गोरखपुर जनता दर्शन: CM योगी ने 200 फरियादियों की सुनी पीड़ा, आयुष्मान कार्ड व विवेकाधीन कोष से मदद का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून 2025 को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर 'जनता दर्शन' आयोजित किया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुँचे लगभग 200 फरियादियों ने अपनी समस्याएँ सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष व समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्य घटनाक्रम
जनता दर्शन में पुलिस और राजस्व संबंधी शिकायतों की संख्या सर्वाधिक रही। मुख्यमंत्री योगी ने इन मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व संबंधी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी और पीड़ितों को निर्धारित समयसीमा के भीतर न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य सहायता पर सरकार का आश्वासन
इलाज के लिए आर्थिक सहायता माँगने आए परिजनों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उपचार की चिंता सरकार पर छोड़ें। उन्होंने घोषणा की कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएँगे तथा जिन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है, उन्हें विवेकाधीन कोष से भी मदद दिलाई जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि हर पात्र व्यक्ति को आयुष्मान योजना का लाभ मिले।
परंपरागत दिनचर्या और बच्चों से स्नेह
जनता दर्शन से पहले रविवार की सुबह मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ का आशीर्वाद लेने के बाद मंदिर की गोशाला में गोसेवा की और गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाई। मंदिर परिसर भ्रमण के दौरान परिजनों के साथ आए बच्चों को पास बुलाकर उनसे पढ़ाई की बात की और उन्हें चॉकलेट भेंट की। जनता दर्शन के दौरान भी बच्चों को चॉकलेट देते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने का आशीर्वाद दिया।
आम जनता पर असर
यह जनता दर्शन उन नागरिकों के लिए सीधी पहुँच का माध्यम बना जो जिला स्तर पर अपनी समस्याओं का समाधान नहीं पा सके थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नियमित रूप से गोरखपुर प्रवास के दौरान जनता दर्शन आयोजित करते हैं, जो उनके प्रशासनिक मॉडल की पहचान बन चुकी है।
क्या होगा आगे
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, सभी मामलों की अनुपालन रिपोर्ट तय समयसीमा में माँगी जाएगी।