मेरठ में ललिता गौतम के परिजनों से मिले अखिलेश यादव, बोले — कमज़ोर धाराएँ लगाकर न्याय से हो रहा खिलवाड़
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार, 11 जुलाई 2026 को मेरठ पहुँचकर दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में पूरी तरह साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। उन्होंने माँग की कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पीड़ित परिवार की सभी माँगें तत्काल पूरी करे और मृतक छात्रा को न्याय दिलाए।
आरोप: कमज़ोर धाराएँ और दोहरा रवैया
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ललिता गौतम के साथ कथित अत्याचार और हत्या के मामले में नामज़द आरोपियों पर कमज़ोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि आंदोलन करने वालों पर गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं। उन्होंने इसे 'नाइंसाफ़ी की पराकाष्ठा' बताते हुए कहा कि इस दोहरे रवैये से न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
सपा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस से न्याय की उम्मीद रखी जाती है, उसके वरिष्ठ अधिकारियों का व्यवहार आम जनता का भरोसा तोड़ने वाला है। यादव ने दावा किया कि एक पुलिस अधिकारी के व्यवहार का वीडियो देश-विदेश में वायरल होने से उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को नुकसान पहुँचा है और इससे कर्तव्यनिष्ठ एवं संवेदनशील पुलिसकर्मी भी असहज महसूस कर रहे होंगे।
महिला सुरक्षा पर चिंता
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति सरकार का रवैया चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग ही शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं, तब पुलिस से न्याय की अपेक्षा करना और कठिन हो जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में दलित महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो रही है।
पीडीए का संदेश और राजनीतिक चेतावनी
यादव ने पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा, 'पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा।' उन्होंने BJP सरकार पर निशाना साधते हुए जोड़ा कि जनता अब भाषण नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही चाहती है। व्यंग्यात्मक अंदाज़ में उन्होंने कहा, 'जब वो खुद ही बेलगाम है, जिसके हाथ में लगाम है, तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान हैं।' आने वाले दिनों में सपा इस मुद्दे को और तेज़ी से उठाने का संकेत दे रही है।