एसपी बालासुब्रमण्यम: सलमान खान से रजनीकांत तक, 16 भाषाओं में 40,000 गाने गाने वाली वह अनमोल आवाज़
सारांश
मुख्य बातें
एस.पी. बालासुब्रमण्यम (एसपीबी) की आवाज़ भारतीय सिनेमा के उन विरल उपहारों में से एक थी जो किसी अभिनेता के चेहरे की पहचान का अटूट हिस्सा बन जाती है। पाँच दशकों के करियर में उन्होंने 16 भाषाओं में 40,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए और चार भाषाओं में 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। 25 सितंबर 2020 को उनके निधन से भारतीय संगीत जगत ने एक ऐसा सुर खोया जो अपनी तरह का था।
सलमान खान की आवाज़ और हिंदी सिनेमा में दमदार एंट्री
1989 में निर्देशक सूरज बड़जात्या की फिल्म 'मैंने प्यार किया' ने सलमान खान को एक नए युग के रोमांटिक नायक के रूप में स्थापित किया। इस फिल्म में एसपीबी की आवाज़ ने सलमान की पर्दे पर मौजूदगी को एक अलग रंग दिया। 'दिल दीवाना' जैसे गाने उस दौर के लोगों की ज़ुबान पर थे, और सलमान के साथ एसपीबी की आवाज़ का यह तालमेल दर्शकों के दिल में बस गया।
यह सिलसिला एक फिल्म पर नहीं रुका। 'साजन', 'हम आपके हैं कौन' और उस दशक की कई अन्य फिल्मों में एसपीबी ने सलमान के लिए अपनी आवाज़ दी। 'हम आपके हैं कौन' का गाना 'पहला पहला प्यार है' सलमान की रोमांटिक छवि को और गहरा करने में सहायक बना। एसपीबी की आवाज़ में मिठास और भावनात्मक गहराई का वह संयोजन था, जो पर्दे पर दिख रहे कलाकार की हर भावना के साथ सहज ही जुड़ जाता था।
दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनका अतुलनीय योगदान
एसपीबी की पहचान हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं थी — दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनका कद कहीं अधिक विशाल था। कमल हासन के लिए उन्होंने कई फिल्मों में आवाज़ दी। गौरतलब है कि कमल हासन ने अपने करियर में बेहद विविध किरदार निभाए, और एसपीबी ने हर किरदार के मिज़ाज के अनुसार अपनी गायकी का रंग बदला। 'एक दूजे के लिए' में कमल हासन के किरदार के लिए उनकी आवाज़ का इस्तेमाल एक ऐसे प्रयोग की मिसाल बना जो भारतीय सिनेमा में याद रखा जाता है।
रजनीकांत के साथ भी एसपीबी का गहरा संगीत-संबंध रहा। रजनीकांत की फिल्मों में एसपीबी की आवाज़ में वह ऊर्जा और जोश झलकता था जो सुपरस्टार के विशाल पर्दे वाले अंदाज़ के साथ पूरी तरह मेल खाता था। दक्षिण भारत में दशकों तक रजनीकांत की स्टार-पहचान के साथ एसपीबी की आवाज़ एक अनिवार्य हिस्से की तरह जुड़ी रही।
आवाज़ की विविधता — जो उन्हें सबसे अलग बनाती थी
एसपीबी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह किसी एक शैली में बँधे नहीं रहे। रोमांटिक गीत हों, विरह के दर्द से भीगे बोल हों, या किसी सुपरस्टार के लिए ऊर्जा से भरपूर नंबर — उनकी आवाज़ हर बार एक अलग असर छोड़ती थी। उन्होंने हर अभिनेता की स्क्रीन पर्सोना को समझकर अपनी गायकी को उस साँचे में ढाला, जो उस पर्सोना के लिए सबसे सटीक था। यह कौशल उन्हें उनके समकालीन गायकों से अलग खड़ा करता था।
विरासत और पुरस्कार
एसपीबी ने 16 भाषाओं में गायकी की और उनके गानों की संख्या 40,000 से अधिक आँकी जाती है — यह आँकड़ा अपने आप में उनकी अदम्य कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और हिंदी सहित चार भाषाओं में 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। 25 सितंबर 2020 को उनके निधन के बाद से हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर संगीत जगत उन्हें याद करता है। उनकी आवाज़ रिकॉर्डिंग के रूप में आज भी जीवित है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।