11 अगस्त 2026
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लखनऊ अलीगंज कोचिंग अग्निकांड: अभाविप ने माँगी उच्चस्तरीय जाँच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की माँग

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लखनऊ अलीगंज कोचिंग अग्निकांड: अभाविप ने माँगी उच्चस्तरीय जाँच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की माँग

सारांश

लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में भीषण आग ने विद्यार्थियों की जान ली। अभाविप ने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए उच्चस्तरीय जाँच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और प्रदेशभर के शैक्षणिक परिसरों के अग्नि सुरक्षा ऑडिट की माँग की है।

मुख्य बातें

लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में 22 जून को भीषण अग्निकांड में विद्यार्थियों की मौत और कई घायल।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने घटना को अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया।
परिषद ने उत्तर प्रदेश सरकार से उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच की माँग की।
प्रदेशभर के कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों और शैक्षणिक परिसरों का विशेष अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने की माँग।
राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह और अवध प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की माँग की।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी की।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में विद्यार्थियों की मौत और कई के घायल होने पर गहरा शोक व्यक्त किया है। परिषद ने इस हादसे को अग्नि सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी, नियमित निरीक्षण की कमी और प्रशासनिक लापरवाही का सीधा परिणाम बताया है।

मुख्य घटनाक्रम

अलीगंज के इस कोचिंग सेंटर में लगी आग ने पढ़ाई करने आए विद्यार्थियों की जान ले ली और कई अन्य घायल हो गए। अभाविप ने इसे 'अत्यंत हृदयविदारक और चिंताजनक' घटना करार देते हुए कहा कि शिक्षा ग्रहण करने पहुँचे युवाओं का इस प्रकार असमय काल-कवलित होना सुरक्षा व्यवस्था और नियामकीय तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर करता है।

अभाविप की माँगें

परिषद ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच कराने की माँग की है। अभाविप का स्पष्ट कहना है कि जिन व्यक्तियों, संस्थाओं अथवा अधिकारियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लापरवाही इस हादसे के लिए जिम्मेदार पाई जाए, उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इसके अतिरिक्त, परिषद ने प्रदेशभर में संचालित कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों और शैक्षणिक परिसरों का विशेष अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने की भी माँग रखी है। परिषद के अनुसार सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

नेताओं की प्रतिक्रिया

अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि 'अलीगंज में हुई यह घटना पूरे विद्यार्थी समाज को झकझोर देने वाली है। विद्यार्थियों के जीवन की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं हो सकता।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी अथवा प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

अभाविप के अवध प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा कि 'यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जिम्मेदार तंत्र की विफलता का परिणाम प्रतीत होती है।' उन्होंने प्रदेश के सभी शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का व्यापक परीक्षण कराने की माँग की।

राहत एवं सहायता कार्य

घटना के तुरंत बाद अभाविप के कार्यकर्ता प्रभावित विद्यार्थियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए सक्रिय हो गए। परिषद ने आपात सहायता, समन्वय और आवश्यक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

आगे क्या

अभाविप के दबाव के बाद अब सभी की निगाहें उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। गौरतलब है कि देश में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उल्लंघन की यह कोई पहली घटना नहीं है — इससे पहले भी कई राज्यों में ऐसे हादसे हो चुके हैं, जो नियामकीय ढाँचे की कमज़ोरी को बार-बार उजागर करते हैं। परिषद ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में न्याय मिलने तक अपना दबाव बनाए रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सरकार इस बार महज़ जाँच समिति बनाकर मामला ठंडे बस्ते में डालेगी या वास्तव में प्रवर्तन तंत्र को दुरुस्त करेगी। पिछले वर्षों में दिल्ली, सूरत और राजकोट जैसे शहरों में इसी तरह के हादसों के बाद घोषित 'सुरक्षा ऑडिट' कागज़ों तक सीमित रहे। जब तक कोचिंग संस्थानों के लाइसेंस को अग्नि सुरक्षा अनुपालन से अनिवार्य रूप से नहीं जोड़ा जाता, ये माँगें केवल शोक-संदेश बनकर रह जाएँगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड क्या है?
22 जून को लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई, जिसमें विद्यार्थियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अभाविप सहित कई संगठनों ने इसे अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है।
अभाविप ने इस हादसे पर क्या माँगें रखी हैं?
अभाविप ने उत्तर प्रदेश सरकार से उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच, दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई और प्रदेशभर के कोचिंग संस्थानों व शैक्षणिक परिसरों का विशेष अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने की माँग की है।
अभाविप के किन नेताओं ने प्रतिक्रिया दी?
अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह और अवध प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि देते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की माँग की। दोनों नेताओं ने इसे सुरक्षा तंत्र की गंभीर विफलता बताया।
पीड़ित विद्यार्थियों और परिजनों की मदद के लिए क्या कदम उठाए गए?
अभाविप के कार्यकर्ता घटना के तुरंत बाद प्रभावित विद्यार्थियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए सक्रिय हो गए। परिषद ने आपात सहायता और समन्वय के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा को लेकर क्या नियम हैं?
भारत में कोचिंग संस्थानों को अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लेना अनिवार्य है, लेकिन नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन की कमी के कारण अनुपालन अक्सर कागज़ों तक सीमित रहता है। अभाविप ने इसी खामी को दूर करने के लिए विशेष सुरक्षा ऑडिट की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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