लखनऊ अग्निकांड: 15 मौतों के बाद चार आरोपी गिरफ्तार, अलीगंज के भवन में फायर NOC की जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत और 9 लोगों के घायल होने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चौकी पुरनिया अंतर्गत सेक्टर-डी कॉलोनी स्थित लालबत्ती यूपीएससी भवन के पीछे की इमारत में लगी इस आग ने कई लोगों को अंदर फंसा लिया था। घायलों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, आग लगने के बाद भवन में धुआँ भर गया, जिससे अनेक लोग बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। जान बचाने की कोशिश में कुछ लोग इमारत की ऊपरी मंजिलों से नीचे कूद गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त लखनऊ, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था), संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय), पुलिस उपायुक्त उत्तरी, अपर पुलिस उपायुक्त उत्तरी और सहायक पुलिस आयुक्त अलीगंज मौके पर पहुँचे।
फायर सर्विस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालकर तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पुलिस ने थाना अलीगंज में भवन मालिक, प्रतिष्ठान संचालकों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। अब तक गिरफ्तार चार आरोपियों में शामिल हैं:
वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (भवन मालिक), तुषांक कृष्ण जायसवाल (गेमिंग जोन संचालक/डायरेक्टर), सुरेश कुमार साहू (आईटी नेटवर्किंग कार्य) और राम कृष्ण उपाध्याय (पेटशॉप मालिक)। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी से पूछताछ जारी है।
जाँच का दायरा: फायर NOC से लेकर वैधानिक अनुमतियाँ
पुलिस ने मामले की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है। जाँच के दायरे में भवन संचालन की वैधता, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी की स्थिति और अन्य वैधानिक अनुमतियाँ शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
गौरतलब है कि इस तरह की घटनाएँ प्रायः उन इमारतों में होती हैं जहाँ एक ही परिसर में कई अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित होती हैं और अग्नि निकास मार्ग अपर्याप्त होते हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घटना के लिए जिम्मेदार अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जाँच के नतीजों के आधार पर और आरोपियों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। घायलों की स्थिति पर भी नज़र रखी जा रही है।