लखनऊ अग्निकांड के बाद CM योगी का बड़ा फैसला: पूरे UP में मिशन मोड फायर सेफ्टी ऑडिट, बेसमेंट कोचिंग पर सख्त रोक
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड को प्रदेश के लिए एक गंभीर सबक करार देते हुए 23 जून 2026 को राज्यव्यापी फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान का आदेश दिया। शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मिशन मोड ऑडिट: क्या होगा जाँच के दायरे में
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जनपदों में अस्पताल, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग संस्थान, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवन और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की विधिवत जाँच की जाए। प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर यह अभियान संचालित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, उसके बाद ही नियमानुसार कार्रवाई हो — अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं होगा।
बेसमेंट कोचिंग और भू-उपयोग उल्लंघन पर सख्ती
योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग या अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ न चलाई जाएँ। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है, तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही होगा। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भवन या भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए जिसके लिए स्वीकृति दी गई है। व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने और मानक से अधिक पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
एनओसी प्रदर्शन और पंजीकरण अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि सभी व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही, सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। यह कदम ऐसे समय में आया है जब हाल ही में नई दिल्ली में भी एक बड़ा अग्निकांड हुआ था, जिसका उल्लेख मुख्यमंत्री ने बैठक में किया।
आपातकालीन रिस्पॉन्स और अग्निशमन ढाँचे की समीक्षा
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एसडीआरएफ के अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी होंगे — और सभी एजेंसियों को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्रदेश में अग्निशमन केंद्रों की स्थिति और विस्तार योजना
महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने बताया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, 25 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है और 47 नए केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अग्निशमन विभाग को आधुनिक उपकरण, संसाधन और तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराने में किसी प्रकार का विलंब न करने की भी हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा से जुड़ा विषय है।