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क्या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का सड़क सुरक्षा अभियान असरदार साबित होगा?

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क्या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का सड़क सुरक्षा अभियान असरदार साबित होगा?

सारांश

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में पुलों और नालियों का निरीक्षण किया और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान शहर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए है।

मुख्य बातें

सड़क सुरक्षा के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों ने पुलों और नालियों का निरीक्षण किया।
रात्रि में दुर्घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएंगे।
नागरिकों को सूचना देने की अपील की गई है।
48 दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की गई है।

ग्रेटर नोएडा, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शहर में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण एवं आवागमन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस संदर्भ में मंगलवार को प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों ने शहर के विभिन्न सेक्टरों में नालों पर बनाए गए पुलों, पुलियों और सड़क किनारे की नालियों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुनील कुमार सिंह और एसीईओ प्रेरणा सिंह ने सेक्टर गामा-1 और सेक्टर पी-3 में स्थित नालों पर पुलियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पाया कि कई स्थानों पर रेलिंग को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलों पर मजबूत रेलिंग लगाई जाए, साथ ही रिफ्लेक्टर, कैट्स आई और अन्य सड़क सुरक्षा उपकरणों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि रात के समय और कम दृश्यता की स्थिति में भी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के आदेश पर यह विशेष अभियान सोमवार से लगातार जारी है। सीईओ ने स्पष्ट कहा कि शहर की सड़कों को पूरी तरह सुरक्षित बनाना प्राधिकरण की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में प्राधिकरण की विभिन्न टीमें शहरभर में भ्रमण कर ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर रही हैं।

निरीक्षण के दौरान एसीईओ सुनील कुमार सिंह और प्रेरणा सिंह ने सेक्टर पाई-1 में स्थित एक बिल्डर प्रोजेक्ट का भी जायजा लिया। यहां सुरक्षा व्यवस्था को अपर्याप्त पाते हुए बिल्डर को अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाने और निर्माण स्थल के आसपास सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सेक्टर स्वर्णनगरी में सड़क किनारे बनी नालियों पर टूटे हुए स्लैब को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए गए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को किसी प्रकार का खतरा न हो।

अधिकारियों ने सेक्टर पी-1 स्थित सिटी सेंटर और शगुन मार्ट क्षेत्र का भी निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक मनोज सचान, वरिष्ठ प्रबंधक रतिक और प्रबंधक संध्या सिंह भी उपस्थित रहे। प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) एके सिंह के नेतृत्व में परियोजना विभाग की सभी वर्क सर्किल की टीमें सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय हैं। इन टीमों ने अब तक शहर में 48 दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित किया है।

आठों टीमों ने 36 संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। इसके अलावा, महाप्रबंधक एके सिंह स्वयं डीएससी रोड, सूरजपुर और केंद्रीय विहार सहित अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण कर 12 अतिरिक्त बिंदुओं को चिह्नित कर वहां कार्य प्रारंभ कर चुके हैं। इन स्थानों पर स्लैब डालने, कर्व बनाने, मिट्टी भरने, रेलिंग को मजबूत करने और रिफ्लेक्टर व कैट्स आई लगाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

महाप्रबंधक एके सिंह ने ग्रेटर नोएडा के नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई दुर्घटना संभावित स्थान दिखाई दे तो वे तुरंत प्राधिकरण को सूचना दें। इसके लिए एरिया वाइज वर्क सर्किल प्रभारियों के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना जरूरी है कि सड़क सुरक्षा की पहलें हर शहर के लिए महत्वपूर्ण हैं। ग्रेटर नोएडा का यह अभियान न केवल स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए आवश्यक है, बल्कि यह अन्य शहरों को भी इस दिशा में प्रेरित करने का कार्य करेगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में सड़क सुरक्षा अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान 20 जनवरी को शुरू हुआ है।
इस अभियान के तहत क्या-क्या किया जा रहा है?
अधिकारियों द्वारा नालों पर बने पुलों और सड़क किनारे की नालियों का निरीक्षण किया जा रहा है।
क्या नागरिकों को भी इसमें भागीदारी करने की अनुमति है?
हां, नागरिकों से अपील की गई है कि वे दुर्घटना संभावित स्थानों की सूचना दें।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और आवागमन को सुरक्षित बनाना।
क्या इस अभियान में कोई खास तकनीकी उपाय शामिल हैं?
जी हां, रिफ्लेक्टर, कैट्स आई और मजबूत रेलिंग जैसे उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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