तमिलनाडु में गणेश चतुर्थी: 36,000 प्रतिमाओं की स्थापना को मंजूरी, चेन्नई में 17,000 सुरक्षाकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु पुलिस ने गणेश चतुर्थी 2026 के अवसर पर राज्य भर में सार्वजनिक स्थानों पर 36,000 गणेश प्रतिमाओं की स्थापना को औपचारिक अनुमति प्रदान कर दी है। यह मंजूरी मद्रास उच्च न्यायालय, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्निशमन एवं बचाव सेवा विभाग, स्थानीय निकायों और पुलिस द्वारा निर्धारित शर्तों की अनुपालना के बाद ही आयोजकों को दी गई है।
अनुमति की प्रक्रिया और शर्तें
आम नागरिकों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने सार्वजनिक पूजा के लिए प्रतिमाएँ स्थापित करने और उन्हें निर्धारित जलाशयों में विसर्जित करने की अनुमति माँगी थी। अधिकारियों के अनुसार, स्वीकृति देने से पहले आयोजकों को अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, यातायात प्रबंधन और ध्वनि सीमा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य था। साथ ही, प्रतिमाओं के आकार और निर्माण सामग्री के संबंध में भी कड़े दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
चेन्नई में सुरक्षा के विशेष इंतजाम
अकेले चेन्नई में 1,562 गणेश प्रतिमाएँ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। त्योहार के दौरान चेन्नई पुलिस के अधिकार क्षेत्र में 16,500 पुलिसकर्मी और 500 होम गार्ड तैनात रहेंगे — कुल 17,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी। ये दल प्रतिमा स्थापना स्थलों, जुलूस मार्गों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और विसर्जन घाटों पर चौकसी रखेंगे।
आयोजकों को उन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है जहाँ सार्वजनिक पूजा के लिए प्रतिमाएँ रखी जाएँगी। इसके अलावा प्रतिमाओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की सहायता के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती भी अनिवार्य की गई है।
विसर्जन की तिथियाँ और मार्ग
गणेश प्रतिमाओं को 19 और 20 सितंबर 2026 को जुलूस के साथ निर्धारित जलाशयों में विसर्जित किया जाएगा। जुलूस केवल उन्हीं मार्गों पर चल सकेगा जिन्हें पुलिस ने पूर्व में अनुमोदित किया है। आयोजकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर विसर्जन पूरा करना होगा और मार्ग पर तैनात अधिकारियों का सहयोग करना होगा।
जुलूस के दौरान बिना अनुमति वाले वाहनों, भड़काऊ नारों, ज्वलनशील पदार्थों और अत्यधिक ध्वनि वाले साउंड सिस्टम के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सोशल मीडिया और सांप्रदायिक सद्भाव पर निगरानी
पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय निगरानी रखेगी ताकि सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली भड़काऊ या भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोका जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के या आवश्यक मंजूरियों के अभाव में स्थापित की गई किसी भी प्रतिमा और सार्वजनिक शांति भंग करने के किसी भी प्रयास पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आयोजकों और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे अधिकारियों का सहयोग करें और गणेश चतुर्थी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील तरीके से मनाएँ। गौरतलब है कि हर वर्ष इस त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन से जल प्रदूषण की चिंताएँ उठती हैं, और इसीलिए इस बार पर्यावरणीय मानकों को विशेष रूप से शर्तों में शामिल किया गया है।