रांची के 20 कोचिंग संस्थानों को नगर निगम का नोटिस, 72 घंटे में लाइसेंस न मिला तो होगी सीलिंग
सारांश
मुख्य बातें
रांची नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने 24 अगस्त 2026 को झारखंड की राजधानी में बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के संचालित 20 बड़े कोचिंग संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी संस्थानों को 72 घंटे यानी तीन दिनों के भीतर लाइसेंस प्राप्त करने की चेतावनी दी गई है, अन्यथा उनके परिसरों को अनिश्चितकाल के लिए सील कर दिया जाएगा।
कितने बड़े पैमाने पर है अनियमितता
नगर निगम द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार, रांची में कुल 1,364 व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान सक्रिय हैं, जिनमें से 831 कोचिंग सेंटर हैं। इनमें से केवल 68 कोचिंग संस्थानों ने ही नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस लिया है। अर्थात् 90% से अधिक कोचिंग सेंटर बिना वैधानिक अनुमति के चल रहे हैं — जो नगर निगम के राजस्व को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों की नियामक जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो रही है। गौरतलब है कि दिल्ली के राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर हादसे के बाद केंद्र और राज्य सरकारें इस क्षेत्र पर सख्ती बरतने के लिए दबाव में हैं।
किन संस्थानों को मिला नोटिस
पहले चरण में जिन कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें अमान्स मोशन एकेडमी, न्यूटन ट्यूटोरियल्स, सीएलएटी प्रेप, पाठशाला, करियर फाउंडेशन, एमएस लर्निंग रिसोर्सेज, डिजाइन क्वेस्ट, एमबीए अचीवर्स, ग्रैविटी एजुकेशन, नेशनल सीएलएटी एकेडमी, मास्टर माइंड्स, पेजेस लाइब्रेरी, द ब्लैक बोर्ड, एके एकेडमी और हिनू स्थित डी-क्यूब क्लासेज सहित अन्य संस्थान शामिल हैं।
कानूनी आधार क्या है
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना वैधानिक अनुज्ञप्ति के व्यावसायिक गतिविधियाँ चलाना 'झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011' की धारा 455 तथा 'झारखंड नगरपालिका अनुज्ञप्ति नियमावली, 2017' की कंडिका 19 एवं 20 का सीधा उल्लंघन है। नोटिस में संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे समय सीमा के भीतर कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करें और परिसरों से अवैध होर्डिंग्स व प्रचार सामग्री भी हटाएँ।
आगे क्या होगा
नगर निगम के अनुसार, पहले चरण के बाद शहर के अन्य शैक्षणिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी सघन जाँच की जाएगी। 72 घंटे की समयावधि बीतने के बाद बिना लाइसेंस पाए जाने वाले किसी भी संस्थान को बिना किसी रियायत के सील किया जाएगा। निगम प्रशासन ने संकेत दिया है कि यह केवल शुरुआत है और पूरे शहर में व्यापक अनुपालन अभियान जारी रहेगा।