उत्तराखंड में अवैध प्लॉटिंग पर बड़ी कार्रवाई, सूचना महानिदेशक ने खरीदारों को दी ये अहम चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड सरकार ने 18 जून 2025 को अवैध प्लॉटिंग और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध अपना अभियान और तेज़ कर दिया है। राज्य में जारी व्यापक बुलडोजर कार्रवाई के बीच सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जमीन खरीदने से पहले संबंधित प्राधिकरण से पूरी जाँच करें और केवल स्वीकृत लेआउट वाली परियोजनाओं में ही निवेश करें। यह अपील ऐसे समय में आई है जब देहरादून सहित कई जिलों में अवैध कॉलोनियों पर सरकारी शिकंजा कसता जा रहा है।
अवैध प्लॉटिंग के दो प्रमुख प्रकार
बंशीधर तिवारी ने बताया कि राज्य में मुख्यतः दो तरह की अवैध प्लॉटिंग सामने आ रही है। पहली — आवासीय भूमि पर बिना आवश्यक अनुमतियों के प्लॉट काटकर बेचे जाते हैं। दूसरी — कृषि भूमि को नियमों के विरुद्ध आवासीय प्लॉट के रूप में बाज़ार में उतारा जाता है। दोनों ही स्थितियों में खरीदारों को बाद में भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने में गंभीर परेशानियाँ झेलनी पड़ती हैं, क्योंकि ऐसी जमीनें नियमानुसार आवासीय उपयोग के लिए अनुमोदित नहीं होतीं।
सरकार की कार्रवाई और जागरूकता अभियान
तिवारी ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग से संबंधित जानकारी अब सरकारी वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दी गई है। इससे कोई भी नागरिक जमीन खरीदने से पहले यह सत्यापित कर सकता है कि संबंधित भूखंड किसी अवैध परियोजना का हिस्सा तो नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का यह अभियान सतत जारी रहेगा और आम जनता को जागरूक करना इसका अभिन्न हिस्सा है।
खरीदारों के लिए अहम सलाह
सूचना महानिदेशक ने मीडिया के माध्यम से जनता से अपील की कि आवासीय परियोजनाओं के लिए केवल उन्हीं भूखंडों की खरीद करें जो संबंधित विकास प्राधिकरण या नगर निकाय द्वारा स्वीकृत लेआउट का हिस्सा हों। उन्होंने कहा कि कई बार लोग सस्ती जमीन के लालच में बिना जाँचे खरीद लेते हैं और बाद में कानूनी उलझनों में फँस जाते हैं।
योग दिवस की तैयारियाँ भी जोरों पर
इसी बैठक में बंशीधर तिवारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के आवास पर योग दिवस से पहले एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है और योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त विकास प्राधिकरण की ओर से सुबह 7 बजे से एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी नागरिकों को आमंत्रित किया गया है।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार का बुलडोजर अभियान आने वाले हफ्तों में और व्यापक रूप लेने की संभावना है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में भूमि से जुड़े विवाद लंबे समय से एक संवेदनशील मुद्दा रहे हैं, और अवैध कॉलोनियों के कारण बड़ी संख्या में मध्यम वर्गीय परिवारों की मेहनत की कमाई दाँव पर लगती रही है। सरकार की यह पहल यदि निरंतर और पारदर्शी तरीके से लागू हुई, तो इससे भूमि बाज़ार में एक सकारात्मक बदलाव आ सकता है।