पीलीभीत में अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर: नदी क्षेत्र की ज़मीन पर प्लॉटिंग करने वाले डीलरों पर कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में प्रशासन ने 11 जून 2025 को अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए मुड़ई पनिया गांव स्थित नदी क्षेत्र की भूमि पर बुलडोजर चलाया। बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के नदी किनारे प्लॉटिंग और निर्माण कार्य करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया।
मुख्य घटनाक्रम
सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर ने बताया कि पिछले कई दिनों से सूचनाएं मिल रही थीं कि मुड़ई पनिया गांव में कुछ प्रॉपर्टी डीलर नदी किनारे की ज़मीन पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित कर रहे हैं। शिकायतों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जांच कराई गई, जिसमें स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि पर बिना आवश्यक अनुमतियों के प्लॉटिंग और विकास कार्य हो रहे थे।
प्रशासन ने पहले संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन प्रॉपर्टी डीलरों की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं आया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि जिस भूमि पर कॉलोनी बनाई जा रही थी, वह नदी क्षेत्र की ज़मीन है और उस पर आवासीय परियोजना विकसित करने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। भूमि उपयोग तथा नक्शा स्वीकृति से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन पाया गया।
ध्वस्तीकरण अभियान का विस्तार
बुधवार की शाम को प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल और राजस्व विभाग के सहयोग से मौके पर व्यापक अभियान चलाया। सिटी मजिस्ट्रेट तोमर के अनुसार, मुख्य कॉलोनी के आसपास दो अन्य कॉलोनियां भी अवैध रूप से विकसित की गई थीं, जिनका नक्शा संबंधित विभागों से स्वीकृत नहीं कराया गया था। इन कॉलोनियों में सड़कें और नालियां तक बना दी गई थीं। जांच में इन्हें भी अवैध पाए जाने के बाद प्रशासन ने वहां भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
जिले में अवैध कॉलोनियों की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, पीलीभीत जिले में अब तक कुल 12 अवैध कॉलोनियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से चार कॉलोनियों पर कार्रवाई पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष कॉलोनियों के संबंध में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि बिना वैधानिक अनुमति के विकसित किसी भी कॉलोनी को बख्शा नहीं जाएगा।
आम जनता पर असर
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है जो नदी क्षेत्र या अन्य प्रतिबंधित भूमि पर बिना नक्शा स्वीकृति के प्लॉट खरीद चुके हैं या खरीदने की योजना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वाले खरीदारों को न केवल आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि वे कानूनी पचड़े में भी फंस सकते हैं।
क्या होगा आगे
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जिले में चिन्हित शेष 8 अवैध कॉलोनियों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत राज्य भर में अनधिकृत निर्माणों और अवैध भू-उपयोग पर शिकंजा कसा जा रहा है।