जमुई-समस्तीपुर कांड: BJP प्रवक्ता बोले — सम्राट चौधरी नेतृत्व में अपराध से कोई समझौता नहीं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में जमुई और समस्तीपुर में महिलाओं से जुड़ी घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में अपराधियों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों को पकड़कर ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जाएगा जो भविष्य में किसी को भी ऐसे कृत्य के बारे में सोचने से रोके। पासवान ने यह भी दोहराया कि बिहार की बहन-बेटियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
BJP का कड़ा रुख और सरकार की प्रतिबद्धता
गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, 'महिला अस्मिता से जुड़ी कोई भी घटना अत्यंत दुखद, निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण होती है। किसी प्रकार के शब्दों से उसे सही नहीं ठहराया जा सकता।' उन्होंने सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले नीतीश कुमार और अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में अपराध से किसी भी प्रकार का समझौता संभव नहीं है। पासवान के अनुसार, आरोपी पकड़े जा चुके हैं और उन्हें ऐसा दंड मिलेगा जो एक मिसाल बने।
बिहार की पहचान और महिला सम्मान
पासवान ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत का हवाला देते हुए कहा कि यह 'माँ सीता और वैशाली की भूमि' है, जहाँ महिलाओं की अस्मिता से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बिहार की महिलाएँ निर्भय होकर सड़कों पर चलें, यही सरकार का लक्ष्य है।
मनीष सिसोदिया और AAP पर निशाना
पासवान ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सिसोदिया स्वयं भ्रष्टाचार के मामले में जेल से होकर आए हैं और अब पंजाब में सरकारी बंगले पर काबिज हैं। पासवान ने यह भी उठाया कि पंजाब में दलित समुदाय के व्यक्ति गुलजार सिंह को कथित तौर पर AAP मंत्री के दबाव में आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा — और उस समय सिसोदिया की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
तेजस्वी यादव और महागठबंधन पर BJP का हमला
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए पासवान ने कहा कि उनके बयान 'मूर्खतापूर्ण और असंवैधानिक' हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महागठबंधन — जिसमें तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और अन्य शामिल हैं — कांग्रेस की शरण में बैठकर बिहार में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। पासवान ने सवाल किया कि संविधान की मर्यादा में रहकर राजनीति करने के बजाय इस प्रकार के बयान देने का क्या औचित्य है।
आगे क्या होगा
घटनाओं में पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जारी है। BJP के अनुसार, यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि बिहार सरकार की महिला सुरक्षा नीति की साख का भी सवाल है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल में इस मुद्दे पर BJP और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है।