लखनऊ अग्निकांड के बाद नोएडा में बड़ी कार्रवाई: सेक्टर-104 का ओम कोचिंग सेंटर सील, फायर एनओसी व रजिस्ट्रेशन नदारद
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने 23 जून 2025 को नोएडा के सेक्टर-104 स्थित ओम कोचिंग सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में शुरू हुए सुरक्षा-जांच अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसमें संस्थान के पास न वैध पंजीकरण मिला और न ही अग्नि सुरक्षा विभाग की अनिवार्य फायर एनओसी। यह संयुक्त कार्रवाई जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), सिटी मजिस्ट्रेट और अग्निशमन विभाग की टीम ने मिलकर अंजाम दी।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर दस्तावेजों की बारीकी से जाँच की और सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया। जाँच के दौरान कई गंभीर कमियाँ सामने आईं — संस्थान के पास न तो वैध रजिस्ट्रेशन था और न ही फायर एनओसी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इन खामियों के मद्देनज़र विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोचिंग सेंटर को तुरंत बंद कर सील करने का निर्णय लिया गया।
लखनऊ अग्निकांड से जुड़ा संदर्भ
गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब लखनऊ में हाल ही में एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया था। उस घटना के बाद राज्य प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जाँच को प्राथमिकता दी है। गौतमबुद्ध नगर में यह अभियान उसी व्यापक सतर्कता का हिस्सा है।
प्रशासन का रुख और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में ऐसे सभी कोचिंग सेंटरों, स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जाँच जारी रहेगी। जिन संस्थानों के पास आवश्यक दस्तावेज, पंजीकरण या फायर एनओसी नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संचालकों से अपील की है कि वे सभी अनिवार्य मानकों को शीघ्र पूरा करें।
आम जनता और विद्यार्थियों पर असर
अधिकारियों का कहना है कि जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ आते हैं, वहाँ अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और वैध अनुमति-पत्र का होना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी विद्यार्थियों के जीवन को सीधे खतरे में डाल सकती है। इस कार्रवाई से नोएडा के अभिभावकों और छात्रों में यह संदेश गया है कि प्रशासन सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।
आने वाले दिनों में जिले के अन्य कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जाँच की जाएगी, जिससे यह अभियान और व्यापक रूप ले सकता है।