गौतमबुद्ध नगर में दर्जनों कोचिंग सेंटरों की औचक जांच, दो सील — फायर सेफ्टी पर प्रशासन सख्त
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन, फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने 24 जून 2026 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दर्जनों कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया और गंभीर सुरक्षा खामियाँ मिलने पर दो संस्थानों को तत्काल सील कर दिया। यह अभियान लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
अभियान के पहले चरण में नोएडा में जिला प्रशासन और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने एक दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। जांच में कई संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की कमी और सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर चूक सामने आई, जिसके बाद दो कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील किया गया।
बुधवार को अभियान का दायरा बढ़ाते हुए टीम ग्रेटर नोएडा की कमर्शियल बेल्ट में पहुँची। निरीक्षण के दौरान एक कोचिंग सेंटर में फायर एग्जिट डोर पूरी तरह अनुपस्थित पाया गया — एक ऐसी चूक जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में छात्रों की जान के लिए सीधा खतरा बन सकती थी। प्रशासन ने संबंधित संस्थान के कमरों को सील करते हुए संचालकों को अनिवार्य सुरक्षा मानक पूरे करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि यह विशेष अभियान पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है और जहाँ भी अनियमितताएँ मिल रही हैं, वहाँ तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। जिन संस्थानों में फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार या अन्य अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्थाएँ नहीं मिलेंगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड की पृष्ठभूमि
यह अभियान लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में हुई भीषण आग की घटना के तत्काल बाद शुरू हुआ। उस हादसे ने पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए और राज्य भर के जिला प्रशासनों को सतर्क कर दिया। गौरतलब है कि देश में पिछले कुछ वर्षों में कोचिंग संस्थानों में आग और संरचनात्मक हादसों की घटनाएँ बढ़ी हैं, जिनमें छात्रों की जान गई है।
आम जनता और छात्रों पर असर
जिला प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का तत्काल पालन करें ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके। अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों और कर्मचारियों दोनों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
आगे क्या होगा
प्रशासन के अनुसार यह जांच अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा और जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को इसके दायरे में लाया जाएगा। सील किए गए संस्थान तब तक नहीं खुलेंगे जब तक वे अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं कर लेते।