24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रांची के 20 कोचिंग संस्थानों को नगर निगम का नोटिस, 72 घंटे में लाइसेंस न मिला तो होगी सीलिंग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रांची के 20 कोचिंग संस्थानों को नगर निगम का नोटिस, 72 घंटे में लाइसेंस न मिला तो होगी सीलिंग

सारांश

रांची में 831 कोचिंग सेंटरों में से केवल 68 के पास ट्रेड लाइसेंस है — यानी 90% से अधिक बिना अनुमति के चल रहे हैं। नगर निगम ने 20 बड़े संस्थानों को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है: लाइसेंस लो या सीलिंग झेलो।

मुख्य बातें

रांची नगर निगम ने 24 अगस्त 2026 को बिना ट्रेड लाइसेंस चल रहे 20 कोचिंग संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
नोटिस पाने वाले संस्थानों को 72 घंटे में लाइसेंस प्राप्त करना होगा, अन्यथा परिसर अनिश्चितकाल के लिए सील होगा।
रांची में 831 कोचिंग सेंटरों में से केवल 68 के पास वैध ट्रेड लाइसेंस है।
यह कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 455 और नगरपालिका अनुज्ञप्ति नियमावली, 2017 की कंडिका 19-20 के तहत की जा रही है।
नोटिस पाने वालों में अमान्स मोशन एकेडमी , न्यूटन ट्यूटोरियल्स , ग्रैविटी एजुकेशन सहित कई नामी संस्थान शामिल हैं।
पहले चरण के बाद शहर के अन्य 1,364 व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थानों की भी जाँच होगी।

रांची नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने 24 अगस्त 2026 को झारखंड की राजधानी में बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के संचालित 20 बड़े कोचिंग संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी संस्थानों को 72 घंटे यानी तीन दिनों के भीतर लाइसेंस प्राप्त करने की चेतावनी दी गई है, अन्यथा उनके परिसरों को अनिश्चितकाल के लिए सील कर दिया जाएगा।

कितने बड़े पैमाने पर है अनियमितता

नगर निगम द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार, रांची में कुल 1,364 व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान सक्रिय हैं, जिनमें से 831 कोचिंग सेंटर हैं। इनमें से केवल 68 कोचिंग संस्थानों ने ही नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस लिया है। अर्थात् 90% से अधिक कोचिंग सेंटर बिना वैधानिक अनुमति के चल रहे हैं — जो नगर निगम के राजस्व को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों की नियामक जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो रही है। गौरतलब है कि दिल्ली के राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर हादसे के बाद केंद्र और राज्य सरकारें इस क्षेत्र पर सख्ती बरतने के लिए दबाव में हैं।

किन संस्थानों को मिला नोटिस

पहले चरण में जिन कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें अमान्स मोशन एकेडमी, न्यूटन ट्यूटोरियल्स, सीएलएटी प्रेप, पाठशाला, करियर फाउंडेशन, एमएस लर्निंग रिसोर्सेज, डिजाइन क्वेस्ट, एमबीए अचीवर्स, ग्रैविटी एजुकेशन, नेशनल सीएलएटी एकेडमी, मास्टर माइंड्स, पेजेस लाइब्रेरी, द ब्लैक बोर्ड, एके एकेडमी और हिनू स्थित डी-क्यूब क्लासेज सहित अन्य संस्थान शामिल हैं।

कानूनी आधार क्या है

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना वैधानिक अनुज्ञप्ति के व्यावसायिक गतिविधियाँ चलाना 'झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011' की धारा 455 तथा 'झारखंड नगरपालिका अनुज्ञप्ति नियमावली, 2017' की कंडिका 19 एवं 20 का सीधा उल्लंघन है। नोटिस में संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे समय सीमा के भीतर कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करें और परिसरों से अवैध होर्डिंग्स व प्रचार सामग्री भी हटाएँ।

आगे क्या होगा

नगर निगम के अनुसार, पहले चरण के बाद शहर के अन्य शैक्षणिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी सघन जाँच की जाएगी। 72 घंटे की समयावधि बीतने के बाद बिना लाइसेंस पाए जाने वाले किसी भी संस्थान को बिना किसी रियायत के सील किया जाएगा। निगम प्रशासन ने संकेत दिया है कि यह केवल शुरुआत है और पूरे शहर में व्यापक अनुपालन अभियान जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वर्षों से चली आ रही व्यवस्थागत उदासीनता है। असली सवाल यह है कि नगर निगम को इतने वर्षों तक इस अनुपालन-शून्यता की जानकारी क्यों नहीं थी, या थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 72 घंटे का अल्टीमेटम प्रभावशाली लगता है, लेकिन यदि इसके बाद भी प्रवर्तन ढीला पड़ा — जैसा अतीत में अक्सर हुआ है — तो यह अभियान महज एक दबाव-निर्माण की कवायद बनकर रह जाएगा। छात्रों की सुरक्षा और राजस्व अनुपालन दोनों के लिए निरंतर निगरानी ज़रूरी है, न कि केवल एकबारगी नोटिस।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों को नोटिस क्यों जारी किया?
रांची नगर निगम ने बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के संचालित 20 कोचिंग संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शहर में 831 कोचिंग सेंटरों में से केवल 68 के पास ही वैध लाइसेंस है, जो झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 का उल्लंघन है।
नोटिस मिलने के बाद कोचिंग संस्थानों के पास कितना समय है?
नोटिस प्राप्त सभी 20 संस्थानों को 72 घंटे यानी तीन दिनों के भीतर ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। समय सीमा बीतने के बाद बिना लाइसेंस पाए जाने वाले किसी भी संस्थान को अनिश्चितकाल के लिए सील किया जाएगा।
किन कोचिंग संस्थानों को नोटिस मिला है?
पहले चरण में अमान्स मोशन एकेडमी, न्यूटन ट्यूटोरियल्स, सीएलएटी प्रेप, पाठशाला, करियर फाउंडेशन, ग्रैविटी एजुकेशन, नेशनल सीएलएटी एकेडमी, मास्टर माइंड्स, द ब्लैक बोर्ड, एके एकेडमी और डी-क्यूब क्लासेज सहित 20 संस्थानों को नोटिस दिया गया है।
यह कार्रवाई किस कानून के तहत हो रही है?
यह कार्रवाई 'झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011' की धारा 455 और 'झारखंड नगरपालिका अनुज्ञप्ति नियमावली, 2017' की कंडिका 19 एवं 20 के तहत की जा रही है। इन प्रावधानों के अनुसार बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधि चलाना दंडनीय है।
क्या रांची के अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर भी कार्रवाई होगी?
हाँ, नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण के बाद शहर के बाकी शैक्षणिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी सघन जाँच की जाएगी। रांची में कुल 1,364 व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान हैं, जिनमें से अधिकांश की जाँच होनी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले