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लखनऊ अग्निकांड: मृतक आदित्य की मां ने माँगा ₹1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों को उम्रकैद

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लखनऊ अग्निकांड: मृतक आदित्य की मां ने माँगा ₹1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों को उम्रकैद

सारांश

लखनऊ अलीगंज कोचिंग सेंटर की आग में बेटा खो चुकीं कल्पना श्रीवास्तव का दर्द अब सवाल बन चुका है — ₹1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों को उम्रकैद। उनका सीधा सवाल: जो इंतजाम मुख्यमंत्री के दौरे के लिए हुए, वही हादसे वाले दिन क्यों नहीं हुए?

मुख्य बातें

लखनऊ अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड में सीतापुर के आदित्य श्रीवास्तव सहित 15 छात्रों की मौत हुई।
मृतक की माँ कल्पना श्रीवास्तव ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की माँग की।
सरकार द्वारा दिए गए ₹5 लाख मुआवजे को परिवार ने 'बेहद कम' बताया।
आरोपियों को अब तक केवल 14 दिन के लिए गिरफ्तार किया गया है; परिवार ने उम्रकैद की माँग की।
कल्पना श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात में बचाव अभियान में प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया।

लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड में जान गँवाने वाले सीतापुर निवासी आदित्य श्रीवास्तव की माँ कल्पना श्रीवास्तव ने 25 जून को सरकार से ₹1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों को उम्रकैद की सज़ा देने की माँग की। उन्होंने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर लखनऊ प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि बचाव अभियान में बरती गई लापरवाही ने 15 बच्चों की जान ले ली।

मुआवजे और जवाबदेही की माँग

कल्पना श्रीवास्तव ने कहा, 'सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख दिए हैं, जो काफी कम है। सरकार प्रत्येक परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी दे।' उन्होंने यह भी माँग की कि जिन लोगों की लापरवाही से 15 बच्चों की मौत हुई, उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए।

बचाव अभियान में लापरवाही का आरोप

कल्पना श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँचने के बावजूद लापरवाही बरती गई, जिसके चलते बच्चों को समय पर नहीं बचाया जा सका। उन्होंने कहा, 'प्रशासन ने सही समय पर बचाव अभियान शुरू नहीं किया।' उनका यह भी कहना था कि यदि किसी प्रभावशाली परिवार के बच्चे फँसे होते, तो बुलडोजर से इमारत गिराकर तुरंत बचाव किया जाता।

मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के संदर्भ में कल्पना श्रीवास्तव ने कहा, 'हमने मुख्यमंत्री से कहा कि जिस तरह आज आपके दौरे की वजह से सारे इंतजाम किए गए, सड़कें साफ की गईं और लोगों को हटाया गया — अगर हादसे वाले दिन भी ऐसी तैयारी होती, तो उन 15 बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।' यह टिप्पणी प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर एक तीखा सवाल है।

न्याय और कड़ी कार्रवाई की अपील

कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपियों को अभी तक केवल 14 दिन के लिए गिरफ्तार किया गया है, जबकि उन्हें उम्रकैद की सज़ा मिलनी चाहिए। उन्होंने माँग की कि जाँच के नाम पर लीपापोती न की जाए, बल्कि कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि 'हादसे के लिए सिस्टम ज़िम्मेदार है और सभी दोषियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।' इस अग्निकांड के बाद कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा और अग्निशमन मानकों पर व्यापक सवाल उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह हादसे वाले दिन क्यों नहीं थी — महज एक माँ का दुख नहीं, यह प्रशासनिक प्राथमिकताओं की विफलता का आईना है। लखनऊ जैसे राज्य की राजधानी में एक कोचिंग सेंटर में अग्निशमन मानकों की अनदेखी और रेस्क्यू में देरी यह बताती है कि नियामक तंत्र कागज़ों पर है, ज़मीन पर नहीं। ₹5 लाख का मुआवजा जब 15 परिवारों की ज़िंदगी उजड़ चुकी हो, तो वह सांत्वना कम, अपमान अधिक लगता है। असली जवाबदेही तब होगी जब जाँच सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि कोचिंग सेंटरों के लाइसेंस और अग्निसुरक्षा ऑडिट की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी किया जाए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड में क्या हुआ था?
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत हो गई, जिनमें सीतापुर के आदित्य श्रीवास्तव भी शामिल थे। परिजनों का आरोप है कि बचाव अभियान में प्रशासनिक लापरवाही बरती गई।
आदित्य श्रीवास्तव की माँ ने सरकार से क्या माँगें रखी हैं?
कल्पना श्रीवास्तव ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की माँग की है। उन्होंने दोषियों को उम्रकैद और उनके घर गिराने की भी माँग रखी है।
सरकार ने अब तक पीड़ित परिवारों को कितना मुआवजा दिया है?
सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख रुपये दिए हैं, जिसे कल्पना श्रीवास्तव ने 'बेहद कम' बताते हुए ₹1 करोड़ की माँग की है।
इस अग्निकांड के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है?
मृतक की माँ ने लखनऊ प्रशासन और 'सिस्टम' को सीधे ज़िम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि रेस्क्यू टीम के मौके पर पहुँचने के बाद भी लापरवाही बरती गई। आरोपियों को अब तक 14 दिन के लिए गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे पर परिवार ने क्या कहा?
कल्पना श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात में कहा कि उनके दौरे के लिए जो तत्काल प्रबंध किए गए, वैसी ही तैयारी हादसे वाले दिन होती तो 15 बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
राष्ट्र प्रेस
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