11 अगस्त 2026
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लखनऊ अग्निकांड: योगी के आदेश पर चार अधिकारी निलंबित, तीन गिरफ्तार; बिल्डिंग मालिक बीपी शुक्ला फरार

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लखनऊ अग्निकांड: योगी के आदेश पर चार अधिकारी निलंबित, तीन गिरफ्तार; बिल्डिंग मालिक बीपी शुक्ला फरार

सारांश

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में CM योगी ने चार अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया, पुलिस ने तीन आरोपी दबोचे — लेकिन इमारत मालिक बीपी शुक्ला घर पर ताला लगाकर परिवार सहित फरार। BNS की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज, जाँच जारी।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों — गौरव कुमार (XEN), कमलेन्द्र कुमार सिंह (FSSO), अनिल कुमार (AE) और प्रमोद पांडे (JE) — को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
थाना अलीगंज में अपराध संख्या 115/2026 के तहत BNS धारा 110, 105, 125, 3(5) और UP अग्निशमन अधिनियम धारा 6/10 के तहत छह नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज।
तीन आरोपी — रामकृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62) और तुषॉक कृष्णा जायसवाल (31) — गिरफ्तार।
इमारत मालिक बीपी शुक्ला सोमवार सुबह से घर पर ताला लगाकर परिवार सहित फरार, पुलिस तलाश में।
पुलिस अग्निकांड के कारणों और जिम्मेदारी की विस्तृत जाँच कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद चार सरकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 22 जून 2026 को हुई इस घटना में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इमारत के मालिक बीपी शुक्ला के फरार होने की सूचना है।

निलंबित अधिकारी कौन हैं

प्रशासनिक कार्रवाई के तहत जिन चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता (XEN) कलेक्शन जानकीपुरम; कमलेन्द्र कुमार सिंह, अग्निशमन सुरक्षा अधिकारी (FSSO) इंदिरा नगर; अनिल कुमार, सहायक अभियंता (AE); और प्रमोद पांडे, जूनियर इंजीनियर (JE) शामिल हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देश के तत्काल बाद की गई, जो दर्शाती है कि शासन ने लापरवाही को गंभीरता से लिया है।

मुकदमा और कानूनी कार्रवाई

थाना अलीगंज में अपराध संख्या 115/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110, 105, 125, 3(5) तथा उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के अंतर्गत यह मुकदमा छह नामजद अभियुक्तों सहित अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, अन्य कानूनी कार्रवाई अभी जारी है।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें रामकृष्ण उपाध्याय (43 वर्ष), निवासी एमएम-232, सेक्टर-डी, अलीगंज; वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62 वर्ष), निवासी 536/265 ए, मड़ियांव, सीतापुर रोड, लखनऊ; और तुषॉक कृष्णा जायसवाल (31 वर्ष), निवासी 441 आरएन/69/3, नीलकंठ हॉस्पिटल लेन, बालागंज, थाना ठाकुरगंज, लखनऊ शामिल हैं।

बिल्डिंग मालिक का फरार होना

अग्निकांड के बाद अलीगंज स्थित उस इमारत के मालिक बीपी शुक्ला के अपने निजी आवास पर ताला लगाकर परिवार सहित फरार हो जाने की जानकारी सामने आई है। घर के बाहर तैनात गार्ड ने बताया कि सोमवार सुबह से ही घर बंद है और परिवार के सदस्य वहाँ से जा चुके हैं। गार्ड के अनुसार, वह पिछले एक सप्ताह से वहाँ तैनात है और उसे केवल घर की रखवाली की जिम्मेदारी दी गई थी। ड्यूटी पर पहुँचने के बाद उसे आग लगने की घटना की जानकारी मिली।

आगे क्या होगा

पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जाँच कर रही है — अग्निकांड के कारणों, इमारत की अनुमति प्रक्रिया में संभावित चूक और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि बिल्डिंग मालिक का फरार होना जाँच को और जटिल बना सकता है। यह मामला उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक इमारतों की अग्नि सुरक्षा अनुपालन की व्यापक समस्या की ओर भी ध्यान दिलाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इमारत को अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) किसने और किन शर्तों पर दिया था। निलंबित अधिकारियों में FSSO का नाम होना संकेत देता है कि निरीक्षण प्रक्रिया में चूक हुई — लेकिन क्या यह व्यक्तिगत लापरवाही थी या प्रणालीगत विफलता, यह जाँच तय करेगी। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कई व्यावसायिक भवन अग्निकांड हो चुके हैं; हर बार कार्रवाई होती है, लेकिन अनुपालन ढाँचा नहीं बदलता। बिल्डिंग मालिक का फरार होना दर्शाता है कि जवाबदेही की संस्कृति अभी भी कमज़ोर है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में किन अधिकारियों को निलंबित किया गया?
CM योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को निलंबित किया गया — गौरव कुमार (XEN, जानकीपुरम), कमलेन्द्र कुमार सिंह (FSSO, इंदिरा नगर), अनिल कुमार (AE) और प्रमोद पांडे (JE)। यह कार्रवाई हादसे के बाद लापरवाही की जाँच के तहत की गई है।
लखनऊ अग्निकांड में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है — रामकृष्ण उपाध्याय (43 वर्ष), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62 वर्ष) और तुषॉक कृष्णा जायसवाल (31 वर्ष)। मामले में छह नामजद आरोपियों पर BNS की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है और अन्य कार्रवाई जारी है।
बिल्डिंग मालिक बीपी शुक्ला क्यों फरार हैं?
अग्निकांड के बाद बीपी शुक्ला ने अपने निजी आवास पर ताला लगाकर परिवार सहित घर छोड़ दिया। घर के बाहर तैनात गार्ड के अनुसार सोमवार सुबह से घर बंद है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और उनकी भूमिका की जाँच की जा रही है।
लखनऊ अग्निकांड में कौन-सी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है?
थाना अलीगंज में अपराध संख्या 115/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110, 105, 125 और 3(5) तथा उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा छह नामजद अभियुक्तों और अन्य जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध है।
लखनऊ अग्निकांड की जाँच में आगे क्या होगा?
पुलिस अग्निकांड के कारणों, इमारत की अनुमति प्रक्रिया और सभी जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। फरार बिल्डिंग मालिक बीपी शुक्ला की तलाश जारी है और मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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