गाजियाबाद में 22 कोचिंग संस्थानों की अग्नि सुरक्षा जांच, 11 को नोटिस जारी
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद में 25 जून 2026 को उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा ने जिले भर के कोचिंग संस्थानों, पुस्तकालयों और भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक भवनों में व्यापक अग्नि सुरक्षा निरीक्षण अभियान चलाया। पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर संचालित इस विशेष अभियान में 22 कोचिंग संस्थानों की जांच की गई, जिनमें से 11 में गंभीर खामियाँ पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के निर्देशन में जिले के सभी प्रभारी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में एक साथ निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता, अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता और विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की गई। कुछ कोचिंग संस्थान निरीक्षण के समय बंद पाए गए।
नोटिस और कार्रवाई
जांच में 11 संस्थानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न कमियाँ उजागर हुईं। इन्हें नियमानुसार नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिन भवनों में गंभीर स्तर की सुरक्षा खामियाँ पाई गईं, उनके विरुद्ध संबंधित विभागों के सहयोग से नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।
संस्थान संचालकों को निर्देश
निरीक्षण के दौरान भवन संचालकों और प्रबंधकों को अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने, आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा अवरोधमुक्त रखने तथा अग्निशमन उपकरणों को नियमित रूप से क्रियाशील स्थिति में बनाए रखने के निर्देश दिए गए। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उल्लंघनों को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।
आम जनता पर असर
इस अभियान के तहत छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों और सुरक्षित निकासी के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। गौरतलब है कि कोचिंग संस्थानों में बड़ी संख्या में युवा छात्र प्रतिदिन उपस्थित रहते हैं, जिससे इन स्थानों पर अग्नि सुरक्षा की अनिवार्यता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
क्या होगा आगे
अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। नोटिस प्राप्त संस्थानों द्वारा समय सीमा में सुधार न किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।