लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: 'बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था', 15 मौतों पर परिजनों का दर्द फूटा
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज इलाके में 23 जून 2025 को एक व्यावसायिक इमारत में भड़की भीषण आग ने 15 युवाओं की जान ले ली — जिनमें अधिकांश की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच थी। मृतकों में 28 वर्षीय संयम विज और 25 वर्षीय सूरजभान सिंह भी शामिल हैं, जो एनीमेशन क्षेत्र में कार्यरत थे। हादसे के बाद शोकाकुल परिजनों ने इमारत की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
परिजनों का दर्द और आपबीती
संयम विज के मामा गौरव ने बताया कि परिवार को हादसे की जानकारी सोमवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच एक दोस्त के फोन से मिली। उन्होंने कहा, 'एक दोस्त ने संयम की माँ को इस घटना के बारे में बताया — खबर मिलते ही हम तुरंत कार से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।' गौरव ने बताया कि संयम पिछले पाँच वर्षों से एनीमेशन क्षेत्र में काम कर रहे थे और हर वीकेंड घर आते थे। उन्होंने भावुक होते हुए जोड़ा, 'उन्हें उसी दिन घर आना था, क्योंकि परिवार में उनकी दादी के निधन का शोक चल रहा था।'
परिवार के एक अन्य सदस्य ने इमारत की सुरक्षा व्यवस्था पर तीखा आरोप लगाया। उनके अनुसार, 'इमारत में न तो उचित सीढ़ियाँ थीं और न ही आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता। ऐसी स्थिति में इस जगह को संचालित करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए थी।'
सूरजभान के परिजन अभी भी जानकारी जुटाने में
सूरजभान सिंह के भाई सुधीर ने बताया कि परिवार अभी भी हादसे की पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हमें बताया गया है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, लेकिन अभी हमारे पास पूरी जानकारी नहीं है।' सूरजभान भी एक एनीमेशन कंपनी में कार्यरत थे।
मृतकों की पहचान
प्रशासन के अनुसार, 15 मृतकों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में शाहजान, सुखमनी सिंह, आदित्य श्रीवास्तव, ज्वानिल चक्रवर्ती, सागर पंत, निलेश, संयम, भविष्य, ज्योति, अब्दुल रहमान, अनामिका सामंत, सूरज सिंह, मोहम्मद अम्मार, तीजराज और पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना निवासी सोमाल्या शामिल हैं। हादसे में घायल लवप्रीत और जयंत का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में जारी है।
एफआईआर और गिरफ्तारियाँ
पुलिस ने अलीगंज थाने में इमारत मालिकों और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 105, 110, 125 और 3(5) के तहत छह नामजद आरोपियों पर मामला दर्ज किया है। अब तक इमारत मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषांक कृष्ण जायसवाल और स्टूडियो संचालक सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस आग से जुड़ी सुरक्षा खामियों और अन्य लापरवाहियों की जाँच कर रही है।
आगे क्या
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई शहरों में व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक गंभीर चिंता बनी हुई है। गौरतलब है कि अलीगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में बिना पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था के चलने वाले प्रतिष्ठानों पर अब प्रशासनिक जवाबदेही की माँग तेज होने की उम्मीद है।