान कर दी है। यह मंजूरी मद्रास उच्च न्यायालय, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्निशमन एवं बचाव सेवा विभाग, स्थानीय निकायों और पुलिस द्वारा निर्धारित शर्तों की अनुपालना के बाद ही आयोजकों को दी गई है।

अनुमति की प्रक्रिया और शर्तें

आम नागरिकों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने सार्वजनिक पूजा के लिए प्रतिमाएँ स्थापित करने और उन्हें निर्धारित जलाशयों में विसर्जित करने की अनुमति माँगी थी। अधिकारियों के अनुसार, स्वीकृति देने से पहले आयोजकों को अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, यातायात प्रबंधन और ध्वनि सीमा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य था। साथ ही, प्रतिमाओं के आकार और निर्माण सामग्री के संबंध में भी कड़े दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

चेन्नई में सुरक्षा के विशेष इंतजाम

अकेले चेन्नई में 1,562 गणेश प्रतिमाएँ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। त्योहार के दौरान चेन्नई पुलिस के अधिकार क्षेत्र में 16,500 पुलिसकर्मी और 500 होम गार्ड तैनात रहेंगे — कुल 17,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी। ये दल प्रतिमा स्थापना स्थलों, जुलूस मार्गों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और विसर्जन घाटों पर चौकसी रखेंगे।

आयोजकों को उन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है जहाँ सार्वजनिक पूजा के लिए प्रतिमाएँ रखी जाएँगी। इसके अलावा प्रतिमाओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की सहायता के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती भी अनिवार्य की गई है।

विसर्जन की तिथियाँ और मार्ग

गणेश प्रतिमाओं को 19 और 20 सितंबर 2026 को जुलूस के साथ निर्धारित जलाशयों में विसर्जित किया जाएगा। जुलूस केवल उन्हीं मार्गों पर चल सकेगा जिन्हें पुलिस ने पूर्व में अनुमोदित किया है। आयोजकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर विसर्जन पूरा करना होगा और मार्ग पर तैनात अधिकारियों का सहयोग करना होगा।

जुलूस के दौरान बिना अनुमति वाले वाहनों, भड़काऊ नारों, ज्वलनशील पदार्थों और अत्यधिक ध्वनि वाले साउंड सिस्टम के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

सोशल मीडिया और सांप्रदायिक सद्भाव पर निगरानी

पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय निगरानी रखेगी ताकि सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली भड़काऊ या भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोका जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के या आवश्यक मंजूरियों के अभाव में स्थापित की गई किसी भी प्रतिमा और सार्वजनिक शांति भंग करने के किसी भी प्रयास पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आयोजकों और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे अधिकारियों का सहयोग करें और गणेश चतुर्थी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील तरीके से मनाएँ। गौरतलब है कि हर वर्ष इस त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन से जल प्रदूषण की चिंताएँ उठती हैं, और इसीलिए इस बार पर्यावरणीय मानकों को विशेष रूप से शर्तों में शामिल किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 प्रतिमाओं की अनुमति और 17,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती यह दर्शाती है कि तमिलनाडु सरकार त्योहारी उत्साह और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही है — एक राज्य में जहाँ गणेश चतुर्थी परंपरागत रूप से उत्तर भारत जितनी बड़ी नहीं मानी जाती। मद्रास उच्च न्यायालय और प्रदूषण बोर्ड की शर्तों को अनिवार्य बनाना सराहनीय है, लेकिन वास्तविक अनुपालना सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है — हर साल विसर्जन के बाद जलाशयों में पर्यावरणीय क्षति के आँकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। सोशल मीडिया निगरानी का प्रावधान भी उल्लेखनीय है, जो बताता है कि प्रशासन अब साइबर स्पेस को भी कानून-व्यवस्था का हिस्सा मानने लगा है। असली कसौटी 19-20 सितंबर को विसर्जन के दिन होगी।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में गणेश चतुर्थी 2026 पर कितनी प्रतिमाएँ स्थापित होंगी?
तमिलनाडु पुलिस ने राज्यभर में सार्वजनिक स्थानों पर 36,000 गणेश प्रतिमाएँ स्थापित करने की अनुमति दी है। इनमें से अकेले चेन्नई में 1,562 स्थानों पर प्रतिमाएँ रखी जाएँगी।
गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कब और कैसे होगा?
प्रतिमाओं को 19 और 20 सितंबर 2026 को जुलूस के साथ निर्धारित जलाशयों में विसर्जित किया जाएगा। जुलूस केवल पुलिस द्वारा पूर्व-अनुमोदित मार्गों पर ही चल सकेगा और आयोजकों को निर्धारित समय-सीमा में विसर्जन पूरा करना अनिवार्य है।
अनुमति देने की शर्तें क्या थीं?
मंजूरी मद्रास उच्च न्यायालय, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्निशमन विभाग, स्थानीय निकायों और पुलिस की शर्तें पूरी करने के बाद ही दी गई। आयोजकों को अग्नि सुरक्षा, पर्यावरण मानक, यातायात प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरे और स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करनी होगी।
चेन्नई में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
चेन्नई में 16,500 पुलिसकर्मी और 500 होम गार्ड तैनात किए जाएँगे। ये दल प्रतिमा स्थलों, जुलूस मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और विसर्जन घाटों पर निगरानी रखेंगे।
क्या बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित की जा सकती है?
नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति वाले स्थानों पर या आवश्यक मंजूरियों के अभाव में प्रतिमा स्थापित करना प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर और सार्वजनिक शांति भंग करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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