10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लखनऊ अग्निकांड के बाद CM योगी का बड़ा फैसला: पूरे UP में मिशन मोड फायर सेफ्टी ऑडिट, बेसमेंट कोचिंग पर सख्त रोक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लखनऊ अग्निकांड के बाद CM योगी का बड़ा फैसला: पूरे UP में मिशन मोड फायर सेफ्टी ऑडिट, बेसमेंट कोचिंग पर सख्त रोक

सारांश

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड ने योगी सरकार को झकझोर दिया। CM ने मिशन मोड फायर ऑडिट, बेसमेंट कोचिंग पर रोक और एनओसी प्रदर्शन अनिवार्य करने के आदेश दिए। 350 में से 296 तहसीलों में ही अग्निशमन केंद्र — बाकी की कमी अब भरी जाएगी।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 23 जून 2026 को लखनऊ अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रदेशव्यापी मिशन मोड फायर सेफ्टी ऑडिट का आदेश दिया।
अस्पताल, कोचिंग संस्थान, मॉल, सरकारी भवन सहित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान जाँच के दायरे में; बेसमेंट में कोचिंग या व्यावसायिक गतिविधि पर सख्त प्रतिबंध।
सभी व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग की एनओसी परिसर में प्रदर्शित करना अनिवार्य; कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण अनिवार्य।
घटना के दौरान 14 एम्बुलेंस तत्काल तैनात की गई थीं; सभी एजेंसियों को रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के निर्देश।
प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 में 326 अग्निशमन केंद्र सक्रिय; 26 नए केंद्र लोकार्पण हेतु तैयार, 47 और के लिए DPR प्रगति पर।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड को प्रदेश के लिए एक गंभीर सबक करार देते हुए 23 जून 2026 को राज्यव्यापी फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान का आदेश दिया। शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मिशन मोड ऑडिट: क्या होगा जाँच के दायरे में

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जनपदों में अस्पताल, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग संस्थान, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवन और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की विधिवत जाँच की जाए। प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर यह अभियान संचालित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, उसके बाद ही नियमानुसार कार्रवाई हो — अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं होगा।

बेसमेंट कोचिंग और भू-उपयोग उल्लंघन पर सख्ती

योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग या अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ न चलाई जाएँ। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है, तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही होगा। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भवन या भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए जिसके लिए स्वीकृति दी गई है। व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने और मानक से अधिक पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।

एनओसी प्रदर्शन और पंजीकरण अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि सभी व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही, सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। यह कदम ऐसे समय में आया है जब हाल ही में नई दिल्ली में भी एक बड़ा अग्निकांड हुआ था, जिसका उल्लेख मुख्यमंत्री ने बैठक में किया।

आपातकालीन रिस्पॉन्स और अग्निशमन ढाँचे की समीक्षा

बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एसडीआरएफ के अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी होंगे — और सभी एजेंसियों को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

प्रदेश में अग्निशमन केंद्रों की स्थिति और विस्तार योजना

महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने बताया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, 25 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है और 47 नए केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अग्निशमन विभाग को आधुनिक उपकरण, संसाधन और तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराने में किसी प्रकार का विलंब न करने की भी हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा से जुड़ा विषय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी जड़ में नियमों का क्रियान्वयन नहीं, उनकी अनदेखी है। CM योगी का ऑडिट आदेश दिशा में सही है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह जनजागरूकता का नाम लेकर कार्रवाई को टालने का ज़रिया बनेगा या वास्तव में उल्लंघनकर्ताओं पर शिकंजा कसेगा। गौरतलब है कि प्रदेश की 54 तहसीलों में अभी भी स्थायी अग्निशमन केंद्र नहीं हैं — यह संरचनात्मक खामी किसी भी ऑडिट से पहले दूर होनी चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ अलीगंज अग्निकांड के बाद CM योगी ने क्या कदम उठाए?
CM योगी आदित्यनाथ ने 23 जून 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेशव्यापी मिशन मोड फायर सेफ्टी ऑडिट का आदेश दिया। अस्पताल, कोचिंग संस्थान, मॉल और सरकारी भवनों सहित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस जाँच के दायरे में आएंगे।
बेसमेंट में कोचिंग चलाने पर क्या नियम लागू होंगे?
CM योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग या अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित नहीं होनी चाहिए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है, तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही होगा।
फायर एनओसी को लेकर व्यावसायिक भवनों के लिए क्या नया नियम है?
अब सभी व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। साथ ही सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण भी सुनिश्चित कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में अभी कितने अग्निशमन केंद्र हैं और कितने और बनेंगे?
प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, 25 का निर्माण जारी है और 47 और केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है।
फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान में आम नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा?
CM योगी ने स्पष्ट किया है कि अभियान पूरी तरह जनहित में चलाया जाएगा और पहले जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, उसके बाद कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले