लखनऊ अग्निकांड: मृतक आदित्य की मां ने माँगा ₹1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों को उम्रकैद
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड में जान गँवाने वाले सीतापुर निवासी आदित्य श्रीवास्तव की माँ कल्पना श्रीवास्तव ने 25 जून को सरकार से ₹1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों को उम्रकैद की सज़ा देने की माँग की। उन्होंने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर लखनऊ प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि बचाव अभियान में बरती गई लापरवाही ने 15 बच्चों की जान ले ली।
मुआवजे और जवाबदेही की माँग
कल्पना श्रीवास्तव ने कहा, 'सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख दिए हैं, जो काफी कम है। सरकार प्रत्येक परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी दे।' उन्होंने यह भी माँग की कि जिन लोगों की लापरवाही से 15 बच्चों की मौत हुई, उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए।
बचाव अभियान में लापरवाही का आरोप
कल्पना श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँचने के बावजूद लापरवाही बरती गई, जिसके चलते बच्चों को समय पर नहीं बचाया जा सका। उन्होंने कहा, 'प्रशासन ने सही समय पर बचाव अभियान शुरू नहीं किया।' उनका यह भी कहना था कि यदि किसी प्रभावशाली परिवार के बच्चे फँसे होते, तो बुलडोजर से इमारत गिराकर तुरंत बचाव किया जाता।
मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के संदर्भ में कल्पना श्रीवास्तव ने कहा, 'हमने मुख्यमंत्री से कहा कि जिस तरह आज आपके दौरे की वजह से सारे इंतजाम किए गए, सड़कें साफ की गईं और लोगों को हटाया गया — अगर हादसे वाले दिन भी ऐसी तैयारी होती, तो उन 15 बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।' यह टिप्पणी प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर एक तीखा सवाल है।
न्याय और कड़ी कार्रवाई की अपील
कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपियों को अभी तक केवल 14 दिन के लिए गिरफ्तार किया गया है, जबकि उन्हें उम्रकैद की सज़ा मिलनी चाहिए। उन्होंने माँग की कि जाँच के नाम पर लीपापोती न की जाए, बल्कि कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि 'हादसे के लिए सिस्टम ज़िम्मेदार है और सभी दोषियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।' इस अग्निकांड के बाद कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा और अग्निशमन मानकों पर व्यापक सवाल उठ रहे हैं।