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ग्रेटर नोएडा: 11 कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा जांच, सोमवार तक सुधार न हुआ तो सीलिंग

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ग्रेटर नोएडा: 11 कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा जांच, सोमवार तक सुधार न हुआ तो सीलिंग

सारांश

ग्रेटर नोएडा में 11 कोचिंग सेंटरों की अग्नि सुरक्षा जांच में गंभीर कमियां मिलीं। प्रशासन ने सोमवार तक सुधार का अल्टीमेटम दिया है — न माने तो सीलिंग। यह अभियान जिलाधिकारी की 15 दिन की समयसीमा के अंतिम चरण में शुरू हुआ है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग ने 11 जुलाई से कोचिंग सेंटरों में विशेष अग्नि सुरक्षा जांच अभियान शुरू किया।
अल्फा कमर्शियल बेल्ट के ओम टावर में 11 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया; कई में गंभीर कमियां पाई गईं।
कमी वाले संस्थानों को सोमवार, 14 जुलाई तक सुधार का अंतिम अवसर दिया गया है।
दोबारा निरीक्षण में उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कोचिंग सेंटरों को सील किया जा सकता है।
अभियान आगे ग्रेटर नोएडा के अन्य क्षेत्रों के कोचिंग संस्थानों तक भी विस्तारित होगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार, 11 जुलाई से शहर के कोचिंग सेंटरों में विशेष अग्नि सुरक्षा जांच अभियान शुरू किया। पहले चरण में अल्फा कमर्शियल बेल्ट स्थित ओम टावर के 11 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से कई में गंभीर कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सोमवार, 14 जुलाई तक मानक पूरे न करने वाले संस्थानों को सील किया जा सकता है।

जांच में क्या मिला

निरीक्षण दल ने प्रत्येक कोचिंग सेंटर में फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास, सुरक्षा संकेतक और समग्र अग्निशमन व्यवस्था की जाँच की। कुछ संस्थानों में उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि कई में खामियां उजागर हुईं। कमी पाए गए संस्थानों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

संयुक्त निरीक्षण दल में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी मुकेश कुमार सिंह, अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ फायर ऑफिसर विनोद पांडेय और प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम शामिल रहे।

अभियान की पृष्ठभूमि

यह अभियान उस बैठक के बाद शुरू हुआ जो जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। उस बैठक में जिले के सभी कोचिंग सेंटरों को 15 दिनों के भीतर अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस ने भी अधिकारियों के साथ बैठक कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों में आग और सुरक्षा उल्लंघन की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। प्रशासन का यह कदम उसी व्यापक सुरक्षा-सजगता का हिस्सा है।

सोमवार की समयसीमा और सीलिंग की चेतावनी

प्रशासन द्वारा निर्धारित 15 दिन की समयसीमा सोमवार, 14 जुलाई को समाप्त हो रही है। इसी को देखते हुए शनिवार से जांच अभियान तेज किया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोबारा निरीक्षण में यदि किसी संस्थान में अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो उसे सील किया जा सकता है।

आम जनता और छात्रों पर असर

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी संस्थान संचालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी आपात स्थिति में छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला जा सके।

आगे क्या होगा

आने वाले दिनों में ग्रेटर नोएडा के अन्य क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों की भी इसी तरह जांच की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी सोमवार के बाद की कार्रवाई होगी। यदि उल्लंघन के बावजूद संस्थान खुले रहे, तो यह अभियान भी उन्हीं कागज़ी कवायदों की सूची में जुड़ जाएगा जो हादसे के बाद शुरू होती हैं और हादसे से पहले ही दम तोड़ देती हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में कोचिंग सेंटरों की अग्नि सुरक्षा जांच क्यों शुरू की गई?
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी कोचिंग सेंटरों को 15 दिनों के भीतर अग्नि सुरक्षा मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए थे। उस समयसीमा के समाप्त होने से पहले अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए यह जांच अभियान शुरू किया गया।
ओम टावर के कितने कोचिंग सेंटरों की जांच हुई और क्या मिला?
अल्फा कमर्शियल बेल्ट स्थित ओम टावर के 11 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया। कुछ संस्थानों में उपकरण मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि कई में फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास और सुरक्षा संकेतकों में गंभीर कमियां सामने आईं।
कोचिंग सेंटरों को सुधार के लिए कितना समय दिया गया है?
कमी पाए गए कोचिंग सेंटरों को सोमवार, 14 जुलाई तक सभी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अंतिम अवसर दिया गया है। इसके बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।
मानक पूरे न करने पर कोचिंग सेंटरों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दोबारा निरीक्षण में अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कोचिंग सेंटरों को सील किया जा सकता है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के प्रति किसी प्रकार की ढिलाई न बरतने की बात कही गई है।
क्या यह जांच अभियान केवल ओम टावर तक सीमित रहेगा?
नहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में ग्रेटर नोएडा के अन्य क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों की भी इसी तरह जांच की जाएगी। यह अभियान पूरे शहर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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