गौतमबुद्ध नगर में 7 कोचिंग सेंटर सील, 46 संस्थानों के औचक निरीक्षण में 2 में मिलीं अग्नि सुरक्षा खामियाँ
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने बुधवार, 24 जून 2026 को ग्रेटर नोएडा में कोचिंग संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 अपंजीकृत कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और 2 संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर खामियाँ उजागर कीं। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर के निर्देशन में गठित विशेष संयुक्त टीम ने 46 कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें पंजीकरण दस्तावेजों, अग्निशमन उपकरणों और भवन सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जाँच की गई।
संयुक्त टीम की संरचना और कार्यक्षेत्र
इस विशेष अभियान के लिए गठित संयुक्त टीम में सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस विभाग के अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) को शामिल किया गया है। यह टीम जिले में संचालित समस्त कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण की वैधता और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनुपालना की जाँच कर रही है। गौरतलब है कि देशभर में कोचिंग संस्थानों में अग्नि दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के बाद इस प्रकार की जाँच को अनिवार्य माना जा रहा है।
निरीक्षण में क्या मिला
बुधवार को कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र के 46 कोचिंग संस्थानों के औचक निरीक्षण के दौरान 7 संस्थान ऐसे पाए गए जिनके पास अनिवार्य पंजीकरण नहीं था। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने इन सभी संस्थानों को तत्काल सील करने का आदेश जारी किया। इसके अतिरिक्त 2 कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन व्यवस्थाएँ निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं, जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अब तक की कुल कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार इस अभियान के तहत जनपद में अब तक कुल 66 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 9 संस्थानों को सील किया गया है, जबकि 12 संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिन अन्य संस्थानों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएँ पाई गई हैं, उनके विरुद्ध भी नियमों के तहत कार्रवाई जारी है।
प्रशासन की चेतावनी
अधिकारियों ने सभी कोचिंग संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे शासन द्वारा निर्धारित अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा, पंजीकरण और अन्य आवश्यक अनुमतियों से संबंधित सभी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर बिना पूर्व सूचना के संस्थान को सील किया जा सकता है, संचालन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है और संबंधित संचालकों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिले के शेष कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की नियमित जाँच से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और अनधिकृत संस्थानों पर लगाम लगेगी। प्रशासन का यह कदम ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।