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दिल्ली के 923 कोचिंग सेंटरों का एक महीने में फायर ऑडिट, नियम उल्लंघन पर सीलिंग की चेतावनी

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दिल्ली के 923 कोचिंग सेंटरों का एक महीने में फायर ऑडिट, नियम उल्लंघन पर सीलिंग की चेतावनी

सारांश

दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी 923 कोचिंग सेंटरों का एक महीने में फायर ऑडिट कराने का फैसला किया है। MCD नोडल एजेंसी होगी और मानक पूरे न करने वाले संस्थानों पर सीलिंग तक की कार्रवाई होगी। गौबा कमेटी की सिफारिशों पर नया कानून भी आएगा।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने 25 जून 2025 को घोषणा की कि 923-924 कोचिंग सेंटरों का एक महीने में फायर ऑडिट होगा।
दिल्ली नगर निगम (MCD) को पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है।
फायर सेफ्टी मानकों पर खरे न उतरने वाले संस्थानों को सील किया जा सकता है।
गौबा कमेटी की सिफारिशों के आधार पर गठित समिति जल्द नया कानून लाएगी, जिसमें फीस और संचालन नियम शामिल होंगे।
मंत्री ने NCERT कक्षा 9 की किताब में आपातकाल अध्याय जोड़े जाने का समर्थन किया।

दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने 25 जून 2025 को घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी में संचालित 923 से 924 कोचिंग सेंटरों का अगले एक महीने के भीतर फायर ऑडिट और सुरक्षा निरीक्षण कराया जाएगा। यह कदम कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है, जिसमें नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों को सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली नगर निगम (MCD) को इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। नगर निगम के साथ सभी संबंधित एजेंसियों को मिलकर एक महीने के भीतर सभी कोचिंग सेंटरों की जाँच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निरीक्षण में फायर सेफ्टी, सुरक्षा मानक और अनिवार्य दस्तावेज़ों की जाँच शामिल होगी।

गौबा कमेटी की सिफारिशें और नई समिति

सूद ने बताया कि कोचिंग सेंटरों के लिए नियम और कानून तैयार करने के उद्देश्य से एक समिति गठित की गई है, जो गौबा कमेटी की सिफारिशों पर आधारित है। इस समिति की बैठक पहले ही बुलाई जा चुकी है। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत गठित इस समिति की सिफारिशों के आधार पर जल्द ही एक नया कानून लाने की योजना है, जिसमें कोचिंग संस्थानों की फीस, संचालन और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन कोचिंग संस्थानों के दस्तावेज़ अधूरे पाए जाएंगे या जो सुरक्षा ऑडिट में तय मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे संस्थानों को सील भी किया जा सकता है। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा चूक की घटनाएँ सामने आती रही हैं।

NCERT पाठ्यक्रम पर मंत्री की प्रतिक्रिया

कक्षा 9 की NCERT किताब में आपातकाल (इमरजेंसी) का नया अध्याय जोड़े जाने के सवाल पर मंत्री आशीष सूद ने कहा कि नई पीढ़ी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ और घोषित तथा अघोषित आपातकाल के बीच का अंतर जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं और अत्याचारों की जानकारी युवाओं तक पहुँचना लोकतंत्र की दृष्टि से आवश्यक है।

आगे क्या होगा

अगले एक महीने में MCD और संबंधित एजेंसियाँ सभी 923-924 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण पूरा करेंगी। इसके बाद समिति की सिफारिशों के आधार पर कोचिंग संस्थानों को विनियमित करने वाला नया कानून लाया जाएगा, जो फीस संरचना और संचालन मानकों को भी तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — एक महीने में 923 संस्थानों का निरीक्षण एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है जिसके लिए MCD की क्षमता और जवाबदेही दोनों ज़रूरी हैं। गौरतलब है कि कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा चूक की शिकायतें नई नहीं हैं, फिर भी व्यापक विनियमन अब तक नहीं आ सका। नया कानून यदि केवल दस्तावेज़ी खानापूर्ति तक सीमित रहा और फीस व संचालन पर स्वतंत्र निगरानी नहीं हुई, तो यह अभियान भी पिछले प्रयासों की तरह कागज़ों तक ही रह सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के कोचिंग सेंटरों का फायर ऑडिट क्यों कराया जा रहा है?
दिल्ली सरकार ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। मंत्री आशीष सूद के अनुसार, शहर में 923-924 कोचिंग सेंटर संचालित हैं और इन सभी का एक महीने के भीतर फायर सेफ्टी व सुरक्षा निरीक्षण होगा।
फायर ऑडिट में कौन-सी एजेंसी ज़िम्मेदार होगी?
दिल्ली नगर निगम (MCD) को इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। MCD के साथ सभी संबंधित एजेंसियाँ मिलकर एक महीने के भीतर निरीक्षण पूरा करेंगी।
नियमों का पालन न करने वाले कोचिंग सेंटरों पर क्या कार्रवाई होगी?
जिन संस्थानों के दस्तावेज़ अधूरे होंगे या जो सुरक्षा ऑडिट में तय मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर ऐसे संस्थानों को सील भी किया जा सकता है।
कोचिंग सेंटरों के लिए नया कानून कब आएगा?
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत गठित समिति — जो गौबा कमेटी की सिफारिशों पर आधारित है — की बैठक बुलाई जा चुकी है। समिति की सिफारिशों के बाद जल्द ही एक नया कानून लाया जाएगा जिसमें फीस, संचालन और अन्य पहलू शामिल होंगे।
NCERT की कक्षा 9 की किताब में आपातकाल अध्याय पर मंत्री का क्या रुख है?
मंत्री आशीष सूद ने इस कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और घोषित व अघोषित आपातकाल के बीच का अंतर जानना चाहिए, साथ ही आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं की जानकारी युवाओं तक पहुँचना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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