लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: एलडीए ने अवैध निर्माण पर चलाया बुलडोजर, एसआईटी ने घटनास्थल का किया बारीक निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने 23 जून को अलीगंज अग्निकांड वाले भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। जाँच में सामने आया कि अलीगंज सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या एमएस-102 का स्वीकृत मानचित्र आवासीय उपयोग के लिए था, लेकिन उसे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही निर्माण में स्वीकृत नक्शे से कई विचलन भी पाए गए।
एलडीए की कार्रवाई और नोटिस
प्रवर्तन जोन-4 ने भवन स्वामियों वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला एवं अन्य के खिलाफ नोटिस जारी किया है। उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 27(1) के तहत यह कार्रवाई प्रारंभ की गई है। भवन स्वामियों को 15 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
एलडीए ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब और वैध साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, तो भवन के अवैध हिस्सों को ध्वस्त करने सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम अवैध निर्माण और भवन मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान की शुरुआत माना जा रहा है।
एसआईटी की जाँच और घटनास्थल निरीक्षण
मंगलवार को दो सदस्यीय विशेष जाँच दल (एसआईटी) घटनास्थल पर पहुँचा। एसआईटी में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार शामिल हैं। दोनों अधिकारियों ने सुबह घटनास्थल पर पहुँचकर एक घंटे से अधिक समय तक पूरी बिल्डिंग का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। घटनास्थल निरीक्षण के बाद एसआईटी ने केजीएमयू में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनसे घटना की जानकारी ली।
अधिकारियों के बयान
अमृत अभिजात ने बताया कि घटनास्थल की विभिन्न प्रकार से फोटो ली गई हैं और साक्ष्य जुटाकर जाँच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अग्निकांड से संबंधित व्यक्तियों व विभागों से भी पूछताछ होगी और उसके बाद जाँच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
एडीजी प्रवीण कुमार ने कहा कि फॉरेंसिक टीम ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं, जिनके आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना से संबंधित हर विभाग के दायित्व को जाँच के दायरे में शामिल किया गया है और निर्धारित समय-सीमा में जाँच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और अब तक की कार्रवाई
गौरतलब है कि हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर घटनास्थल का मुआयना किया था। उन्होंने केजीएमयू में पीड़ितों से भी मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। एसआईटी को 7 दिन के भीतर अपनी जाँच रिपोर्ट सौंपनी है।
अब तक मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है। एलडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई और एसआईटी की तेज होती जाँच यह संकेत देती है कि प्रशासन इस मामले में किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है।