23 जुलाई 2026
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ग्रेटर नोएडा में 5 कोचिंग संस्थान सील: अग्निशमन उपकरण नहीं, प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई

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ग्रेटर नोएडा में 5 कोचिंग संस्थान सील: अग्निशमन उपकरण नहीं, प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई

सारांश

ग्रेटर नोएडा में प्रशासन ने अग्निशमन सुरक्षा की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाया — दो सप्ताह की मोहलत के बाद भी उपकरण न लगाने पर पाँच कोचिंग संस्थान सील। 13 संस्थानों की जाँच में यह कार्रवाई छात्र सुरक्षा को लेकर बढ़ती सख्ती का संकेत है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने 23 जुलाई को अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट में 13 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया।
अग्निशमन उपकरण न होने पर 5 संस्थान तत्काल सील — ट्यूटोरिक्स ट्यूशन सेंटर , एनविक इंफोटेक , इनकैप सेंटर , मैरिट एजुकेशन और पैंडुलम एडू क्लासेज ।
सील संस्थानों को पहले ही दो सप्ताह की मोहलत दी गई थी, जिसका उपयोग नहीं किया गया।
80–90% कार्य पूरा करने वाले संस्थानों को 2–3 दिन का अंतिम अवसर दिया गया।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने चेतावनी दी — नियमों की अनदेखी पर सीलिंग सहित कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार, 23 जुलाई को अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट स्थित कोचिंग संस्थानों पर छापेमारी करते हुए अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले पाँच संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। इन संस्थानों को पूर्व निरीक्षण में कमियाँ दूर करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था, परंतु निर्धारित अवधि में कोई सुधार नहीं किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

यह कार्रवाई शासन के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अनुमोदित किया गया था। संयुक्त टीम ने ट्रेडेक्स टावर-1 और ओम टावर में संचालित कुल 13 कोचिंग संस्थानों का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रत्येक संस्थान में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास और अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता की गहन जाँच की।

जाँच में पाया गया कि पाँच संस्थानों में आवश्यक अग्निशमन उपकरण स्थापित ही नहीं किए गए थे — बावजूद इसके कि उन्हें पहले के निरीक्षण में यह कार्य पूरा करने का अवसर दिया जा चुका था। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल सीलिंग का आदेश दिया।

सील किए गए संस्थान

प्रशासनिक कार्रवाई के दायरे में आए संस्थानों में ट्यूटोरिक्स ट्यूशन सेंटर, एनविक इंफोटेक, इनकैप सेंटर, मैरिट एजुकेशन और पैंडुलम एडू क्लासेज शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

आंशिक अनुपालन वाले संस्थानों को अंतिम मौका

निरीक्षण के दौरान कुछ कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी कार्य 80 से 90 प्रतिशत तक पूरा पाया गया। ऐसे संस्थानों को शेष कार्य पूरा करने के लिए दो से तीन दिन का अंतिम अवसर दिया गया है। जिन संस्थानों का पहली बार निरीक्षण किया गया, उन्हें भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी सुरक्षा व्यवस्थाएँ स्थापित करने के निर्देश दिए गए। जो संस्थान पूर्ण अनुपालन में पाए गए, उन्हें संतोषजनक श्रेणी में रखा गया।

प्रशासन की चेतावनी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने सभी कोचिंग संस्थानों से अपील की है कि वे निर्धारित मानकों के अनुरूप अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएँ तत्काल स्थापित करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सीलिंग सहित कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम, प्रबंधक स्वतंत्र वर्मा, सहायक प्रबंधक कुलदीप शर्मा तथा फायर सेफ्टी ऑफिसर अजय कुमार अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। जिन सील संस्थानों में आवश्यक सुधार पूरे होंगे, उन्हें पुनः निरीक्षण के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि दो सप्ताह की मोहलत देने के बाद भी संस्थानों ने सुधार क्यों नहीं किए — और इस लापरवाही की जवाबदेही केवल सीलिंग तक क्यों सीमित है। देशभर में कोचिंग संस्थानों में आग की घटनाओं के बाद यह अभियान ज़रूरी था, पर नियमित निगरानी तंत्र के बिना ऐसे अभियान अक्सर एकमुश्त कार्रवाई बनकर रह जाते हैं। यदि प्रशासन वास्तव में छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है, तो सीलिंग के साथ-साथ अनुपालन की नियमित तिमाही समीक्षा और संस्थानों के लिए सार्वजनिक 'फायर सेफ्टी रेटिंग' प्रणाली लागू करना अगला ज़रूरी कदम होगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में कौन-से कोचिंग संस्थान सील किए गए हैं?
23 जुलाई को प्रशासनिक कार्रवाई में ट्यूटोरिक्स ट्यूशन सेंटर, एनविक इंफोटेक, इनकैप सेंटर, मैरिट एजुकेशन और पैंडुलम एडू क्लासेज को सील किया गया। ये सभी अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट के ट्रेडेक्स टावर-1 और ओम टावर में संचालित थे।
कोचिंग संस्थानों को सील क्यों किया गया?
इन संस्थानों में अनिवार्य अग्निशमन उपकरण स्थापित नहीं थे। पूर्व निरीक्षण में कमियाँ उजागर होने के बाद दो सप्ताह की मोहलत दी गई थी, परंतु निर्धारित समय में कोई सुधार नहीं किया गया, जिसके बाद प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई की।
क्या सभी निरीक्षित संस्थान सील किए गए?
नहीं, कुल 13 संस्थानों का निरीक्षण हुआ जिनमें से केवल 5 सील किए गए। जिन संस्थानों में कार्य 80–90% पूरा था, उन्हें 2–3 दिन का अंतिम अवसर दिया गया, और जो पूर्ण अनुपालन में थे उन्हें संतोषजनक माना गया।
यह अभियान किसके निर्देश पर चलाया जा रहा है?
यह अभियान शासन के निर्देशों के तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के निर्णय के अनुसार चलाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम इसे क्रियान्वित कर रही है।
सील संस्थान दोबारा कब खुल सकते हैं?
अधिकारियों के अनुसार, सील संस्थानों को आवश्यक अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएँ स्थापित करने के बाद पुनः निरीक्षण कराना होगा। अनुपालन की पुष्टि होने पर ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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