लखनऊ अग्निकांड के बाद योगी सरकार का बड़ा एक्शन: प्रदेशभर में अवैध कोचिंग सेंटरों पर चलेगा अभियान
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 23 जून 2026 को पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा और वैधता की जाँच के लिए एक व्यापक प्रदेशव्यापी अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जनपदों में बिना पंजीकरण चल रहे कोचिंग सेंटरों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें और पंजीकृत संस्थानों का भी विशेष सुरक्षा ऑडिट कराएँ।
मुख्य घटनाक्रम
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकरण के बिना संचालित किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को औपचारिक पत्र जारी किया गया है, जिसमें अवैध संस्थानों की पहचान और पंजीकृत सेंटरों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण में क्या जाँचा जाएगा
मंत्री उपाध्याय ने बताया कि निरीक्षण अभियान के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं की गहन समीक्षा की जाएगी:
भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, विद्युत व्यवस्था की स्थिति, आपातकालीन निकास मार्गों की पर्याप्तता, विद्यार्थियों की क्षमता के अनुरूप बुनियादी सुविधाएँ तथा अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान को लेकर मंत्री उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों और अभिभावकों का हित सर्वोपरि है और प्रदेश में संचालित प्रत्येक कोचिंग संस्थान को निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन करना होगा।
गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। 2024 में नई दिल्ली के राजेंद्र नगर में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत के बाद भी इसी तरह के अभियानों की माँग उठी थी।
आम जनता और विद्यार्थियों पर असर
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए यह अभियान सीधे तौर पर प्रासंगिक है। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित होते हैं, जिनमें से कई कथित तौर पर बिना उचित पंजीकरण या सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं। सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य हर विद्यार्थी को सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराना है।
आगे क्या होगा
जिलाधिकारियों द्वारा सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अवैध संस्थानों पर उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पंजीकृत संस्थानों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप खुद को अद्यतन करने का अवसर दिया जाएगा, अन्यथा उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कदम उठाए जाएँगे। यह देखना होगा कि क्या यह अभियान महज एक अल्पकालिक प्रतिक्रिया बनकर रह जाता है या दीर्घकालिक नीतिगत बदलाव की नींव रखता है।