सेंसेक्स 154 अंक ऊपर, निफ्टी 24,000 के करीब; बैंकिंग शेयरों ने संभाली बाजार की कमान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 3 सितंबर को मजबूत शुरुआत की, जहाँ बीएसई सेंसेक्स 154.60 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,724.95 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 83.50 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,997.95 पर कारोबार कर रहा था। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों ने इस तेजी की अगुआई की, जबकि आईटी और एफएमसीजी सेगमेंट दबाव में रहे।
बैंकिंग सेक्टर की अगुआई
शुरुआती कारोबार में निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे अधिक बढ़त में थे। इनके अलावा निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटीज भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कंजम्पशन लाल निशान में थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी उत्साह
व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुझान देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,165 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 168 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,981 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।
प्रमुख गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इटरनल, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक और ट्रेंट प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंडिगो, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, टाइटन, आईटीसी, एचयूएल और एशियन पेंट्स नुकसान में रहे।
वैश्विक संकेत अनुकूल
एशियाई बाजारों का रुझान भी सकारात्मक रहा। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, जकार्ता और सोल के बाजार हरे निशान में थे, जबकि केवल हांगकांग लाल निशान में कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजार में बुधवार को डाओ जोन्स 0.56 प्रतिशत और नैस्डैक 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए थे।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स में गिरावट से भारत सहित वैश्विक बाजारों के लिए सकारात्मक माहौल बना है। एफसीएनआर (बी) जमा में रिकॉर्ड $136 अरब के निवेश से डॉलर के मुकाबले रुपए को समर्थन मिलने और विदेशी निवेशकों का भारत में भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। इसकी पुष्टि बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ₹9,500 करोड़ की शुद्ध खरीदारी से भी होती है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आँकड़ों पर निर्भर करेगी।