लखनऊ अग्निकांड: योगी के आदेश पर चार अधिकारी निलंबित, तीन गिरफ्तार; बिल्डिंग मालिक बीपी शुक्ला फरार
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद चार सरकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 22 जून 2026 को हुई इस घटना में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इमारत के मालिक बीपी शुक्ला के फरार होने की सूचना है।
निलंबित अधिकारी कौन हैं
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत जिन चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता (XEN) कलेक्शन जानकीपुरम; कमलेन्द्र कुमार सिंह, अग्निशमन सुरक्षा अधिकारी (FSSO) इंदिरा नगर; अनिल कुमार, सहायक अभियंता (AE); और प्रमोद पांडे, जूनियर इंजीनियर (JE) शामिल हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देश के तत्काल बाद की गई, जो दर्शाती है कि शासन ने लापरवाही को गंभीरता से लिया है।
मुकदमा और कानूनी कार्रवाई
थाना अलीगंज में अपराध संख्या 115/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110, 105, 125, 3(5) तथा उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के अंतर्गत यह मुकदमा छह नामजद अभियुक्तों सहित अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, अन्य कानूनी कार्रवाई अभी जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें रामकृष्ण उपाध्याय (43 वर्ष), निवासी एमएम-232, सेक्टर-डी, अलीगंज; वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62 वर्ष), निवासी 536/265 ए, मड़ियांव, सीतापुर रोड, लखनऊ; और तुषॉक कृष्णा जायसवाल (31 वर्ष), निवासी 441 आरएन/69/3, नीलकंठ हॉस्पिटल लेन, बालागंज, थाना ठाकुरगंज, लखनऊ शामिल हैं।
बिल्डिंग मालिक का फरार होना
अग्निकांड के बाद अलीगंज स्थित उस इमारत के मालिक बीपी शुक्ला के अपने निजी आवास पर ताला लगाकर परिवार सहित फरार हो जाने की जानकारी सामने आई है। घर के बाहर तैनात गार्ड ने बताया कि सोमवार सुबह से ही घर बंद है और परिवार के सदस्य वहाँ से जा चुके हैं। गार्ड के अनुसार, वह पिछले एक सप्ताह से वहाँ तैनात है और उसे केवल घर की रखवाली की जिम्मेदारी दी गई थी। ड्यूटी पर पहुँचने के बाद उसे आग लगने की घटना की जानकारी मिली।
आगे क्या होगा
पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जाँच कर रही है — अग्निकांड के कारणों, इमारत की अनुमति प्रक्रिया में संभावित चूक और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि बिल्डिंग मालिक का फरार होना जाँच को और जटिल बना सकता है। यह मामला उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक इमारतों की अग्नि सुरक्षा अनुपालन की व्यापक समस्या की ओर भी ध्यान दिलाता है।