CM योगी का जनता दर्शन: इलाज से आवास तक, हर जरूरतमंद को सरकारी मदद का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून 2026 को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' के दौरान प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि चाहे आर्थिक सहायता की बात हो या आवास की, राज्य सरकार हर जरूरतमंद के साथ मजबूती से खड़ी है। यह उनके गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन आयोजित जनसुनवाई थी, जिसमें करीब 200 फरियादी सीएम से मिले।
इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ें
चिकित्सा सहायता के लिए गुहार लगाने आए लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'आप एस्टिमेट बनवाइए और मरीज का ध्यान रखिए, इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दीजिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा और यदि इसके बाद भी आवश्यकता पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड समयबद्ध तरीके से बनाया जाए।
आवास के लिए भी मिला भरोसा
आवास की माँग लेकर पहुँचे फरियादियों को भी मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार निरंतर प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास दिला रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
पुलिस-राजस्व मामलों में लेटलतीफी पर कड़ा रुख
जनता दर्शन में कुछ फरियादियों ने पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में देरी की शिकायत की। सीएम योगी ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी (DM) को मामले में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आवास, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, राजस्व और पुलिस से जुड़े सभी मामलों का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना अनिवार्य है।
परंपरागत दिनचर्या: गोसेवा से बच्चों का आशीर्वाद
सोमवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ का आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की और अपने हाथों से गोवंश को गुड़-रोटी खिलाई। मंदिर परिसर भ्रमण के दौरान वे परिजनों के साथ आए बच्चों से मिले, उन्हें चॉकलेट दी और पढ़ाई के बारे में पूछा।
आगे की राह
यह जनता दर्शन सीएम योगी की उस शासन-शैली का हिस्सा है जिसमें वे सीधे जनता से संवाद कर प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा अपेक्षित है, जिससे यह देखा जा सकेगा कि जनता दर्शन में लिए गए संकल्प ज़मीन पर कितने उतरते हैं।