28 जून 2026
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दिल्ली CM रेखा गुप्ता का कोचिंग सेंटरों को अल्टीमेटम: एक महीने में फायर ऑडिट करें, वरना होगी सीलिंग

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दिल्ली CM रेखा गुप्ता का कोचिंग सेंटरों को अल्टीमेटम: एक महीने में फायर ऑडिट करें, वरना होगी सीलिंग

सारांश

लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में आग से 15 मौतों के बाद दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने राजधानी के सभी कोचिंग संस्थानों को एक महीने का अल्टीमेटम दिया है — फायर ऑडिट करें, सुरक्षा उपकरण लगाएँ, वरना सीलिंग तय है। सर्वोच्च न्यायालय में राष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा ढाँचे के लिए PIL भी दायर।

मुख्य बातें

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 27 जून 2026 को सभी कोचिंग सेंटरों को एक महीने में फायर ऑडिट कराने का निर्देश दिया।
समय-सीमा में अनुपालन न करने पर सीलिंग सहित कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड में कम से कम 15 लोगों की मौत ; 4 गिरफ्तार , 4 अधिकारी निलंबित ।
छात्रों से असुरक्षित संस्थानों की शिकायत मैसेज, ईमेल या फोन से करने की अपील।
सर्वोच्च न्यायालय में 'नेशनल मिनिमम फायर एंड लाइफ-सेफ्टी फ्रेमवर्क' लागू करने की माँग को लेकर PIL दायर।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 जून 2026 को राजधानी के समस्त कोचिंग संस्थानों को एक महीने की सख्त समय-सीमा दी है — इस अवधि में उन्हें फायर ऑडिट पूरा करना होगा, आवश्यक अग्निशमन उपकरण स्थापित करने होंगे और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। यह निर्देश लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में चल रहे कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद जारी किया गया है, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी।

मुख्यमंत्री की चेतावनी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'एक महीना। यही समय-सीमा है। दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की संख्या मुद्दा नहीं है। हमारे बच्चों की सुरक्षा और बचाव मुद्दा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जो संस्थान तय समय में फायर ऑडिट, जरूरी सुरक्षा उपकरण और निर्धारित सुरक्षा उपाय नहीं अपनाएंगे, उनके विरुद्ध सीलिंग सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ अग्निकांड की पृष्ठभूमि

यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से कम से कम 15 लोग मारे गए। इस घटना में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि जवाबदेही के सवाल पर 4 प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। गौरतलब है कि यह भारत की उन त्रासदियों की लंबी श्रृंखला में एक और कड़ी है, जिनमें उपहार सिनेमा, एएमआरआई हॉस्पिटल, सूरत के तक्षशिला आर्केड और राजकोट टीआरपी गेम जोन जैसी घटनाएँ शामिल हैं।

छात्रों से अपील और शिकायत तंत्र

मुख्यमंत्री ने छात्रों से आग्रह किया कि वे किसी भी असुरक्षित कोचिंग संस्थान की सूचना मैसेज, ईमेल या फोन के माध्यम से सरकार तक पहुँचाएँ। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रत्येक शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।

सर्वोच्च न्यायालय में याचिका

मुख्यमंत्री की इस चेतावनी के समानांतर, सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है। इस याचिका में देश भर में अधिक जोखिम वाली सार्वजनिक जगहों के लिए 'नेशनल मिनिमम फायर एंड लाइफ-सेफ्टी फ्रेमवर्क' बनाने और लागू करने के निर्देश देने की माँग की गई है। याचिका में उपहार सिनेमा, एएमआरआई हॉस्पिटल, सूरत के तक्षशिला आर्केड, अनाज मंडी, राजकोट टीआरपी गेम जोन, दिल्ली के मालवीय नगर गेस्ट हाउस और लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर जैसी बड़ी दुर्घटनाओं का हवाला दिया गया है।

आगे क्या होगा

अब दिल्ली के कोचिंग संस्थानों के पास एक महीने का समय है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप खुद को तैयार करें। यदि सर्वोच्च न्यायालय याचिका पर सुनवाई करता है, तो राष्ट्रीय स्तर पर एकसमान अग्नि सुरक्षा ढाँचा लागू हो सकता है — जो दशकों से लंबित एक सुधार होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि एक महीने की समय-सीमा निगरानी तंत्र के बिना कितनी प्रभावी होगी। उपहार सिनेमा से लेकर तक्षशिला आर्केड तक — हर बड़े हादसे के बाद ऐसी ही घोषणाएँ होती हैं, फिर अमल ठंडे बस्ते में चला जाता है। सर्वोच्च न्यायालय में दायर PIL यदि स्वीकार होती है, तो पहली बार एक बाध्यकारी राष्ट्रीय ढाँचा बन सकता है — जो राज्यों की इच्छाशक्ति पर निर्भर न हो। असली परीक्षा यह है कि दिल्ली सरकार एक महीने बाद कितने संस्थानों पर वास्तव में कार्रवाई करती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने कोचिंग सेंटरों को क्या निर्देश दिया है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के सभी कोचिंग संस्थानों को एक महीने के भीतर फायर ऑडिट कराने, जरूरी अग्निशमन उपकरण लगाने और निर्धारित सुरक्षा उपाय अपनाने का निर्देश दिया है। अनुपालन न करने पर सीलिंग सहित कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में आग की घटना में क्या हुआ था?
लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में चल रहे कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया और जवाबदेही के सवाल पर 4 प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।
दिल्ली में असुरक्षित कोचिंग सेंटर की शिकायत कैसे करें?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों से आग्रह किया है कि वे किसी भी असुरक्षित कोचिंग संस्थान की जानकारी मैसेज, ईमेल या फोन के जरिए सरकार को दें। सरकार ने आश्वासन दिया है कि हर शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय में अग्नि सुरक्षा को लेकर कौन-सी याचिका दायर हुई है?
सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें देश भर में अधिक जोखिम वाली सार्वजनिक जगहों के लिए 'नेशनल मिनिमम फायर एंड लाइफ-सेफ्टी फ्रेमवर्क' बनाने और लागू करने के निर्देश माँगे गए हैं। याचिका में उपहार सिनेमा, एएमआरआई हॉस्पिटल और लखनऊ अग्निकांड सहित कई बड़ी दुर्घटनाओं का हवाला दिया गया है।
क्या कोचिंग सेंटरों पर यह कार्रवाई सिर्फ दिल्ली तक सीमित है?
फिलहाल दिल्ली CM का यह निर्देश राजधानी के कोचिंग संस्थानों पर लागू होता है। हालाँकि सर्वोच्च न्यायालय में दायर PIL यदि स्वीकार होती है, तो पूरे देश में एकसमान अग्नि सुरक्षा मानक लागू हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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