दिल्ली CM रेखा गुप्ता का कोचिंग सेंटरों को अल्टीमेटम: एक महीने में फायर ऑडिट करें, वरना होगी सीलिंग
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 जून 2026 को राजधानी के समस्त कोचिंग संस्थानों को एक महीने की सख्त समय-सीमा दी है — इस अवधि में उन्हें फायर ऑडिट पूरा करना होगा, आवश्यक अग्निशमन उपकरण स्थापित करने होंगे और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। यह निर्देश लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में चल रहे कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद जारी किया गया है, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री की चेतावनी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'एक महीना। यही समय-सीमा है। दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की संख्या मुद्दा नहीं है। हमारे बच्चों की सुरक्षा और बचाव मुद्दा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जो संस्थान तय समय में फायर ऑडिट, जरूरी सुरक्षा उपकरण और निर्धारित सुरक्षा उपाय नहीं अपनाएंगे, उनके विरुद्ध सीलिंग सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड की पृष्ठभूमि
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से कम से कम 15 लोग मारे गए। इस घटना में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि जवाबदेही के सवाल पर 4 प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। गौरतलब है कि यह भारत की उन त्रासदियों की लंबी श्रृंखला में एक और कड़ी है, जिनमें उपहार सिनेमा, एएमआरआई हॉस्पिटल, सूरत के तक्षशिला आर्केड और राजकोट टीआरपी गेम जोन जैसी घटनाएँ शामिल हैं।
छात्रों से अपील और शिकायत तंत्र
मुख्यमंत्री ने छात्रों से आग्रह किया कि वे किसी भी असुरक्षित कोचिंग संस्थान की सूचना मैसेज, ईमेल या फोन के माध्यम से सरकार तक पहुँचाएँ। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रत्येक शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
सर्वोच्च न्यायालय में याचिका
मुख्यमंत्री की इस चेतावनी के समानांतर, सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है। इस याचिका में देश भर में अधिक जोखिम वाली सार्वजनिक जगहों के लिए 'नेशनल मिनिमम फायर एंड लाइफ-सेफ्टी फ्रेमवर्क' बनाने और लागू करने के निर्देश देने की माँग की गई है। याचिका में उपहार सिनेमा, एएमआरआई हॉस्पिटल, सूरत के तक्षशिला आर्केड, अनाज मंडी, राजकोट टीआरपी गेम जोन, दिल्ली के मालवीय नगर गेस्ट हाउस और लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर जैसी बड़ी दुर्घटनाओं का हवाला दिया गया है।
आगे क्या होगा
अब दिल्ली के कोचिंग संस्थानों के पास एक महीने का समय है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप खुद को तैयार करें। यदि सर्वोच्च न्यायालय याचिका पर सुनवाई करता है, तो राष्ट्रीय स्तर पर एकसमान अग्नि सुरक्षा ढाँचा लागू हो सकता है — जो दशकों से लंबित एक सुधार होगा।