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लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: अखिलेश यादव का UP सरकार पर हमला, ₹1 करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग

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लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: अखिलेश यादव का UP सरकार पर हमला, ₹1 करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग

सारांश

लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में बच्चों की मौत पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने UP सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा किया — ₹1 करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग के साथ प्रशासनिक विफलता को जिम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 जून 2026 को लखनऊ अलीगंज अग्निकांड पर UP सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने मृतक बच्चों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
राहत कार्य में आधुनिक उपकरणों की जगह हथौड़ों के इस्तेमाल पर यादव ने सवाल उठाए।
यादव ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे SIT द्वारा अब तक FIR न होने पर भी सवाल उठाए।
हादसे की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, बचाव कार्यों में देरी और प्रशासनिक लापरवाही के चलते कई मासूम बच्चों की जान चली गई — और यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी।

मुख्य आरोप और मांगें

सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि अलीगंज की यह घटना महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की गहरी विफलता का नतीजा है। उन्होंने सवाल उठाया कि राहत अभियान के दौरान आधुनिक उपकरणों की जगह हथौड़ों से दीवारें क्यों तोड़ी गईं, जबकि बेहतर संसाधन उपलब्ध होने चाहिए थे।

यादव ने मांग की कि प्रत्येक मृतक बच्चे के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इससे पहले भी अनेक बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन हर बार सबक लेने की बजाय घटनाओं को दबाने की कोशिश की जाती है। उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिकता जवाबदेही तय करना नहीं, बल्कि मामले को ठंडा करना रही है।

उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अपने बच्चे को खोने से बड़ा दुख किसी परिवार के लिए नहीं हो सकता, और यह पीड़ा केवल वही समझ सकता है जिसने अपना लाल खोया हो। उन्होंने हादसे की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की भी मांग की।

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे पर सवाल

इसी प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में अब तक FIR दर्ज न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

यादव ने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण और पूजा-अर्चना के लिए उदारतापूर्वक दान दिया है, इसलिए यदि चढ़ावे और दान राशि में किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका है, तो जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

अन्य राजनीतिक मुद्दे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े कथित भूमि विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में सपा प्रमुख ने कहा कि वहां सत्ताधारी दल के भीतर ही मतभेद और टकराव की स्थिति उभर रही है, जिसके कारण ऐसी खबरें सामने आ रही हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा अन्य दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिशों पर अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP राजनीतिक विस्तार के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों की पक्षधर है और प्रदेश में सरकार बनने पर जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा।

आगे क्या होगा

सपा के इन आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पर अग्निकांड की जांच में पारदर्शिता लाने और पीड़ित परिवारों को राहत देने का दबाव बढ़ेगा। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रदेश में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके केंद्र में एक ठोस सवाल है — क्या उत्तर प्रदेश में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के ढाँचे में बुनियादी सुधार हुए हैं? राहत अभियान में हथौड़ों के इस्तेमाल का आरोप, अगर सत्य है, तो यह संसाधन-नियोजन की गंभीर चूक को उजागर करता है। यह पहली बार नहीं है जब UP में किसी बड़े हादसे के बाद विपक्ष ने मुआवजे और जांच की मांग उठाई हो — असली कसौटी यह होगी कि सरकार इस बार जवाबदेही तय करती है या मामला फिर से ठंडे बस्ते में चला जाता है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में क्या हुआ?
लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक भीषण अग्निकांड हुआ जिसमें कई मासूम बच्चों की जान चली गई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के अनुसार, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बचाव कार्यों में देरी इस त्रासदी के प्रमुख कारण रहे।
अखिलेश यादव ने UP सरकार से क्या मांगें की हैं?
अखिलेश यादव ने मृतक बच्चों के प्रत्येक परिजन को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने हादसे की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की माँग भी रखी।
राहत कार्य में हथौड़ों के इस्तेमाल पर विवाद क्यों है?
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि बचाव अभियान के दौरान दीवारें तोड़ने के लिए आधुनिक उपकरणों की जगह हथौड़ों का इस्तेमाल क्यों किया गया। उनके अनुसार, यह प्रशासनिक तैयारी और संसाधन नियोजन की गंभीर कमी को दर्शाता है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे विवाद में SIT की जांच पर क्या स्थिति है?
अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने इसे पारदर्शिता की कमी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस अग्निकांड का UP की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर क्या असर होगा?
विपक्षी दबाव और जनआक्रोश के बीच UP सरकार पर अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा और पीड़ितों को राहत देने का दबाव बढ़ेगा। यह घटना प्रदेश में आपदा प्रबंधन ढाँचे की पर्याप्तता पर एक बार फिर बहस को केंद्र में ला सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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