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पीलीभीत में अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर: नदी क्षेत्र की ज़मीन पर प्लॉटिंग करने वाले डीलरों पर कार्रवाई

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पीलीभीत में अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर: नदी क्षेत्र की ज़मीन पर प्लॉटिंग करने वाले डीलरों पर कार्रवाई

सारांश

पीलीभीत में प्रशासन ने नदी किनारे की ज़मीन पर बिना अनुमति कॉलोनी बसाने वाले प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ बुलडोजर चलाया। जिले में कुल 12 अवैध कॉलोनियां चिन्हित हैं, जिनमें से 4 पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है।

मुख्य बातें

पीलीभीत के मुड़ई पनिया गांव में नदी क्षेत्र की भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों पर 11 जून 2025 को बुलडोजर कार्रवाई हुई।
पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मुख्य कॉलोनी सहित आसपास की दो अन्य अवैध कॉलोनियों को भी ध्वस्त किया।
जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि नदी क्षेत्र की है और भूमि उपयोग व नक्शा स्वीकृति के नियमों का उल्लंघन किया गया था।
जिले में अब तक 12 अवैध कॉलोनियां चिन्हित; 4 पर कार्रवाई पूरी, शेष पर जांच जारी।
सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर ने स्पष्ट किया कि बिना वैधानिक अनुमति की किसी भी कॉलोनी को नहीं बख्शा जाएगा।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में प्रशासन ने 11 जून 2025 को अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए मुड़ई पनिया गांव स्थित नदी क्षेत्र की भूमि पर बुलडोजर चलाया। बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के नदी किनारे प्लॉटिंग और निर्माण कार्य करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया।

मुख्य घटनाक्रम

सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर ने बताया कि पिछले कई दिनों से सूचनाएं मिल रही थीं कि मुड़ई पनिया गांव में कुछ प्रॉपर्टी डीलर नदी किनारे की ज़मीन पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित कर रहे हैं। शिकायतों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जांच कराई गई, जिसमें स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि पर बिना आवश्यक अनुमतियों के प्लॉटिंग और विकास कार्य हो रहे थे।

प्रशासन ने पहले संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन प्रॉपर्टी डीलरों की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं आया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि जिस भूमि पर कॉलोनी बनाई जा रही थी, वह नदी क्षेत्र की ज़मीन है और उस पर आवासीय परियोजना विकसित करने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। भूमि उपयोग तथा नक्शा स्वीकृति से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन पाया गया।

ध्वस्तीकरण अभियान का विस्तार

बुधवार की शाम को प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल और राजस्व विभाग के सहयोग से मौके पर व्यापक अभियान चलाया। सिटी मजिस्ट्रेट तोमर के अनुसार, मुख्य कॉलोनी के आसपास दो अन्य कॉलोनियां भी अवैध रूप से विकसित की गई थीं, जिनका नक्शा संबंधित विभागों से स्वीकृत नहीं कराया गया था। इन कॉलोनियों में सड़कें और नालियां तक बना दी गई थीं। जांच में इन्हें भी अवैध पाए जाने के बाद प्रशासन ने वहां भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

जिले में अवैध कॉलोनियों की स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, पीलीभीत जिले में अब तक कुल 12 अवैध कॉलोनियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से चार कॉलोनियों पर कार्रवाई पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष कॉलोनियों के संबंध में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि बिना वैधानिक अनुमति के विकसित किसी भी कॉलोनी को बख्शा नहीं जाएगा।

आम जनता पर असर

यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है जो नदी क्षेत्र या अन्य प्रतिबंधित भूमि पर बिना नक्शा स्वीकृति के प्लॉट खरीद चुके हैं या खरीदने की योजना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वाले खरीदारों को न केवल आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि वे कानूनी पचड़े में भी फंस सकते हैं।

क्या होगा आगे

अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जिले में चिन्हित शेष 8 अवैध कॉलोनियों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत राज्य भर में अनधिकृत निर्माणों और अवैध भू-उपयोग पर शिकंजा कसा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस मामले में एक महत्वपूर्ण अंतर है — यहां निशाने पर आवासीय मकान नहीं, बल्कि नदी क्षेत्र की ज़मीन पर अवैध प्लॉटिंग करने वाले व्यावसायिक प्रॉपर्टी डीलर हैं। असली सवाल यह है कि जिन खरीदारों ने इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदे हैं, उनके हितों की रक्षा कौन करेगा। प्रशासन की जवाबदेही केवल ध्वस्तीकरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए — दोषी डीलरों पर आपराधिक कार्रवाई और पीड़ित खरीदारों को राहत का रोडमैप भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीलीभीत में किस जगह बुलडोजर कार्रवाई हुई?
यह कार्रवाई पीलीभीत जिले के मुड़ई पनिया गांव में नदी क्षेत्र की भूमि पर हुई, जहां प्रॉपर्टी डीलर बिना अनुमति के अवैध कॉलोनियां विकसित कर रहे थे। पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने 11 जून 2025 को यह अभियान चलाया।
पीलीभीत में कितनी अवैध कॉलोनियां चिन्हित हैं?
अधिकारियों के अनुसार जिले में अब तक कुल 12 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है। इनमें से 4 पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है और शेष 8 के संबंध में जांच व कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इन कॉलोनियों को अवैध क्यों माना गया?
जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि नदी क्षेत्र की है, जहां आवासीय निर्माण की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा प्लॉटिंग और विकास कार्य बिना भूमि उपयोग स्वीकृति और नक्शा अनुमति के किए जा रहे थे, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रशासन ने कार्रवाई से पहले क्या कदम उठाए?
सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर के अनुसार, कार्रवाई से पहले संबंधित प्रॉपर्टी डीलरों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब न मिलने पर ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया।
क्या शेष अवैध कॉलोनियों पर भी कार्रवाई होगी?
हां, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में चिन्हित शेष अवैध कॉलोनियों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि बिना वैधानिक अनुमति के विकसित किसी भी कॉलोनी को नहीं बख्शा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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